साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय अब राजनीति के मैदान में भी कमाल कर रहे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को पीछे छोड़ते हुए विजय की पार्टी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खुद विजय पेरंबुर और तिरुचिरापल्ली सीटों पर जीत गए। सिनेमा से राजनीति की ओर मुड़ने वाले विजय के लिए यह समय बेहद खास साबित हो रहा है।
एक तरफ उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ जल्द ही रिलीज होने वाली है, वहीं राजनीति में वह ‘जन नायक’ बनकर उभर रहे हैं। सवाल है कि विजय राजनीति में कब और क्यों आए? दक्षिण भारतीय सिनेमा के कई बड़े स्टार्स राजनीति में सक्रिय रहे हैं। विजय ने भी इसी राह पर चलते हुए 2 फरवरी 2024 को अपनी पार्टी टीवीके की औपचारिक घोषणा की।
कोविड महामारी के बाद से ही वे राजनीति में रुचि दिखा रहे थे। ऐसे में 2024 में सही समय देखकर उन्होंने पार्टी बनाई और 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। उसी दिन उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से संन्यास लेने का भी ऐलान कर दिया।
विजय ने अप्रैल में घोषणापत्र भी जारी किया था, जिसमें कई बड़े वादे किए गए। उन्होंने कहा कि घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,500 की आर्थिक मदद और साल में 6 मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। वहीं, गरीब बेटियों की शादी के लिए 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने की भी बात कही गई।
विजय ने बेरोजगार युवाओं के लिए भी कई योजनाएं बताईं। उन्होंने स्नातकों को 4 हजार रुपए और डिप्लोमा करने वालों को 2,500 रुपए का मासिक भत्ता देने का ऐलान किया। साथ ही बिना गारंटी के लोन, छोटे किसानों का कर्ज माफ और हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी की।
विजय ने कहा था कि राजनीति उनके लिए शौक नहीं, बल्कि ‘पवित्र सेवा’ है। लेकिन राजनीतिक सफर की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं रही, और उसी समय उनका निजी जीवन भी अशांत चल रहा था। उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने तलाक की अर्जी दायर कर दी।
27 साल पुरानी शादी में आई इस दरार ने पूरे तमिलनाडु को चौंका दिया। संगीता ने विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप भी लगाया। उनका मानना है कि पिछले दो साल से वह रिश्ते को सुधारने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दोनों की शादी 1999 में हुई थी। इस दंपति के दो बच्चे हैं— बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। विजय ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत 1984 में एक बाल कलाकार के रूप में की थी। उनकी पहली फिल्म ‘वेट्री’ उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर द्वारा निर्देशित थी।
उन्होंने कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया और 1992 में ‘नालैया थीरपु’ से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। 1996 में फिल्म ‘पूवे उनाक्कागा’ ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने दर्जनों हिट फिल्में दीं और थलपति के नाम से मशहूर हो गए।
नामांकन के समय विजय ने अपनी संपत्ति का हलफनामा भी दाखिल किया। उनके अनुसार उनकी कुल संपत्ति 404.58 करोड़ रुपए है। उनके पास 10 मकान हैं। उनके व्यक्तिगत बैंक खातों, बच्चों के खातों और पत्नी के खाते में भी रकम जमा है। विजय के पास कई लग्जरी गाड़ियां भी मौजूद हैं।













