जमशेदपुर: नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (एनआरएआई) ने होटल अल्कोर में एनआरएआई नेशनल कोचेज़ कोर्स का उद्घाटन किया। यह झारखंड में शूटिंग खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वर्ष 2000 में राज्य के गठन के बाद पहली बार झारखंड में इस तरह का कोर्स आयोजित किया जा रहा है, जिससे महत्वाकांक्षी कोचों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा और जमीनी स्तर पर खेल के विकास को गति मिलेगी।
इस सात दिवसीय गहन कार्यक्रम में पांच राज्यों झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से कुल 33 कोच भाग ले रहे हैं।
राइफल और पिस्टल शूटिंग में कोचिंग को नए स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से तैयार इस कोर्स में प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और संचार कौशल से जुड़े एनआरएआई प्रमाणित मॉड्यूल्स के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
एनआरएआई के विशेषज्ञ फैकल्टी के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को युवा प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने के लिए जरूरी उपकरण और पद्धतियां मिलेंगी, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और बेहतर सफलता के लिए तैयार किया जा सके।
एनआरएआई के महासचिव पवनकुमार सिंह ने झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन (जेएसआरए) के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और पूरी राज्य राइफल एसोसिएशन को इस प्रतिष्ठित कोर्स के आयोजन के लिए बधाई दी।
उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा, “दिवाकर सिंह के सक्रिय प्रयासों ने झारखंड में शूटिंग के विकास के लिए नए अवसर खोले हैं। यह पहल जमीनी स्तर के इकोसिस्टम को मजबूत करेगी और विश्वस्तरीय कोच तैयार करेगी।” उन्होंने कोर्स को प्रतिभागियों के लिए निशुल्क आयोजित कराने में ओजीक्यू के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।
एनआरएआई की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सिंह ने देशभर में शूटिंग तक पहुंच बढ़ाने के लिए नई पहलों की घोषणा की। उन्होंने कहा, “चूंकि एनआरएआई सीधे हर जगह नहीं पहुंच सकती, इसलिए ये नए प्रशिक्षित कोच एक आगामी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए स्कूलों में पीटी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
वे केवल शूटिंग ही नहीं, बल्कि सभी खेलों को खेलने और सिखाने के तरीकों पर भी काम करेंगे, ताकि जमीनी स्तर से एक मजबूत मल्टी-स्पोर्ट आधार तैयार हो सके।” उन्होंने आगे कहा, “अगले साल से हम स्कूल खिलाड़ियों के लिए ‘शूटिंग फ्रॉम द टेबल’ शुरू करेंगे।
यह एक सरल और सुलभ प्रवेश बिंदु होगा, जिसमें वे टेबलटॉप सेटअप से एयर पिस्टल या एयर राइफल का अभ्यास कर सकेंगे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पूरी सुविधाएं और मुख्यधारा की प्रतिस्पर्धी शूटिंग तक पहुंचने के लिए स्पष्ट मार्ग प्रदान किए जाएंगे।”
सिंह ने सभी राज्य संघों से एनआरएआई की महत्वपूर्ण वर्षगांठ के आयोजन में भागीदारी की अपील भी की। उन्होंने कहा, “17 अप्रैल 2026 को एनआरएआई भारत में शूटिंग खेलों की सेवा के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे करेगी।
हम सभी राज्य राइफल संघों से आग्रह करते हैं कि आप अपने स्थानीय रेंजों पर पूरे वर्ष प्लेटिनम जुबली मनाएं, कार्यक्रम, शिविर और प्रतियोगिताएं आयोजित करें, ताकि अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिले और हमारी विरासत का सम्मान हो।”
जेएसआरए के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने इस उपलब्धि पर आभार और उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “26 वर्षों के बाद झारखंड में पहला एनआरएआई कोचेज़ कोर्स आयोजित होना हमारे लिए सपना सच होने जैसा है।
यह हमारे स्थानीय कोचों को सशक्त बनाएगा और यहां शूटिंग को सीमित दायरे के खेल से निकालकर घर-घर तक पहुंचाने में मदद करेगा। एनआरएआई के सहयोग से हम हर जिले से प्रतिभा तलाशने और देश के शीर्ष शूटिंग राज्यों को टक्कर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने झारखंड में जोनल चैंपियनशिप आयोजित करने का अनुरोध भी रखा, जिस पर महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा कि उचित इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद एनआरएआई पूरा समर्थन देगी। सिंह ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों की विविध भागीदारी आपसी सहयोग और अनुभव साझा करने को बढ़ावा देती है।
यह आयोजन पूरे भारत में कोच शिक्षा के विस्तार के प्रति एनआरएआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और ओलंपिक उत्कृष्टता तथा खेलो इंडिया पहल से जुड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
मानव संसाधन में निवेश करके एनआरएआई का लक्ष्य ऐसे कोचों की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है जो ग्रामीण स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक, शूटिंग खेलों के सतत विकास को आगे बढ़ा सकें।
एनआरएआई एजुकेशन प्रोग्राम के तहत संगठन अब तक राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में 900 से अधिक कोचों और 500 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है।
वर्ष 2025 में नेशनल चैंपियनशिप में देशभर से 19,500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें झारखंड से भी मजबूत भागीदारी रही। झारखंड के 1,150 से अधिक खिलाड़ी एनआरएआई के साथ पंजीकृत हैं और इनमें से 350 खिलाड़ियों ने नेशनल्स में हिस्सा लिया।
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