फेनेस्टा ओपन में खुशी कादियान का जलवा, एक साथ जीते तीन खिताब

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नई दिल्ली : अंडर-16 डबल्स का खिताब जीतने के एक दिन बाद ही हरियाणा की खुशी कादियान ने शनिवार को 31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में गर्ल्स अंडर-16 और अंडर-14 सिंगल्स खिताब जीतकर गज़ब की हैट्रिक मारी है। इस जीत के साथ एक शानदार सप्ताह का समापन हुआ।

दिन की शुरुआत के साथ कादियान ने अंडर-16 सिंगल्स फाइनल में रंजना संग्राम के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद 7-6 (7-3), 7-5 से मैच जीत लिया।

इसके बाद, दोपहर में वे फिर से कोर्ट में उतरीं और इस बार अंडर-14 सिंगल्स फाइनल में दूसरे दर्जे की खिलाड़ी सिद्धि पांडे के साथ एक घंटे 16 मिनट की संघर्ष के बाद 6-3, 6-2 से जीत हासिल की।

अंडर-18 चैंपियन रिभव सरोहा ने जीता अंडर-16 का भी खिताब

दिन के दूसरे मैच के बाद कादियान ने कहा, “यह मैच मेरे लिए बहुत मायने रखता है और इन खिताबों को जीतकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। पूरा हफ्ता मेरे लिए बहुत शानदार रहा, जिसमें मैंने एक हफ्ते के अंदर लगातार 15 मैच खेले हैं।

यह मेरे लिए एक परीक्षा थी और मैं इस परीक्षा में सफलतापूर्वक कामयाबी हासिल कर पाई हूँ। मुझे बहुत खुशी है कि मेरी कड़ी मेहनत रंग लाई। यह हमारा सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और मैं अपने करियर में कम से कम एक बार इसे जीतना चाहती थी।”

कादियान ने अपने माता-पिता और कोचिंग टीम को धन्यवाद दिया और बताया कि उनके इस सफ़र में इन लोगों की एक बड़ी भूमिका रही है जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया है। इस जीत से उन्हें पिछले नेशनल टूर्नामेंट की कुछ दुखद यादों को भूलकर आगे बढ़ने में मदद मिली है।

उन्होंने आगे कहा, “मैं दूसरों के लिए एक प्रेरणा बनना चाहती हूँ। मेरे माता-पिता और खासकर मेरे कोच ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया है। वे सभी मुझे हमेशा सपोर्ट करते हैं। मुझे बहुत खुशी है कि वो मेरे साथ हैं, मेरी हर जीत पर तालियां बजाते हैं और मेरा हौसला बढ़ाते हैं।

कुछ साल पहले, अंडर-12 नेशनल्स के दौरान मैं बुरी तरह घायल हो गई थी। मैं उस टूर्नामेंट को जीतना चाहती थी, लेकिन जीत नहीं पाई। इसलिए, इस बार मैं हर हाल में नेशनल्स जीतना चाहती थी और इसे जीतकर मैं बहुत खुश हूँ।”

अंडर-14 डबल्स विजेता पुनीत मनोहर बॉयज अंडर-14 सिंगल्स में भी चैंपियन

चंडीगढ़ के रिभव सरोहा ने भी इस हफ्ते अंडर-16 डबल्स का ख़िताब जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है, पिछले हफ्ते अंडर-18 खिताब जीतने के बाद यह नई जीत उनके लिए सोने पे सुहागा जैसा है।

मैच के दौरान, पहले दर्जे के खिलाड़ी रिभव ने फाइनल में अनसीडेड यशविन दहिया को एक घंटे 32 मिनट में 6-2, 6-3 से हराया। सरोहा ने कहा, “सच कहूं तो बहुत खुशी हो रही है।

यह मेरे लिए वाकई एक बहुत खास एहसास है। यह एक नेशनल और बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है, जिसे जीतकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जिन्होंने इस सफलता में मेरा साथ दिया है।”

सरोहा ने बताया कि अंडर-18 खिताब जीतने के लिए उन्हें बड़ी उम्र के खिलाड़ियों से मुकाबला करना पड़ा, जिससे यह जीत उनके लिए ज्यादा खास बन गई है। “मेरे लिए अंडर-18 जीतना वाकई में बहुत खास एहसास है। अपने से बड़ी उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना और अंडर-18 खिताब जीतना, यह सब सच में बहुत खास अनुभव रहा है।”

