लखनऊ : यूपी टी20 लीग सीजन-4 में मेरठ मावेरिक्स का विजयी अभियान जारी है। रविवार रात इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्वास्तिक चिकारा की 45 गेंदों में 82 रनों की तूफानी पारी के दम पर मेरठ मावेरिक्स ने गौर गोरखपुर लायंस को 36 रनों से हरा दिया।
मेरठ मावेरिक्स की लगातार दूसरी जीत: स्वास्तिक के तूफान से गोरखपुर लायंस 36 रनों से परास्त, लीग में पूरे किए 100 छक्के
‘विराट भैया की प्रैक्टिस और माइंडसेट को फॉलो कर रहा हूँ’: स्वास्तिक चिकारा
मैच के बाद अपनी आतिशी बल्लेबाजी और वर्क एथिक्स पर बात करते हुए स्वास्तिक चिकारा ने कहा:
“मैंने विराट कोहली भैया से सीखा है कि अपनी प्रैक्टिस पर पूरा फोकस रखो और ट्रेनिंग में अपना 100 परसेंट दो। मैं मैदान पर ठीक उसी दृष्टिकोण और अप्रोच को फॉलो करने की कोशिश कर रहा हूँ।”
“मैच में मैंने अच्छी बल्लेबाजी की, टीम को एक मजबूत शुरुआत दी और जीत में योगदान दिया, इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है। इकाना की पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन थी, इसलिए हमें पता था कि हम एक बड़ा स्कोर बना सकते हैं। हमने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। व्यक्तिगत रूप से मुझे एक जगह खड़े होकर लंबे छक्के लगाना पसंद है।”
छक्कों का शतक जड़ने वाले बने दूसरे बल्लेबाज
गोरखपुर लायंस के खिलाफ 9 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों से सजी 82 रनों की पारी खेलकर स्वास्तिक ने मेरठ मावेरिक्स को इस सीजन के सबसे बड़े स्कोर 206/6 तक पहुंचाया।
इस पारी के दौरान उन्होंने यूपी टी20 लीग के इतिहास में अपने 100 छक्के भी पूरे किए। वे इस आंकड़े को छूने वाले लीग के महज दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। गौरतलब है कि 2024 के सीजन में मेरठ को चैंपियन बनाने में स्वास्तिक का बहुत बड़ा योगदान था, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 499 रन (1 शतक और 3 अर्धशतक) बनाए थे।
‘सबसे ज्यादा रन, सबसे ज्यादा सिक्स और बेस्ट स्ट्राइक रेट ही मेरा लक्ष्य’
आगामी मुकाबलों और अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों पर बात करते हुए इस युवा सलामी बल्लेबाज ने कहा:
“उम्मीद है कि बड़ों के आशीर्वाद से मेरा यह सीजन भी शानदार रहेगा। इस सीजन के लिए मेरा एकमात्र लक्ष्य सबसे ज्यादा रन बनाना, सबसे ज्यादा छक्के लगाना और टूर्नामेंट का सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट हासिल करना है।”
स्वास्तिक चिकारा की इस धमाकेदार फॉर्म और रिंकू सिंह की कप्तानी में लगातार दो मैच जीतकर मेरठ मावेरिक्स ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे खिताब की सबसे प्रबल दावेदार क्यों हैं।













