डॉ. एसएन सुशील बने भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक

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लखनऊ में गुरुवार को  प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एवं कीट विज्ञानी डॉ एस एन सुशील ने निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण किया। इसके पूर्व वह, मेवह भा.कृ.अनु .प . – राष्ट्रीय कृषि कीट संस्थान ब्यूरो बेंगुलुरु मे निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

डॉ सुशील ने कृषि कीट विज्ञान मे एम. एससी. एवं पीएच.डी की उपाधि , पंतनगर से प्राप्त की । उन्हें जैविक नियंत्रण (Biological Control), समेकित कीट प्रबंधन (IPM), बायोसिस्टमैटिक्स, मधुमक्खी पालन, प्लांट क्वारंटाइन, तथा पादप संरक्षण नीतियों के क्षेत्र में विशेष विशेषज्ञता प्राप्त है।

अपने लगभग तीन दशकों से अधिक के वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक अनुभव में उन्होंने , हैदराबाद, , बेंगलुरु, , रांची, , अल्मोड़ा तथा , लखनऊ सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में वैज्ञानिक, प्रधान वैज्ञानिक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं प्रदान की हैं। वर्ष 2013 से 2016 तक वे भारत सरकार में प्लांट प्रोटेक्शन एडवाइजर के रूप में भी कार्यरत रहे।

डॉ. सुशील को कृषि कीट विज्ञान एवं पादप संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें गोल्डन जुबली स्पेशल अवार्ड-2023, ग्लोबल बायोपेस्टिसाइड एक्सीलेंसी अवार्ड-2023, आउटस्टैंडिंग एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट अवार्ड-2020 तथाद्वारा प्रदत्त गोल्ड मेडल-2008 प्रमुख हैं।

उन्होंने 437 से अधिक वैज्ञानिक एवं लोकप्रिय प्रकाशन किए हैं तथा 20 से अधिक प्रौद्योगिकियों का विकास किया है, जिनमें से 6 का व्यावसायीकरण भी किया जा चुका है। उनके नाम दो पेटेंट भी स्वीकृत हैं। डॉ. सुशील ने भारत सरकार के विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मंचों पर विशेषज्ञ, सदस्य एवं भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

संस्थान परिवार ने डॉ. एसएन सुशील का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा गन्ना अनुसंधान एवं किसानों के हित में नई उपलब्धियां स्थापित होंगी।

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