पीडब्ल्यूएल 2026 के पहलवान दा नांग में अंडर-17 और अंडर-23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार

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नई दिल्ली : प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) का भारतीय कुश्ती पारिस्थितिकी तंत्र पर लगातार बढ़ता प्रभाव अब एक बार फिर महाद्वीपीय मंच पर देखने को मिलेगा। पीडब्ल्यूएल 2026 के कई पहलवान 23 से 31 मई, 2026 तक वियतनाम के दा नांग में आयोजित होने वाली अंडर-17 और अंडर-23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारतीय दल में शामिल चार पहलवानों ने पीडब्ल्यूएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था, जो इस लीग के भारत की नई पीढ़ी के पहलवानों को निखारने, विकसित करने और आगे बढ़ाने के प्रमुख मंच के रूप में उभरने को दर्शाता है।
अंडर-23 पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में मौजूदा अंडर-23 एशियन चैंपियन पंजाब रॉयल्स के चंदेरमोहन 79 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि हरियाणा थंडर्स के सचिन मोर — जो पीडब्ल्यूएल 2026 के खिताबी अभियान का हिस्सा रहे — 86 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

74 Kg – Yash of Maharashtra Kesari vs Chandermohan of Punjab Royals

अंडर-23 महिला वर्ग में भी पीडब्ल्यूएल का मजबूत प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। हरियाणा थंडर्स की नेहा (59 किग्रा) और काजल (76 किग्रा), जो पीडब्ल्यूएल 2026 की विजेता टीम की अहम सदस्य थीं, भारतीय टीम का हिस्सा होंगी।

नेहा इस चैंपियनशिप में शानदार अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ उतरेंगी। वह पहले अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं और अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी अपने नाम कर चुकी हैं। वहीं काजल ने खुद को भारत की सबसे उज्ज्वल युवा कुश्ती प्रतिभाओं में तेजी से स्थापित किया है। वह दा नांग में मौजूदा अंडर-20 विश्व चैंपियन, अंडर-17 विश्व चैंपियन और अंडर-20 एशियन चैंपियन के रूप में उतरेंगी।

भारतीय टीम में इन पहलवानों की मौजूदगी एक बार फिर यह साबित करती है कि पीडब्ल्यूएल केवल एक फ्रेंचाइजी लीग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की कुश्ती संरचना को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

पीडब्ल्यूएल की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह रही है कि इसने युवा और उभरते भारतीय पहलवानों को दुनिया के शीर्ष पहलवानों के साथ मैट साझा करने, ट्रेनिंग करने और ड्रेसिंग रूम का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल, दबाव भरे मुकाबलों और पेशेवर खेल संरचना का यह अनुभव भारतीय पहलवानों में आत्मविश्वास, अनुभव और रणनीतिक समझ विकसित करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

वापसी के बाद से ही पीडब्ल्यूएल ने खुद को एक खिलाड़ी-केंद्रित मंच के रूप में स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य भारतीय ग्रासरूट कुश्ती को वैश्विक मंच से जोड़ना है। लगातार प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ संवाद के जरिए लीग युवा भारतीय पहलवानों को एशियाई, विश्व और ओलंपिक स्तर पर सफलता के लिए तैयार करने का काम कर रही है।

पीडब्ल्यूएल के सीईओ और प्रमोटर अखिल गुप्ता पहले भी लीग के दीर्घकालिक विजन को दोहरा चुके हैं, जिसमें भारतीय कुश्ती के विकास में सार्थक योगदान देने और उभरती प्रतिभाओं को समर्थन व मंच प्रदान करने के लिए एक मजबूत पेशेवर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना शामिल है।

अंडर-17 और अंडर-23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए कई पीडब्ल्यूएल पहलवानों का चयन एक बार फिर यह दर्शाता है कि लीग भारत के भविष्य के कुश्ती सितारों की पहचान, विकास और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। दा नांग में होने वाली इस चैंपियनशिप में एशिया के कई शीर्ष उभरते पहलवान हिस्सा लेंगे और भारत आने वाले दिनों में विभिन्न वर्गों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद के साथ उतरेगा।

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