किसानों और पिछड़ों को लेकर रोज़गार और सामाजिक अधिकार अभियान ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

0
19

लखनऊ : 10 मार्च 2026 प्रदेश में किसानों को एमएसपी दिलाने और उनके हितों की रक्षा, युवाओं को रोजगार की गारंटी, अति पिछड़ा वर्ग को न्यायपूर्ण आरक्षण और आदिवासी समुदाय को वनाधिकार प्रदान करने के लिए रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान के तत्वाधान से ईको गार्डन में मंगलवार को ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

किसानों को सभी फसलों पर एमएसपी दिलाने की मांग

इस अवसर पर किसानों, युवाओं और आदिवासियों से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शेखर दीक्षित ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इसके लिए किसानों को सभी फसलों पर क़ानूनी एमएसपी गारंटी देने के साथ ही लागत + 50% (स्वामीनाथन फ़ॉर्मूला) लागू करना होगा।

युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस नीति की मांग

अक्सर किसान मौसम की मार से परेशान होते हैं तथा कर्ज न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर लेते हैं। इसे रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने होंगे तथा निजी और कॉरपोरेट खरीद को नियंत्रित करना होगा। दीक्षित ने अपनी मांगों में किसान विरोधी इंडो -अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कृषि समझौते को रद्द करने की बात की साथ ही विदेशी कृषि उत्पादों और कॉरपोरेट खेती पर नियंत्रण लगाने की मांग की।

इसके साथ ही भारतीय बीज, भूमि और कृषि नीति की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। इसके साथ ही पूंजी पलायन रोकने शिक्षा और स्वास्थ्य बजट बढ़ाने, गांवों में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर सख़्त कानून बनाने के साथ ही छोटे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की ताकि किसान लागत से कम दाम पर फसल बेचने को न मजबूर हों।

इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रदेश का बजट जितना है, लगभग उतना ही कर्ज़ प्रदेश पर है। सरकार को चाहिए कि सभी सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर तत्काल भर्ती करने के साथ ही संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर भी रोक लगाए।

इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक पर सख़्त कार्रवाई करे और स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन की ठोस नीति बनाए क्योंकि केंद्र सरकार के हालिया बजट में प्रदेश की हिस्सेदारी में 1.8% की कटौती की गई है।

प्रदेश की लगभग 50% पूंजी अन्य उन्नत राज्यों में पलायन कर रही है, जिससे रोज़गार, उद्योग और सामाजिक विकास बाधित हो रहा है। उन्होंने आदिवसी हितों की रक्षा के लिए कहा कि 1961 के पहले की तरह आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने हेतु विधानसभा में प्रस्ताव लाए।

कोल आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने के साथ ही वनाधिकार कानून 2006 का प्रभावी क्रियान्वयन हो तथा जल–जंगल–ज़मीन पर कॉरपोरेट हस्तक्षेप और जबरन विस्थापन पर रोक लगाई जाए। साथ ही रोहिणी आयोग की शिफारिशें लागू करते हुए अति पिछड़ों को अलग कोटा सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान अभियान के संयोजक व राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल, एआईपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी, भारतीय मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवट रामधनी बिंद, अम्बेडकर जन मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक श्रवण कुमार निराला, अति पिछड़ा अधिकार मंच के एडवोकेट रामेश्वर ठाकुर समेत तमाम नेता शामिल रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here