लखनऊ। Menstrual Hygiene Day-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ विभाग द्वारा कारागार मुख्यालय, लखनऊ में “Reducing Period Deprivation Behind Bars” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन स्पार्क मिंडा फाउंडेशन, इंडिया विजन फाउंडेशन एवं भारतकेयर्स के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारागारों में मासिक धर्म स्वच्छता एवं प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं संस्थागत कल्याण को बढ़ावा देना रहा।
यूपी कारागार विभाग ने मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता को दी नई दिशा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीसी मीना, आईपीएस, महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश रहे। अपने संबोधन में उन्होंने महिला बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने हेतु विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कारागारों में Menstrual Hygiene प्रबंधन को सुदृढ़ करना एक संवेदनशील एवं आवश्यक पहल है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव मनु कालिया ने Menstrual Health से जुड़े सामाजिक एवं विधिक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
वहीं पीएन पाण्डेय, उपमहानिरीक्षक, कारागार मुख्यालय ने राज्य स्तर पर संचालित Menstrual स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पहलों की जानकारी दी। इस अवसर पर “प्रोजेक्ट शक्ति कम्पेंडियम” का लोकार्पण किया गया, जिसमें पिछले दो वर्षों में विभिन्न कारागारों में किए गए कार्यों एवं उनके प्रभावों का संकलन प्रस्तुत किया गया।
साथ ही परियोजना की यात्रा एवं सकारात्मक बदलाव को दर्शाती एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही मोनिका धवन, डायरेक्टर इंडिया विजन फाउंडेशन, श्री प्रवीण कर्ण एवीपी स्पार्क मिंडा फाउंडेशन एवं आकृति मिश्रा एवीपी भारतकेयर्स द्वारा इस विषय पर जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ कारागार विभाग के 68 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की, जिनमें वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, हेड जेल वार्डर एवं वार्डर्स सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत बहु-हितधारक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें कारागारों में Menstrual स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त विभिन्न तकनीकी एवं सहभागिता आधारित सत्र भी आयोजित किए गए।
विशेषज्ञ वक्ता शची सिंह द्वारा कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आत्म-देखभाल, तनाव प्रबंधन, कार्य के दबाव से बचाव एवं मानसिक स्वास्थ्य विषयक विशेष सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं को उनके योगदान एवं सहभागिता हेतु प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही “प्रोजेक्ट शक्ति” की भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में अपर महानिरीक्षक कारागार धमेन्द्र सिंह, उत्तर प्रदेश, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक सुभाष चन्द्र शाक्य, प्रदीप गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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