इस मौके पर, फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और बिजनेस हेड साकेत जैन, भारतीय हॉकी खिलाड़ी और 2026 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता ज्योति रुमावत, और एशियन गेम्स शूटिंग में रजत पदक विजेता नीरज कुमार ने मुख्य अतिथि के तौर पर समारोह की शोभा बढ़ाई और पुरस्कार वितरण समारोह में मौजूद रहे।

पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान साकेत जैन ने कहा, “इतनी छोटी सी उम्र में नेशनल टूर्नामेंट में जगह बनाना अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है।

यह खास मौका पाने के लिए अनगिनत घंटों का अभ्यास, त्याग, अनुशासन और सबसे बढ़कर, प्रतिस्पर्धा करने का साहस चाहिए। हम अपने अंडर-16 और अंडर-14 खिलाड़ियों की प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हैं।

हम तीन दशकों से भी ज्यादा समय से ‘फेनेस्टा ओपन’ के ज़रिए भारतीय टेनिस से जुड़े रहे हैं। चैंपियन बनाने के लिए सिर्फ प्रतिभा ही काफ़ी नहीं होती। इसीलिए इस साल हम एक नई प्रतिबद्धता कर रहे हैं।

चैंपियनशिप की पुरस्कार राशि के अलावा, हमने 11 लाख रुपये की ‘प्लेयर डेवलपमेंट स्कॉलरशिप’ शुरू की है, जिससे विजेताओं और उप-विजेताओं को आगे के सफ़र में सहारा मिलेगा। इस स्कॉलरशिप के ज़रिए खिलाड़ी अपने विकास के ज़रूरी पहलुओं—जैसे कोचिंग, फिजियोथेरेपी, फिटनेस और टेनिस उपकरणों—पर निवेश कर सकेंगे।”

ज्योति रुमावत ने कहा, “युवा टेनिस खिलाड़ियों को इतने जोश और दृढ़ता के साथ मुकाबला करते देखना बड़े ही गर्व की बात है। टेनिस की उभरती प्रतिभाओं के लिए फेनेस्टा नेशनल टेनिस चैंपियनशिप जैसे आयोजन आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मंच है। ऐसे मंच युवाओं को खेल जगत में प्रगति करने और नई ऊंचाइयां छूने की प्रेरणा देते हैं।”

नीरज कुमार ने कहा, “खेल आपको अनुशासन, फोकस और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना सिखाते हैं—ये ऐसे गुण हैं जो जीवन के हर क्षेत्र में काम आते हैं।

हमारे युवा टेनिस खिलाड़ियों को फेनेस्टा के नेशनल चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है, जो दूसरों के लिए भी प्रेरणादायी है। मुझे उम्मीद है कि वे इसी तरह कड़ी मेहनत करते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे।”

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इस बीच, कर्नाटक के पुनीत मनोहर ने शुक्रवार को डबल्स का खिताब जीतने के बाद, बॉयज अंडर-14 सिंगल्स का खिताब भी अपने नाम कर लिया है। फाइनल में, दूसरे दर्जे के खिलाड़ी पुनीत मनोहर ने पाँचवे दर्जे के खिलाड़ी एस. चिंतागुंटा को एक घंटे 28 मिनट में 6-3, 6-2 से हराया।

मैच के बाद मनोहर ने कहा, “मुझे टूर्नामेंट में जीतने की बहुत खुशी हो रही है। स्कोर 6-3, 6-2 रहा, लेकिन मेरे प्रतिद्वंद्वी ने बराबर की टक्कर दी। मुझे खुशी है कि जीत मेरी हुई। अंडर-14 जीतने के बाद अब मेरा पूरा ध्यान अंडर-18 वर्ल्ड टेनिस टूर पर रहेगा।”

बॉयज अंडर-16 सिंगल्स फाइनल
  • रिभव सरोहा [1] डिफीटेड यशविन दहिया 6-2, 6-3
  • गर्ल्स अंडर-16 सिंगल्स फाइनल
  • ख़ुशी कादियान [14] डिफीटेड रांझना संग्राम 7-6 (7-3), 7-5
  • बॉयज अंडर-14 सिंगल्स फाइनल
  • पुनीथ मनोहर [2] डिफीटेड एस चिंतागुंटा [5] 6-3, 6-2
  • गर्ल्स अंडर-14 सिंगल्स फाइनल
    ख़ुशी कादियान [5] डिफीटेड सिद्धि पांडे [2] 6-3, 6-2

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