लखनऊ: कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (ATMA) सारण, छपरा बिहार द्वारा चयनित किसानों को औषधीय एवं सगंध पौधों व खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन तकनीकियों के प्रति जागरूक करने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप), लखनऊ मे आज दिनांक 16.02.2026 को प्रारम्भ किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे सारण, छपरा जनपद, बिहार के 30 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं । इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के साथ-साथ इनसे बनने वाले उत्पादों की तकनीकी को भी सिखाया जाये ताकि किसानों को सीधा लाभ प्राप्त हो।
कार्यक्रम के उदघाटन सत्र मे एरोमा मिशन के परियोजना समन्वयक एवं वैज्ञानिक-जी डॉ. संजय कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कि सीएसआईआर-सीमैप पिछले 60 वर्षों से औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती मे किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है, तथा नई-नई कृषि तकनीकी, पौध सामग्री एवं उन्नतशील प्रजातियां किसानों को उपलब्ध करा रहा है। जिसके फलस्वरूप लाखों किसानों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा है।
किसानों द्वारा संस्थान की विकसित उन्नत प्रजातियों एवं तकनीकों को अपनाकर देश को मेंथा तथा नीबूघास के तेल के उत्पादन मे विश्व मे प्रथम स्थान बनाया है। हमे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप लोग यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने-अपने जिलों के किसानों को औषधीय, सगंध पौधों व फूलों की खेती प्रति जागरूक करेंगे।
इस तरह सभी लोग मिल कर कार्य करेंगे तो दूसरे सगंधीय तेलों जैसे खस, पामारोजा व अन्य सगंधीय तेलों मे आत्मनिर्भरता के साथ निर्यात भी कर सकेंगे। उन्होने आगे कहा कि मुझे आशा है कि अगले चार दिनों मे वैज्ञानिकों द्वारा औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती, प्राथमिक प्रसंस्करण व विपणन विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया जाएगा।
आज के तकनीकी सत्र मे डॉ. राम सुरेश शर्मा ने संस्थान द्वारा प्रदत्त सेवाओं व गतिविधियों के बारें मे प्रतिभागियों को जानकारी दी।
इसके पूर्व मे दीपक कुमार वर्मा द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न सुविधाओं व प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया तथा औषधीय एवं सगंध पौधों की पहचान कराई गई। तत्पश्चात डॉ. राजेश कुमार वर्मा द्वारा खस की उन्नत कृषि क्रियाओं को प्रतिभागियों के साथ साझा की। डॉ. राम सुरेश शर्मा ने तुलसी के उत्पादन की उन्नत कृषि क्रियाओं की जानकारी दी।
डॉ. रक्षपाल सिंह ने औषधीय एवं सगंध फसलों की उन्नत जैविक तकनीकी का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप के डॉ. संजय कुमार, डॉ. आर. के. श्रीवास्तव, डॉ. राम सुरेश शर्मा एवं शोधार्थी इत्यादि उपस्थित रहे।













