लखनऊ: सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय और सुगंधित पादप संस्थान गर्व से घोषणा करता है कि उसके फसल संरक्षण और उत्पादन प्रभाग की वैज्ञानिक-D, डॉ. आकांक्षा सिंह, को प्रतिष्ठित भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी युवा एसोसिएटशिप (IYA)-2026 से सम्मानित किया गया है।
डॉ. सिंह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी युवा वैज्ञानिक और भारतीय राष्ट्रीय युवा विज्ञान अकादमी की सक्रिय सदस्य भी हैं। डॉ. सिंह ने औषधीय एवं सुगंधित पादपों में एंडोमाइक्रोबायोम मैपिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान दिया है। उनके अग्रणी शोध ने पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाओं की समझ को नई दिशा प्रदान की है तथा कृषि विज्ञान एवं पादप माइक्रोबायोम अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया है।
उनके शोध कार्य ने क्लोरोप्लास्ट कार्यप्रणाली के नियमन के माध्यम से फाइटोकेमिकल जैवसंश्लेषण को बढ़ाने हेतु एक स्केलेबल ढांचा विकसित किया है, जिससे औषधीय एवं सुगंधित पौधों की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार की नई संभावनाएँ खुली हैं।
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी यंग एसोसिएटशिप भारत में होनहार युवा वैज्ञानिकों को उनकी असाधारण शोध उपलब्धियों और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के लिए दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। यह सम्मान कृषि विज्ञान, आणविक सूक्ष्मजीव विज्ञान और पादप माइक्रोबायोम पर अभिनव शोध में डॉ. सिंह के उत्कृष्ट योगदान को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर डॉ. सिंह को बधाई देते हुए डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप ने कहा कि यह सम्मान संस्थान के लिए अत्यंत गर्व का विषय है तथा जीवविज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने डॉ. सिंह के उज्ज्वल वैज्ञानिक भविष्य और आगामी शोध प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।
सीएसआईआर-सीमैप औषधीय और सगंध पौधों में अत्याधुनिक अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है, जो कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी के सतत विकास में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।












