क्वांटम तकनीक पर लखनऊ में मंथन, डेटा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता पर फोकस

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लखनऊ: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइन्स लखनऊ में क्वान्टम कम्प्यूटिंग विषय पर एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इसका शुभारम्भ डॉ अजय चौधरी चेयरमैन नेशनल क्वान्टम मिशन (भारत सरकार) एवं सह संस्थापक एचसीएल तथा आलोक कुमार आईएएस प्रमुख सचिव आईटी एन्ड इलेक्ट्रानिक्स उत्तर प्रदेश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

UPSIFS में क्वान्टम कम्प्यूटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

जिन्हें संस्थापक निदेशक डॉ.जीके गोस्वामी ने मंच पर स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम् प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अजय चौधरी ने कहा कि दुनिया अब यूनिपोलर हो गई है हर देश अपनी तकनीक पर निर्भर है।

उन्होंने अमेरिका के सॉफ्टवेयर और चीन के हार्डवेयर के प्रभुत्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान समय में हमारा अधिकांश डिजिटल ढांचा विदेशी नियंत्रण में होने के कारण डेटा सुरक्षा और संप्रभुता पर खतरा है, क्लाउड से मैसेजिंग तक भारत का डेटा वैश्विक वेंडर्स के पास है।

तकनीकी स्वावलंबन ही राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का मूल मंत्र: आलोक कुमार

इसलिए भारत को भी स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण करना ज़रूरी है। यह नई तकनीक दोधारी तलवार है, अधिकाँश डिजिटल बैकबोन सेमीकंडक्टर से सोशल मीडिया तक विदेशी नियंत्रण में होना अच्छी बात नहीं है। भविष्य के युद्ध एआई, ड्रोन और चिप्स के जरिए लड़े जाएंगे| उन्होंने इस परिपेक्ष में ऑपरेशन सिन्दूर पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. चौधरी ने कहा कि साइबर शिक्षा और सुरक्षा को क्वांटम आधारित बनाना जरूरी है अन्यथा मौजूदा एन्क्रिप्शन अप्रासंगिक हो जाएगा।

उन्होंने ने कहा भारत की नेशनल क्वांटम मिशन में तेज प्रगति क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग को आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी तकनीक ही भविष्य में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है।

इस अवसर पर आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आईटी एन्ड इलेक्ट्रानिक्स ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आईआईटी कानपुर कि साझेदारी से क्वांटम कंप्यूटर भारत लाने और नोएडा-NCR में डीप टेक हब स्थापित करने करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

नई स्टार्टअप नीति में डीप टेक रिसर्च हेतु 30-40 करोड़ तक फंडिंग, डेटा सेंटर नीति में प्रोत्साहन और 325 करोड़ का डीप टेक फंड शामिल है। क्वांटम कम्प्यूटिंग की असीम संभावनाओं पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तीय सहायता, इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत समर्थन और कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।

आज से UPSIFS की क्वांटम यात्रा शुरू : डॉ.जीके गोस्वामी

उन्होंने कहा कि तकनीकी स्वावलंबन ही राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का मूल मंत्र है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने प्रारंभिक सफलताएं हासिल की हैं उन्होंने अगले 2-3 वर्षों में 1000 क्यूबिट लक्ष्य पर भी आशा जताई।

इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि हमारे संस्थान के इतिहास में आज का दिन साधारण नहीं, बल्कि नई यात्रा का प्रारंभ है जिसे हम क्वांटम कम्प्यूटिंग के नवीन युग की शुरुआत कह सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विजन क्वांटम लैब स्थापित करने का है और आज मंचासीन अतिथियों के प्रेरणा से आज UPSIFS की क्वांटम यात्रा शुरू हो चुकी है हमारे छात्र भविष्य के लीडर होंगे।

डॉ. गोस्वामी ने कहा कि डेटा सबसे मूल्यवान वस्तु है अमेरिका की शक्ति डेटा प्रभुत्व से है। एवं भारत का डीपीडीपी एक्ट 2023 इसी कारण। बिना लीगल कंप्लायंस के प्रौद्योगिकी अविश्वसनीय है।

GDPRअनुच्छेद 25 सिखाता है कि लीगलिटी बाय डिजाइन, प्राइवेसी बाय डिजाइन, सिक्योरिटी बाय डिजाइन। साइबर सिक्योरिटी डेटा प्रोटेक्शन का मात्र एक डोमेन है। यह संस्थान विधि-लैब-टेक्नोलॉजी एकीकरण का एकमात्र व्यवस्थित संस्थान है।

