फेनेस्टा ओपन : यूपी के मान केशरवानी ने जीती पुरुष एकल की विजेता ट्रॉफी

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नई दिल्ली : पहले दर्जे की खिलाड़ी वैदेही चौधरी और छठे दर्जे के खिलाड़ी यूपी के मान केशरवानी ने शनिवार को नई दिल्ली के डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में आयोजित 31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में क्रमशः विमेंस और मेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है।

महिला एकल में वैदेही चौधरी ने तीसरी बार पहना विजेता का ताज

साल 2022 और 2024 में भी चैंपियन रह चुकीं वैदेही चौधरी ने 2 घंटे 15 मिनट तक चले इस बेहद कांटे के और रोमांचक मुकाबले में 20 वर्षीय श्रुति अहलावत को 6-4, 7-5 से मात दी। इस धमाकेदार जीत के साथ उन्होंने तीसरी बार फेनेस्टा ओपन के प्रतिष्ठित ताज पर अपना कब्जा जमा लिया है।

ऋभव सरोहा और पार्थसारथी मुंडे बॉयज और गर्ल्स अंडर-18 सिंगल्स में चैंपियन

इस ऐतिहासिक जीत के बाद वैदेही चौधरी ने कहा, “मुझे खुद पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरा तीसरा खिताब है, इसलिए ज़ाहिर तौर पर इस समय मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं है।”

“पहले सेट में मैं 5-3 से आगे थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लड़ती रही। यहाँ तक कि दूसरे सेट में भी मैं 5-3 से आगे चल रही थी और उन्होंने आखिरी तक ज़बरदस्त मुकाबला किया। वाकई, यह एक बेहद शानदार और कांटे की टक्कर थी।”

वहीं दूसरी ओर, मेंस सिंगल्स फाइनल में यूपी के मान केशरवानी ने तीसरे दर्जे के खिलाड़ी नितिन सिन्हा को 1 घंटे 37 मिनट में 6-0, 6-4 से शिकस्त देकर अपने करियर का पहला फेनेस्टा ओपन खिताब अपने नाम किया।

केशरवानी मैच की शुरुआत से ही तगड़ा प्रदर्शन कर रहे थे और बिना एक भी गेम गंवाए पहला सेट 6-0 से जीत लिया। हालाँकि, दूसरे सेट में कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन केशरवानी ने 3-2 के स्कोर पर एक बड़ा सर्विस ब्रेक हासिल किया और फिर अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए मैच को अपने नाम कर लिया।

अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद भावुक होते हुए मान केशरवानी ने कहा, “पहला सेट काफी आसान रहा, लेकिन मैं अपने प्रतिद्वंदी को बधाई देना चाहूँगा।

उन्हें थोड़ी चोट आई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक मुकाबला किया। मुझे उन पर गर्व है। दूसरे सेट में मैच थोड़ा डगमगाया था, लेकिन 3-2 के स्कोर पर मैंने उनकी सर्विस ब्रेक की, और उसके बाद बस अपनी सर्विस बचाते हुए मैच जीत लिया। यह मेरा पहला फेनेस्टा खिताब है।

पिछले 4 सालों से, मैं हर फेनेस्टा ओपन के पहले ही दौर में हार जाता था। इस बार मैं सीधे फाइनल में पहुँचा और चैंपियन बना। मैं इस समय बेहद भावुक हूँ, अपनी इस ख़ुशी को शब्दों में बयां करना मेरे लिए मुश्किल है। मैं अपने माता-पिता का धन्यवाद करना चाहता हूँ, जिन्होंने हर मोड़ पर मेरा साथ दिया।”

इस शानदार टूर्नामेंट के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित राजपाल;

फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स के कार्यकारी निदेशक और बिजनेस हेड साकेत जैन; भारतीय हॉकी खिलाड़ी व 2026 एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट जुगराज सिंह और चार बार फेनेस्टा ओपन चैंपियन रह चुकीं व डीएलटीए की कोषाध्यक्ष प्रेरणा भांबरी मौजूद रहीं। उन्होंने विजेताओं को ट्रॉफियां दें उन्हें सम्मानित किया।

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पुरस्कार वितरण समारोह के बाद हॉकी स्टार जुगराज सिंह ने कहा, “यहाँ आकर मुझे बेहद ख़ुशी हो रही है। मैं पहली बार टेनिस नेशनल्स का कोई मुकाबला लाइव देख रहा हूँ।

इन मैचों में गजब की फुर्ती देखने को मिली। उनके शानदार शॉट्स, बॉल को रिसीव करने का तरीका और उनका बेहतरीन फुटवर्क—मैचों का यह रोमांच देखकर मेरा दिल खुश हो गया। मैं जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई देता हूँ और इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।”

