पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील देशवासियों से की थी। इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं और इस बीच उन्होंने खुद भी इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। पीएम आज अपने घर से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ ही निकले। इस तरह अपील करने के बाद पेट्रोल और डीजल बचाने की दिशा में पीएम ने खुद मिसाल कायम करके संदेश दिया है।
एक गाड़ी में वह खुद निकले तो वहीं दूसरे वाहन में उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी के लोग सवार थे। वह इन दो गाड़ियों के काफिले में सवार होकर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पहुंचे थे। इससे पहले पीएम ने रविवार को हैदराबाद में एक आयोजन को संबोधित करते हुए अपील की थी कि पेट्रोल और डीजल की बचत करने की जरूरत है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर पुनः सिद्ध किया है कि वे सही मायने में देश के 'प्रधानसेवक' हैं। जब नेतृत्व स्वयं मिसाल पेश करता है, तो वह जन-आंदोलन बन जाता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच संसाधनों का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है।…
— Nitin Nabin (@NitinNabin) May 13, 2026
उनका कहना था कि देशवासियों को ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा एक साल तक सोने की खरीद भी न करने की अपील उन्होंने की थी। पीएम की अपील के बाद केंद्र सरकार के मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपना काफिला घटा दिया है। तमाम बैठकों को ऑनलाइन ही करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ऐसे फैसले लिए हैं।
यही नहीं पीएम मोदी की अपील के बाद तमाम तरह के कयासों का भी दौर जारी रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि आने वाले दिन कुछ पाबंदियों वाले हो सकते हैं तो वहीं एक वर्ग का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है और सरकार उसकी तैयारी कर रही है।
ऐसे कयासों को तब और बल मिला, जब मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को ज्यादा समय तक रोक कर नहीं रखा जा सकता। उनका कहना है कि हर दिन पेट्रोलियम कंपनियों को कच्चे तेल की बढ़ी कीमत के तहत 1000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति लंबे समय तक जारी नहीं रखी जा सकती।
पीएम मोदी के दो ही गाड़ियों के काफिले में निकलने की भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने खुद मिसाल पेश की है और अब यह अभियान जन-आंदोलन बन सकता है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘नरेंद्र मोदी जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर पुनः सिद्ध किया है कि वे सही मायने में देश के ‘प्रधानसेवक’ हैं। जब नेतृत्व स्वयं मिसाल पेश करता है, तो वह जन-आंदोलन बन जाता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच संसाधनों का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है। मोदी जी की इस पहल से प्रेरणा लेते हुए, मैं भी अपने काफिले की गाड़ियां कम कर रहा हूं। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कई अन्य कदम उठा रहा हूं। आइए, हम सब मिलकर संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।’
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