हाईलाइट्स
- सनाथोई सिंह ने इंजरी टाइम में किया निर्णायक गोल
- पंजाब एफसी ने चर्चिल ब्रदर्स को 3-2 से हराकर फिर अंतिम क्षणों में हासिल किए तीन अंक
गोवा: पंजाब एफसी ने एक बार फिर अंतिम क्षणों में गोल करके जीत हासिल करने का अपना जुझारू अंदाज दिखाया। इंजरी टाइम के अंतिम मिनट में कोंसम सनाथोई सिंह के निर्णायक गोल की बदौलत शेरर्स ने रविवार को पीजेएन फतोर्दा स्टेडियम में खेले गए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2026-27 में चर्चिल ब्रदर्स को 3-2 से हराया।
राफेल मेसी बौली ने 13वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर पंजाब एफसी को बढ़त दिलाई, लेकिन सेबेस्टियन गुटिएरेज़ ने 37वें मिनट में चर्चिल ब्रदर्स के लिए बराबरी का गोल किया।
इसके ठीक तीन मिनट बाद अल्फ्रेड प्लानास मोया ने शेरर्स को फिर से बढ़त दिला दी। पिछले दो मुकाबलों में अंतिम क्षणों में जीत दर्ज करने के अपने सिलसिले को बरकरार रखते हुए पंजाब एफसी ने इंजरी टाइम के अंतिम मिनट में एक और गोल किया। इस बार सनाथोई सिंह ने निर्णायक गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।
पंजाब एफसी – 3 (राफेल मेसी बौली 13’, अल्फ्रेड प्लानास मोया 40’, कोंसम सनाथोई सिंह 90+5’)
मुख्य कोच पावलोस डर्मिट्ज़ाकिस ने शुरुआती एकादश में तीन बदलाव किए। अल्फ्रेड प्लानास मोया ने विशाल यादव की जगह टीम में वापसी की, जबकि डिएगो रापोसो के चोटिल होने के कारण मैंगलेंथांग किपगेन को सीज़न में पहली बार शुरुआती एकादश में मौका मिला।
वहीं, लैशराम रिशिकांता मीतेई के चोटिल होने के चलते बिशु शर्मा ने भी क्लब के लिए पहली बार शुरुआती एकादश में जगह बनाई और मिडफील्ड में उतरे। पंजाब एफसी ने दमदार शुरुआत की और 13वें मिनट में पेनल्टी के जरिए बढ़त हासिल कर ली।
गौरव बोरा ने पेनल्टी क्षेत्र के भीतर राफेल मेसी बौली को गिरा दिया, जिसके बाद रेफरी ने पंजाब एफसी को पेनल्टी दी। बौली को मुहम्मद उवैस से छोटा पास मिला और वह गेंद लेकर पेनल्टी क्षेत्र में घुसे ही थे कि डिफेंडर ने उन्हें गिरा दिया।
कैमरून के इस फॉरवर्ड ने खुद पेनल्टी लेने की जिम्मेदारी संभाली और गोलकीपर सयाद बिन अब्दुल कादिर को छकाते हुए शांति से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। सीज़न का यह उनका तीसरा गोल था।
चर्चिल ब्रदर्स एफसी – 2 (सेबेस्टियन गुटिएरेज़ 37’, 45+2’)
गोल खाने के बाद चर्चिल ब्रदर्स ने अच्छी प्रतिक्रिया दी और पंजाब एफसी पर दबाव बनाना शुरू किया। निकिल प्रभु ने अपने पेनल्टी क्षेत्र के भीतर दो बार गेंद को ठीक से क्लियर नहीं किया, लेकिन चर्चिल ब्रदर्स के आक्रमणकारी खिलाड़ी इन मौकों का फायदा नहीं उठा सके।
वेड लेके भी दोनों मौकों पर सही समय पर सही कदम नहीं उठा पाए। दूसरी ओर, प्लानास और किपगेन ने पेनल्टी क्षेत्र के बाहर से गोल करने के प्रयास किए, लेकिन गोलकीपर ने आसानी से दोनों शॉट रोक लिए। मेजबान टीम ने 37वें मिनट में शानदार टीम मूव के जरिए बराबरी हासिल की।
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सेबेस्टियन गुटिएरेज़ के लंबे पास को वेड लेके ने छाती से नियंत्रित किया, जिसके बाद अनिल गांवकर ने पहली ही कोशिश में विंसी बैरेटो को पास दिया। बैरेटो का लो क्रॉस निकिल प्रभु से क्लियर नहीं हो पाया और गेंद गुटिएरेज़ तक पहुंच गई। कोलंबियाई खिलाड़ी ने नजदीकी पोस्ट पर गेंद को हल्के से गोल में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया।
शेरर्स को दोबारा बढ़त हासिल करने में केवल तीन मिनट लगे। मेसी बौली ने पेनल्टी क्षेत्र के किनारे से शॉट लगाया, जो जोसेफ ओकोरो से टकराकर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया।
