उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां पानी की एक ऊंची टंकी पर चढ़े दो किशोर सीढ़ी टूट जाने की वजह से करीब 16 घंटे तक हवा में फंसे रहे।
जब प्रशासन के पास उन्हें नीचे उतारने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो भारतीय वायु सेना ने कमान संभाली। रविवार सुबह वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने एक साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों किशोरों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया।

बता दें, यह घटना कांशीराम आवासीय कॉलोनी की है, जहां शनिवार को पांच बच्चे रील बनाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़े थे। इसी दौरान सीढ़ी टूट गई और सिद्धार्थ, शनि और गोलू नाम के तीन बच्चे नीचे गिर गए, जिस कारण गंभीर चोट लगने से सिद्धार्थ की मृत्यु हो गई।
शनि और गोलू को इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। जबकि जबकि पवन और कल्लू नाम के दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने किशोरों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए काफी मशक्कत की।
पानी की टंकी की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने की वजह से नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं था। प्रशासन ने पहले टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक कच्ची सड़क बनाने का प्रयास किया, लेकिन रात करीब 3 बजे हुई मूसलाधार बारिश ने काम रोक दिया। स्थिति को बिगड़ता देख और बच्चों की जान खतरे में पाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल भारतीय वायु सेना से मदद मांगी।
On a request from state government authorities, an IAF Mi 17 V5 of Central Air Command (CAC) was deployed to rescue two stranded children, who were stuck on top of a water tank in Sidharth Nagar in Gorakhpur, Uttar Pradesh. The children were stranded in the night as the ladder of… pic.twitter.com/dZ2D4shbQS
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) May 3, 2026
गोरखपुर से वायु सेना का हेलीकॉप्टर रविवार सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर घटनास्थल पहुंचा। इसके बाद अंधेरे और खराब मौसम की चुनौतियों के बीच वायु सेना के जांबाज जवानों ने महज 15 मिनट के भीतर दोनों किशोरों को टंकी के ऊपर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी, एसपी और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। रेस्क्यू के बाद बच्चों को प्राथमिक उपचार और देखरेख के लिए गोरखपुर ले जाया गया। अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने भारतीय वायु सेना की पेशेवर कार्यशैली की जमकर तारीफ की। सेंट्रल एयर कमांड की पोस्ट पर यूजर्स ने “भारतीय वायु सेना द्वारा शानदार काम” और “संकट में देवदूत” जैसे कमेंट्स किए हैं। कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर बच्चे इतनी रात को पानी की टंकी के ऊपर क्या कर रहे थे।













