प्रतापगढ़ : जिले के युवाओं और विद्यार्थियों की सोच, रचनात्मकता और अपने जनपद के प्रति लगाव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बेल्हा माई फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘मेरे सपनों का प्रतापगढ़’ निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है।
प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर प्रतापगढ़ के विकास, शिक्षा, स्वच्छता, रोजगार, संस्कृति और आधुनिक भविष्य को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए।
‘मेरे सपनों का प्रतापगढ़’ निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का हुआ चयन
प्रतियोगिता में बेहदौल खुर्द, गौरा आरएस, प्रतापगढ़ निवासी शिवांगी शुक्ला को प्रथम पुरस्कार, पीडी चौराहा, ढकवा बाज़ार, प्रतापगढ़ निवासी प्रीति खरवार को द्वितीय पुरस्कार और पूरे खंदरे, पोस्ट छतरपुर, प्रतापगढ़ निवासी हर्षिता सिंह को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ साथ प्रतापगढ़ जिले के दस अन्य प्रतिभावान युवाओं को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
युवाओं की सोच से जिले के उज्ज्वल भविष्य की रखी जा रही नींव
फाउंडेशन की ओर से विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की गई। प्रतापगढ़ के मूल निवासी बेल्हा माई फाउंडेशन के संस्थापक एवं पूर्व कमिश्नर अंजनी कुमार पाण्डेय (आईआरएस) ने कहा कि प्रतापगढ़ की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और प्रोत्साहन देने की है।
यही कारण है कि हम युवाओं खासतौर पर बेटियों के स्वास्थ्य, शिक्षा समेत विभिन्न जनहित कार्यक्रमों के माध्यम से इन्हें आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
इस साथ ही इन प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच और उनके सपनों को जानने का अवसर मिला है।
बच्चों ने जिस तरह से प्रतापगढ़ के भविष्य की कल्पना की है, वह बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन आगे भी शिक्षा, साहित्य, कला और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा, ताकि जिले की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके और प्रतापगढ़ नई पहचान बना सके।
बेल्हा माई फाउंडेशन के संस्थापक के रूप में हमारा प्रयास जिले की प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने का है और ‘मेरे सपनों का प्रतापगढ़’ जैसी पहल के माध्यम से युवाओं की सोच को नई दिशा मिल रही है।
प्रतापगढ़ की रानीगंज तहसील के ब्लॉक बेलखरनाथ के ग्राम प्रेमधर पट्टी के रहने वाले अंजनी कुमार पांडेय का कहना है कि पहले के समय में जब मेरे जैसे कई युवा सिविल सर्विसिज जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपना भविष्य संवारने को लेकर प्रयासरत थे तब यह नहीं पता था कि अपने लक्ष्य को किस तरह से प्राप्त किया जाए।
उस दौरान मेंटोरशिप बहुत कमी महसूस होती थी। इस तरह की कार्यक्रमों के माध्यम से हम न सिर्फ प्रतापगढ़ के युवाओं का हुनर निखारते हैं बल्कि उनके मार्गदर्शन का भी कार्य करते हैं। हमारा प्रयास है कि शिक्षा, साहित्य, कला और सामाजिक जैसे किसी भी क्षेत्र में अगर प्रतापगढ़ के युवा जाएं तो वहां जिले और प्रदेश का नाम रौशन करें।
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