अल्फ्रेड प्लानास मोया ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए गेंद पर नियंत्रण बनाया और गोलकीपर सयाद बिन अब्दुल कादिर के गेंद तक पहुंचने से पहले उसे गोल में धकेल दिया। इस गोल के साथ पंजाब एफसी ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।
गोवा की टीम ने एक बार फिर वापसी करते हुए इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में स्कोर बराबर कर दिया। विंसी बैरेटो ने वेड लेके के रास्ते में गेंद खेली।
लेके ऑफसाइड से बचते हुए आगे बढ़े और शॉट लगाया, जिसे अर्शदीप सिंह ने रोक तो लिया, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटककर सेबेस्टियन गुटिएरेज़ के पास पहुंच गई। गुटिएरेज़ ने खाली गोल में गेंद डालकर मैच का अपना दूसरा गोल किया और हाफ टाइम तक स्कोर 2-2 कर दिया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में डर्मिट्ज़ाकिस ने मुहम्मद सुहैल की जगह कोंसम सनाथोई सिंह को मैदान पर उतारा और उन्हें बाएं विंग पर जिम्मेदारी दी।
वहीं, चर्चिल ब्रदर्स के मुख्य कोच दिमित्रिस दिमित्रियोउ ने भी ब्रेक के कुछ ही देर बाद दो बदलाव किए। उन्होंने पंजाब एफसी के पूर्व डिफेंडर मेलरॉय असिसी और नाइजीरियाई स्ट्राइकर जॉन ओकोली को मैदान पर भेजा।
मुकाबला तेज गति से आगे बढ़ा और दोनों टीमें बढ़त हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करती रहीं, लेकिन कोई भी टीम गोल करने का स्पष्ट मौका नहीं बना सकी।
एक घंटे का खेल पूरा होने के बाद मैच की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई और अधिकतर खेल मिडफील्ड तक सीमित रहा। दोनों टीमों के डिफेंडर अपने-अपने हाफ में पास के जरिए गेंद को आगे बढ़ाते रहे।
हाइड्रेशन ब्रेक से ठीक पहले मेजबान टीम ने दूसरे हाफ का अपना सबसे अच्छा मौका बनाया। पंजाब एफसी के एक सेट-पीस के बाद चर्चिल ब्रदर्स ने तेजी से जवाबी हमला किया। मेसी बौली ने गेंद खैमिंगथांग लुंगडिम की ओर बढ़ाई, लेकिन डिफेंडर पास तक नहीं पहुंच सके और स्टेंडली फर्नांडिस ने ढीली गेंद पर कब्जा कर लिया।
सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ने पेनल्टी क्षेत्र के किनारे तक शानदार दौड़ लगाई और सही समय पर वेड लेके को पास दिया। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने गेंद को नियंत्रित कर दाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया, लेकिन अर्शदीप सिंह ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद रोक दी। इसके बाद रिकी शाबोंग ने खतरे को टाल दिया।
दूसरी ओर, मिडफील्ड से पास मिलने के बाद सनाथोई सिंह ने पेनल्टी क्षेत्र में जगह बनाई, लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया। पंजाब एफसी के युवा खिलाड़ियों ने चर्चिल ब्रदर्स के हाफ में अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का प्रदर्शन किया, लेकिन अंतिम तिहाई में सटीकता की कमी के कारण वे गोल के स्पष्ट मौके बनाने में नाकाम रहे।
पंजाब एफसी ने एक बार फिर मुकाबले के अंतिम क्षणों में गोल करके जीत अपने नाम की। इंजरी टाइम के अंतिम मिनट में गुरकीरत सिंह ने लंबे पास पर पहला हेडर जीता, जिसके बाद मेसी बौली ने गेंद को अपनी छाती से शानदार तरीके से नियंत्रित किया। स्ट्राइकर ने दो डिफेंडरों को छकाते हुए सनाथोई सिंह को सही समय पर पास दिया।
19 वर्षीय सनाथोई ने बेहतरीन संयम दिखाया और डिफेंडर की चुनौती तथा आगे बढ़ते गोलकीपर के बावजूद शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस निर्णायक गोल ने पंजाब एफसी को 3-2 की यादगार जीत दिलाई और टीम के खाते में तीन महत्वपूर्ण अंक जोड़ दिए।