भारत को भी स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण करना ज़रूरी: डॉ अजय चौधरी

लीगल छात्र डीएनए/फिंगरप्रिंट लैब जाते हैं; टेक्नोक्रेट मूट कोर्ट एवं कोर्ट इंटर्नशिप करते हैं। प्रौद्योगिकी बिना गवर्नेंस के जीवित नहीं रह सकती है।

उन्होंने कहा कि क्वांटम फॉरेंसिक्स, लीगल फ्रेमवर्क, क्रिप्टोग्राफी एवं क्वांटम गवर्नेंस मॉडल विकसित करेंगे। क्वांटम की एक्सपोनेंशियल कम्प्यूटेशनल शक्ति साइबर क्राइम ऐज ए सर्विस को चुनौती देगी। डिजिटल संप्रभुता राजनीतिक संप्रभुता से आगे है।

अतिथि वक्ता राजन लूथरा ने कहा कि AI और क्वांटम का संयोजन ट्रस्ट, जस्टिस और एविडेंस पर गंभीर संकट ला सकता है| समाधान के रूप में क्रिप्टो एजीलिटी, जीरो ट्रस्ट पाइपलाइन, क्वांटम-सेफ एविडेंस चेन और पॉलिसी लीपफ्रॉग की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि यूपीएसआईएफएस को क्वांटम सेफ्टी लिटरेसी और टेक लैब को ही स्थापित करनी चाहिए। अतिथि वक्ता प्रो. अजय सिंह, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एवं राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (भारत सरकार) सदस्य ने कहा कि क्वांटम कम्प्यूटिंग फार्मा, बैंकिंग और फॉरेंसिक में क्रांति ला रही है।

जापान, यूरोप और भारत में उपयोग केस तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने यूपीएसआईएफएस को फॉरेंसिक क्वांटम हब बनने का आह्वान किया।

अतिथि वक्ता डॉ संदीप शुक्ला, निदेशक, आईआईआईटी हैदराबाद ने कहा कि क्रिप्टोग्राफी डेटा सुरक्षा का आधार है, पर क्वांटम कंप्यूटर RSA, ECC जैसे एल्गोरिदम तोड़ सकते हैं।

प्रो. शुक्ला ने बैंक और सरकारों को क्रिप्टो इन्वेंटरी, रिस्क असेसमेंट और क्रिप्टो-एजाइल सिस्टम अपनाने की सलाह दी। उन्होंने जोर दिया कि भारत को तुरंत तैयारी करनी होगी, वरना दशकों पुराना डेटा भी खतरे में पड़ सकता है।

कार्यशाला में आयोजित पैनल चर्चा में अतिथि वक्ता प्रो. अजय सिंह (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन सदस्य) के संचालन में शीर्ष उद्यमियों ने अपनी यात्रा साझा की। डॉ. सुनील गुप्ता ने नोटबंदी के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था और क्वांटम से साइबर सुरक्षा में नया पैराडाइम बताया, साथ ही छात्रों को जुनून और प्रयोग की प्रेरणा दी।

नीलेश धांडे ने सरकारी सीमाओं से निकलकर 53 पेटेंट्स और पूर्वोत्तर राज्यों में डेटा सेंटर्स की उपलब्धि साझा की। मयंक वर्मा ने पैशन और पर्सिस्टेंस को सफलता का सूत्र बताया तथा डीप टेक को विज्ञान आधारित समाधान बताया। सभी ने भारत को “यूज केस कैपिटल” बनाने का आह्वान किया और छात्रों को असफलता से सीखकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

इस अवसर पर सस्थान के महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सन्स्थन्मिएन पधारे समस्त अतिथियों का आभार प्रकट किया तथा पनाल में सम्मलित होने वाले समस्त अतिथि वक्तागणोंको पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमराज मीना सहित उपनिदेशक जीतेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी तथा अतुल यादव ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया|

कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी मेम्बर डॉ सपना शर्मा, डॉ प्रीती मालिक, डॉ शाश्य मिश्र, डॉ हबीब-उर-रहमान, डॉ मिमंषा जैशल, डॉ के.के. दुबे, डॉ नेहा सिंह, डॉ नेहा माथुर, डॉ स्नेह तिवारी, डॉ अभिषेक उपाध्याय सहित जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी उपस्थित रहे।

इस कार्यशाला में संसथान के छात्रों सहित एसएम्एस कॉलेज, अम्बालिका इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, टीएस मिश्र विश्वविद्यालय सहित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओ ने भी प्रतिभाग किया।

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