एशियन पैरा गेम्स में प्राची पांडेय ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला पदक

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गांधीनगर। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडेय ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

साई एनसीओई गांधीनगर और खेलो इंडिया की खिलाड़ी ने महिला एकल क्लास-6 में जीता कांस्य

साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई), गांधीनगर और खेलो इंडिया कार्यक्रम से जुड़ी प्राची ने महिला एकल क्लास-6 स्पर्धा में यह पदक जीता। एशियन पैरा गेम्स में पदार्पण कर रहीं प्राची ने इस स्पर्धा में भारत को पहला पदक दिलाकर देश का मान बढ़ाया।

विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर काबिज प्राची को सेमीफाइनल में इराक की नजला अल-दय्येनी की चुनौती का सामना करना पड़ा, जो विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं और मौजूदा पैरालंपिक एवं एशियन पैरा गेम्स चैंपियन हैं। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच प्राची का पदक तक पहुंचना भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका प्रदर्शन दृढ़ संकल्प, संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण की मिसाल है।

इंजीनियरिंग से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक का सफर

उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्राची पांडेय का जन्म 15 जनवरी 1993 को हुआ था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ से एमटेक की डिग्री हासिल की। वर्ष 2020 से 2023 तक उन्होंने फुल-स्टैक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने पैरा टेबल टेनिस को अपना पूर्णकालिक लक्ष्य बनाते हुए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया।

प्राची एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से जूझ रही हैं, जो उनकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित करती है। इसके बावजूद उन्होंने चुनौतियों को अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया और लगातार अपने खेल को निखारती रहीं। महिला एकल क्लास-6 में प्रतिस्पर्धा करने वाली प्राची ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से मुश्किल परिस्थितियों में भी नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी रहा शानदार प्रदर्शन

प्राची ने वर्ष 2022 और 2023 में राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप की महिला एकल स्पर्धा का खिताब जीता। दिसंबर 2023 में आयोजित पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2025 के खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्राची ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने वर्ष 2023 में ब्राजील पैरा ओपन में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) पदक जीता। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए।

वर्ष 2026 में आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर गोल्ड कोस्ट में उन्होंने रजत पदक जीता। इसी वर्ष आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर नाखोन रत्चासिमा में कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं, वर्ष 2025 में आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा चैलेंजर काऊशुंग और आईटीटीएफ वर्ल्ड पैरा फ्यूचर कोस्टा ब्रावा में भी कांस्य पदक हासिल किए।

प्राची अब तक आईटीटीएफ रैंकिंग प्रतियोगिताओं में कुल 12 पदक जीत चुकी हैं। इनमें चार रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं। एशियन पैरा गेम्स का कांस्य पदक उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।

साई और खेलो इंडिया के सहयोग से मिली उड़ान

प्राची की इस सफलता में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की संस्थागत व्यवस्था की भी अहम भूमिका रही है। साई एनसीओई गांधीनगर और खेलो इंडिया कार्यक्रम से जुड़ी प्राची को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए सहयोग तथा केंद्र में प्रशिक्षण और आवास की सुविधाएं मिलती हैं।

इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता ने भी उनकी अंतरराष्ट्रीय तैयारियों को मजबूती दी। उपलब्ध खिलाड़ी प्रोफाइल के अनुसार, एशियन पैरा गेम्स 2026 की तैयारी के दौरान प्राची को एसीटीसी के तहत 26,86,099 रुपये की सहायता प्रदान की गई।

एशियन पैरा गेम्स में प्राची पांडेय का कांस्य पदक साई एनसीओई गांधीनगर, खेलो इंडिया और भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए गौरव का क्षण है।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र से खेलों में पूर्णकालिक करियर बनाने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। प्राची की यह उपलब्धि बताती है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी हों, दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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