लखनऊ। अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर मुख्यमंत्री तत्काल लखनऊ लौटे और सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
सीएम योगी का सख्त रुख, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
इसके बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने घायल छात्रों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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केजीएमयू प्रशासन के अनुसार, कुल 22 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें 15 को मृत घोषित किया गया, जबकि 7 घायल हैं जिनका उपचार जारी है। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को उपचार की स्थिति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात के दौरान कहा कि “हम किसी की जिंदगी तो वापस नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए।” उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी (फायर सर्विस) सुजीत पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जून के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वह पहले हाथरस में 548 करोड़ रुपये की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने वाले थे तथा इसके बाद आगरा में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी।
गौरतलब है कि जिस समय यह दर्दनाक हादसा हुआ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही स्थगित कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया था।
इस भवन में कोचिंग सेंटर, एनीमेशन क्लास और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। आग के कारण कई छात्र फंस गए और 15 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ छात्र जान बचाने के लिए इमारत से कूदने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जो करीब दो घंटे तक जारी रहा। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और एसी कंप्रेसर फटने को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। पूरे क्षेत्र में हादसे के बाद शोक का माहौल है, जबकि प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है।
सीएम योगी का सख्त रुख, एसआईटी करेगी पूरे मामले की जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज अग्निकांड की घटना को लेकर देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने दोषियों की पहचान के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए।
गठित एसआईटी में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात तथा लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।