जैन जी ने फेनेस्टा ओपन के जरिए भारतीय टेनिस और डीसीएम श्रीराम के लगभग तीन दशकों पुराने गहरे संबंध पर प्रकाश डाला और खिलाड़ियों को तराशने के अपने संकल्प पर मजबूत प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने आगे कहा, “डीसीएम श्रीराम में हम विकास के इस सफ़र पर गहरा विश्वास रखते हैं। फेनेस्टा ओपन के जरिए भारतीय टेनिस के साथ हमारा यह नाता पिछले तीन दशकों से भी ज्यादा पुराना है।

“इस बार चैंपियनशिप के प्राइज मनी के अलावा, हमने अपने सीएसआर बजट से ₹11 लाख की एक विशेष ‘प्लेयर डेवलपमेंट स्कॉलरशिप’ की शुरुआत की है, जो आगे के सफ़र में विजेताओं और उपविजेताओं के लिए मददगार होंगी।

इस स्कॉलरशिप की मदद से खिलाड़ी अपने सबसे जरूरी पहलुओं—जैसे कोचिंग, फिजियोथेरेपी, फिटनेस और टेनिस इक्विपमेंट्स पर निवेश कर सकेंगे। हमें उम्मीद है कि हमारी यह पहल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और अपने सपनों को पूरे आत्मविश्वास के साथ पूरा करने की ताकत देगी।”

बॉयज अंडर-18 सिंगल्स फाइनल में 16 वर्षीय 10 वें दर्जे के खिलाड़ी ऋभव सरोहा ने चौथे दर्जे के खिलाड़ी ओम रमेश पटेल को 6-4, 6-3 से शिकस्त देकर ट्राफी अपने नाम कर ली।

सरोहा ने कहा, “मैं इससे पहले भी ओम के साथ कई बार खेल चुका हूँ और इस मैच से पहले हमारा हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 3-3 की बराबरी पर था। मैं अच्छी तरह जानता था कि वह एक ऐसा खिलाड़ी है जो आसानी से कोई बॉल मिस नहीं करता, इसलिए मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी।

मैं पूरी तरह तैयार होकर आया था कि मुझे बढ़िया शॉट देना है, ओम की तरह डटे रहना होगा और साथ ही अपने खेल में आक्रामकता भी बनाए रखनी होगी। मैंने वाकई बहुत अच्छा खेल दिखाया। मैंने डटे रहने और आक्रामक बने रहने की रणनीति अपनाई, और मैं मैच जीत गया।”

“मैंने तीन साल पहले पहली बार फेनेस्टा ओपन खेला था, तब मैंने अंडर-14 के क्वालिफाइंग राउंड में हिस्सा लिया था। मेरे लिए यह इंडियन ग्रैंड स्लैम जैसा है।

यहाँ की सुविधाएं सचमुच लाजवाब हैं और हर चीज़ बिल्कुल परफेक्ट है। इन कोर्ट्स में खेलना एक शानदार अनुभव है और महज 16 साल की उम्र में अंडर-18 फेनेस्टा नेशनल चैंपियनशिप जीतकर मैं बेहद खुश हूँ।”

गर्ल्स अंडर-18 सिंगल्स फाइनल मुकाबले में दूसरे दर्जे की खिलाड़ी पार्थसारथी मुंडे ने सातवें दर्जे की खिलाड़ी अहान अहान को 6-3, 6-4 से मात देकर ट्रॉफी जीत ली। अपनी इस शानदार जीत के बाद पार्थसारथी मुंडे ने कहा, “यह मैच बहुत मुश्किल था, लेकिन वाकई एक बेहतरीन मुकाबला था।

वह लगातार कड़ा मुकाबला दे रही थीं और मैच के दौरान हमारे बीच कांटे की टक्कर बनी रही। सच कहूँ तो इस पूरे टूर्नामेंट का अनुभव मेरे लिए बेहद शानदार रहा। पांच महीने के ब्रेक के बाद यह मेरा पहला टूर्नामेंट था। वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाना और जीत हासिल करना मेरे लिए एक यादगार अनुभव है।”

अब हमारी नज़रें फेनेस्टा ओपन के अंडर-16 और अंडर-14 मुकाबलों पर टिकी हैं, जो अगले हफ्ते से डीएलटीए में शुरू होने जा रही हैं।

मेंस सिंगल्स फाइनल के परिणाम

मान केशरवानी [6] ने नितिन सिन्हा [3] 6-0, 6-4 को हराया

वीमेन सिंगल्स फाइनल के परिणाम

वैदेही चौधरी [1] ने श्रुति अहलावत [2] 6-4, 7-5 को हराया

बॉयज अंडर-18 सिंगल्स फाइनल के परिणाम

रिभव सरोहा [10] ने ओम रमेश पटेल [4] 6-4, 6-3 को हराया

गर्ल्स अंडर-18 सिंगल्स फाइनल के परिणाम

पार्थसारथी मुंडे [2] ने अहान अहान [7] 6-3, 6-4 को हराया

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