पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता का उदाहरण बना सीजी सिटी वेटलैंड

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लखनऊ : अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (IDB) 2026, जिसकी थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” रही, के अवसर पर गोमती नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु जनवरी 2025 में स्थापित 137 कॉम्पोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स बटालियन (प्रादेशिक सेना)

39 गोरखा राइफल्स की गोमती टास्क फोर्स द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) तथा टर्टल सर्वाइवल अलायंस फाउंडेशन इंडिया (TSA) के सहयोग से सीजी सिटी वेटलैंड, लखनऊ में जैव विविधता जागरूकता एवं वेटलैंड संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में लखनऊ पब्लिक कॉलेज, सहारा एस्टेट (जानकीपुरम) के विद्यार्थियों, स्थानीय समुदाय के सदस्यों, पर्यावरण हितधारकों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत जैव विविधता जागरूकता सत्र, पक्षी अवलोकन गतिविधियाँ तथा वेटलैंड स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य संरक्षण प्रयासों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।

जागरूकता सत्रों में जैव विविधता संरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला गया तथा यह बताया गया कि शहरी वेटलैंड पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, वन्यजीव आवासों को संरक्षण प्रदान करने तथा शहरी पारिस्थितिकीय स्थिरता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गोमती टास्क फोर्स द्वारा नवंबर 2025 में LDA एवं TSA के सहयोग से सीजी सिटी वेटलैंड पुनर्जीवन अभियान प्रारंभ किया गया था, जो गोमती बेसिन में पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन एवं पर्यावरण संरक्षण के सतत प्रयासों का हिस्सा है।

इस पहल का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण शहरी वेटलैंड को जैव विविधता हॉटस्पॉट, शहर के लिए प्राकृतिक भूजल पुनर्भरण क्षेत्र तथा गोमती नदी के पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने वाले महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय बफर के रूप में पुनर्जीवित करना है।

पुनर्जीवन अभियान के प्रारंभ होने के बाद से सभी हितधारकों के संयुक्त एवं निरंतर प्रयासों से वेटलैंड पारिस्थितिकी तंत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्तमान में यह वेटलैंड 434 प्रजातियों का आश्रय स्थल बन चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इस स्थल पर किए गए संरक्षण एवं पुनर्स्थापन कार्यों की सफलता को दर्शाती है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, पारिस्थितिकीय सुरक्षा तथा भावी पीढ़ियों के लिए सतत विकास के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।

गोमती टास्क फोर्स के प्रयास नदी एवं वेटलैंड पुनर्जीवन की व्यापक अवधारणा के अंतर्गत पारिस्थितिकीय संरक्षण तथा जनसहभागिता के सफल समन्वय को निरंतर साकार कर रहे हैं।

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