PWL सीजन 5 बना सफलता की सीढ़ी, वैश्विक स्तर पर छाए पहलवान

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SUJEET KALKAL FROM DELHI DANGAL WARRIORS IN BLUE VS TUMUR OCHIR TULGA FROM HARYANA THUNDERS IN BROWN AT PRO WRESTLING LEAGUE 2026

नई दिल्ली : इस साल की शुरुआत में प्रोफेशनल रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) की सफल वापसी का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सीजन 5 में हिस्सा लेने वाले कई भारतीय और विदेशी पहलवानों ने प्रमुख वैश्विक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।

जनवरी में नोएडा इंडोर स्टेडियम में आयोजित पीडब्ल्यूएल सीजन 5 में विश्वस्तरीय पहलवानों के साथ भारत के स्थापित और उभरते प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे यह एक शीर्ष प्रतिस्पर्धी मंच के रूप में और मजबूत हुआ।

सीनियर एशियन रेसलिंग में भारत के 17 में से 11 पदक पीडब्ल्यूएल पहलवानों ने जीते

लीग का प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन में नजर आ रहा है, जो एक मजबूत घरेलू प्रतिस्पर्धी ढांचे की अहमियत को दर्शाता है। इस सूची में सबसे आगे सुजीत कलकल रहे हैं, जो पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में दुनिया के शीर्ष पहलवानों में शामिल हो चुके हैं।

वर्तमान में ईरान के विश्व चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता रहमान अमौज़ाद के बाद विश्व रैंकिंग में दूसरे
स्थान पर काबिज सुजीत ने पीडब्ल्यूएल सीजन 5 में दिल्ली दंगल वॉरियर्स का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उन्होंने सात में से छह मुकाबले जीतकर उपविजेता का स्थान हासिल किया।

लीग के बाद से सुजीत ने लगातार तीन अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते हैं, जिसमें ज़ाग्रेब और मुहामेत मालो रैंकिंग सीरीज़ के साथ-साथ इस महीने की शुरुआत में किर्गिस्तान के बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप का खिताब शामिल है।

महिला 53 किग्रा वर्ग में मीनाक्षी गोयत भी पीडब्ल्यूएल सीजन 5 की बड़ी सफलता बनकर उभरी हैं। पंजाब रॉयल्स का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने लीग में अपने तीनों मुकाबले जीते और फिर नेशनल ट्रायल्स में अंतिम पंघल को हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई।

इसके बाद उन्होंने मुहामेत मालो टूर्नामेंट और बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप दोनों में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत की है।

अन्य प्रमुख प्रदर्शनकर्ताओं में ओलंपिक रजत पदक विजेता अमन सहरावत (पुरुष 61 किग्रा), जिन्होंने टाइगर्स ऑफ मुंबई डैंगल्स के लिए खेलते हुए ज़ाग्रेब और बिश्केक में रजत पदक जीते, जबकि दिनेश धनखड़ (पुरुष 125 किग्रा) ने पंजाब रॉयल्स के लिए दोनों प्रतियोगिताओं में कांस्य पदक हासिल किए।

हरियाणा थंडर्स की नेहा सांगवान ने भी मुहामेत मालो में रजत और बिश्केक में कांस्य पदक जीतकर प्रभावित किया। सबसे उत्साहजनक प्रदर्शन उभरते हुए भारतीय पहलवान अभिमन्यु (पुरुष 70 किग्रा) का रहा।

24 वर्षीय सीआईएसएफ कांस्टेबल, जिन्होंने लीग में यूपी डॉमिनेटर्स का प्रतिनिधित्व किया, ने बिश्केक में फाइनल में मंगोलिया के दिग्गज और पूर्व एशियन गेम्स चैंपियन टॉमोर-ओचिरिन तुलगा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। लीग का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय सितारों पर भी देखने को मिला।

कनाडा की विश्व पदक विजेता कार्ला गोडिनेज गोंजालेज, जिन्होंने दिल्ली दंगल वॉरियर्स का प्रतिनिधित्व किया, ने ज़ाग्रेब में रजत पदक जीता, जबकि जापान की दिग्गज पहलवान यूई सुसाकी, जो खिताब जीतने वाली हरियाणा थंडर्स टीम का हिस्सा थीं, ने बिश्केक में एक और एशियाई खिताब अपने नाम किया।

इस साल के अंत में होने वाले एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप को देखते हुए पीडब्ल्यूएल सीजन 5 के पहलवानों,
खासकर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहा है।

पीडब्ल्यूएल सीजन 5 से उभरते खिलाड़ियों की लगातार सफलता यह साबित करती है कि यह लीग भारत के कुश्ती
इकोसिस्टम को मजबूत करने और खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धा का मंच देने में अहम भूमिका निभा रही है।

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