पुणे: राउंडग्लास हॉकी अकादमी ने राष्ट्रीय हॉकी में अपना दबदबा कायम रखते हुए 10वें एसएनबीपी ऑल इंडिया हॉकी टूर्नामेंट (अंडर-16 बालक) में खिताबी हैट्रिक पूरी की।
बालक वर्ग के फाइनल में अकादमी ने उत्तर प्रदेश के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर यहां बालेवाड़ी म्हालुंगे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने एक-दूसरे की रक्षापंक्ति को परखते हुए कड़ा मुकाबला किया, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।
दूसरे क्वार्टर में मुकाबले में तेजी आई। 26वें मिनट में सेमीफाइनल के नायक सन्मुख सिंह ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया और आरजीएचए को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज ने तुरंत जवाब दिया।

उसके कप्तान सुनील पाल ने अगले ही मिनट फील्ड गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया और हाफ टाइम तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं। 41वें मिनट में आरजीएचए के कप्तान अभिजीत सिंह ने शानदार फील्ड गोल करते हुए टीम को एक बार फिर 2-1 की बढ़त दिलाई।
आक्रामक दबाव बनाए रखते हुए शेरों ने 52वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक हासिल किया। सन्मुख सिंह ने गेंद को गोल में पहुंचाकर मैच का अपना दूसरा गोल किया और आरजीएचए की बढ़त 3-1 कर दी। उत्तर प्रदेश की टीम के लिए 56वें मिनट में शिवम यादव ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
हालांकि, आरजीएचए की रक्षापंक्ति ने मजबूती से मोर्चा संभाला और आखिरी पलों में हुए हमलों को बेअसर करते हुए 3-2 की यादगार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
अकादमी की टीम ने अपने खिताब की रक्षा के अभियान की शुरुआत ग्रुप चरण में विजय हॉकी अकादमी के खिलाफ शानदार 8-0 की जीत के साथ की। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल, गुजरात के खिलाफ वॉकओवर जीत हासिल कर टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल में आरजीएचए ने जय गणेश अकादमी को 5-1 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में टीम ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए ओडिशा की सेल हॉकी अकादमी को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
इस जीत के साथ राउंडग्लास हॉकी अकादमी ने विश्वस्तरीय भारतीय हॉकी प्रतिभाओं की अगली पीढ़ी को तैयार करने और विकसित करने के लिए देश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। स्थापना के बाद से 40 से अधिक खिताब जीत चुकी यह अकादमी देश की अग्रणी हॉकी अकादमियों में शुमार है।
ये भी पढ़ें : 59वें मिनट के गोल ने बदली बाजी, राउंडग्लास हॉकी अकादमी फाइनल में
जमीनी स्तर पर हॉकी के विकास के लिए अकादमी के प्रयासों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ के दौरान सराहा था। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में अकादमी के तकनीकी प्रमुख राजिंदर सिंह सीनियर और युवा हॉकी प्रतिभाओं को निखारने में उनके योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया था।












