लेह, लद्दाख: पहले रॉयल एनफील्ड चैलेंजर्स कप का समापन बेहद रोमांचक मुकाबले के साथ हुआ, जिसमें भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम ने लेह किंग्स को 6-5 से हराकर नवांग दोर्जे स्टोबदान (एनडीएस) स्टेडियम, लेह में टूर्नामेंट के पहले खिताब पर कब्जा किया।
रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी लीग की उभरती प्रतिभाओं से बनी लेह किंग्स ने देश की सबसे मजबूत आइस हॉकी टीम को अंत तक कड़ी चुनौती दी।
रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी लीग से चुने गए खिलाड़ियों वाली लेह किंग्स को संघर्ष के बाद हार
मुकाबले के अंतिम क्षणों में पदमा नामग्याल ने फुंत्सोग नामग्याल के पास पर विजयी गोल दागकर भारतीय सेना की टीम को खिताब दिलाया। यह मुकाबला खचाखच भरे स्टेडियम के सामने खेला गया और इसने रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन के तहत तैयार किए गए खिलाड़ी विकास मॉडल की सफलता को भी रेखांकित किया।
लेह किंग्स ने मैच की शानदार शुरुआत की। त्सेरिंग अंगचुक ने मुश्ताक अहमद गिरी के सटीक पास पर गोल कर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।
इसके तुरंत बाद भारतीय सेना की टीम ने वापसी करते हुए दोरजे अंगचुक ने फुंत्सोग नामग्याल के पास पर बराबरी का गोल किया। इसके बाद जिग्मथ कुंजांग ने पदमा नामग्याल के असिस्ट पर गोल कर भारतीय सेना को 2-1 की बढ़त दिला दी और पहले पीरियड का अंत सेना की बढ़त के साथ हुआ।
दूसरे पीरियड की शुरुआत में रिगजिन नोरबू ने स्टानजिन नामग्याल के शानदार मूव को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया। हालांकि लेह किंग्स ने हार नहीं मानी। स्टानजिन अंगचोक ने स्टानजिन लोटस और मुश्ताक अहमद गिरी के असिस्ट पर लगातार दो गोल दागकर शानदार वापसी की और स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया।
इसके बाद रिगजिन नोरबू ने अपना दूसरा गोल कर भारतीय सेना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन लेह किंग्स ने एक बार फिर जवाब देते हुए चंबा त्सेतान ने त्सेरिंग अंगचुक के पास पर गोल किया और दूसरा पीरियड 4-4 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
तीसरे पीरियड की शुरुआत के महज एक मिनट के भीतर स्टानजिन अंगचोक ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए लेह किंग्स को 5-4 से आगे कर दिया। लगातार जीत के अपने रिकॉर्ड पर खतरा मंडराता देख भारतीय सेना की टीम ने बेहतरीन संयम दिखाया।
जिग्मथ कुंजांग ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर बराबर किया, जिसके बाद पदमा नामग्याल ने फुंत्सोग नामग्याल के असिस्ट पर निर्णायक गोल दागकर भारतीय सेना को 6-5 की रोमांचक जीत और उद्घाटन रॉयल एनफील्ड चैलेंजर्स कप का खिताब दिलाया।
पूरे सप्ताह शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम के गोलकीपर सोनम त्सेतान को पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया, जबकि लेह किंग्स के त्सेरिंग अंगचुक को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
इस फाइनल ने रॉयल एनफील्ड चैलेंजर्स कप की मूल सोच को पूरी तरह सार्थक साबित किया। जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों के विकास और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के बीच सेतु के रूप में तैयार किए गए
इस टूर्नामेंट ने रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन की विकासात्मक लीगों से उभरकर आए खिलाड़ियों को देश की सबसे मजबूत संस्थागत टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर दिया। अंततः उपविजेता रही लेह किंग्स ने जिस निडरता से खेला, उसने हिमालयी क्षेत्र में उभर रही नई पीढ़ी की आइस हॉकी प्रतिभाओं की तेज़ प्रगति को साबित किया।
रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन के तहत लद्दाख आइस हॉकी संघ और लाहौल एवं स्पीति आइस हॉकी संघ के सहयोग से आयोजित इस टूर्नामेंट में पांच टीमों ने राउंड-रॉबिन प्रारूप में हिस्सा लिया,
जिनमें शीर्ष दो टीमों ने फाइनल में जगह बनाई। प्रतियोगिता में लेह किंग्स, कारगिल वॉरियर्स, स्पीति टाइटंस, भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की केंद्रीय आइस हॉकी टीम ने भाग लिया।
आइशर ग्रुप फाउंडेशन के निदेशक विग्यात सिंह ने कहा, “जब हमने यह यात्रा शुरू की थी, तब हिमालयी क्षेत्र में आइस हॉकी मुख्य रूप से सर्दियों तक सीमित थी। आज अगस्त महीने में लेह के ऑल-सीजन कृत्रिम आइस रिंक पर चैलेंजर्स कप का आयोजन इस पूरे खेल तंत्र की प्रगति का प्रमाण है।
सालभर खिलाड़ियों को तैयार करने वाले कोच, खेल के मानकों को बनाए रखने वाले रेफरी और हर दिन खुद को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने वाले युवा खिलाड़ी ही इस बदलाव की असली ताकत हैं।
इन खिलाड़ियों को देश की सर्वश्रेष्ठ टीमों के सामने बराबरी की टक्कर देते देख यह विश्वास और मजबूत होता है कि नियमित प्रशिक्षण और अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर कितने महत्वपूर्ण हैं।
यह टूर्नामेंट इसी सामूहिक प्रयास का उत्सव है और इस बात की याद दिलाता है कि एक मजबूत और टिकाऊ खेल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है, जिसके लिए हम पूरी तरह समर्पित हैं।”
मैचों के अलावा, 1 से 4 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तीनों क्षेत्रीय टीमों के लिए विशेष ऑन-आइस प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपनी तकनीकी और सामरिक क्षमताओं को और निखारा।
भारतीय सेना की आइस हॉकी टीम के कप्तान त्सेवांग नामग्याल ने कहा, “बड़ी संख्या में दर्शकों के सामने खेलना लिए नया नहीं है, लेकिन लद्दाख और स्पीति के युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसा मंच उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
पर्यटन सीजन के दौरान चैलेंजर्स कप आयोजित होने से इन खिलाड़ियों को हजारों दर्शकों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जिनमें से कई पहली बार भारतीय आइस हॉकी देख रहे थे।
ऐसी पहचान खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है, उनकी मेहनत को नई पहचान देती है और दुनिया को यह दिखाती है कि हिमालयी क्षेत्र में भारतीय आइस हॉकी किस तरह आगे बढ़ रही है। इस मंच और सही समय का लाभ इस टूर्नामेंट की हर टीम को मिला।”
रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन के तहत शुरू किए गए इस नए मंच ने रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी लीग और स्पीति कप से उभरकर आए खिलाड़ियों को पहली बार देश की शीर्ष संस्थागत टीमों के खिलाफ अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दिया।
लेह किंग्स, कारगिल वॉरियर्स और स्पीति टाइटंस के रूप में खेलते हुए इन खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया।
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लेह के नव विकसित ऑल-सीजन कृत्रिम आइस रिंक में आयोजित इस उद्घाटन टूर्नामेंट ने हिमालयी आइस हॉकी के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। गर्मियों के पर्यटन सीजन के दौरान आयोजित इस छह दिवसीय प्रतियोगिता में 15,000 से अधिक दर्शकों ने हिस्सा लिया।
इससे देश-विदेश से आए पर्यटकों को पहली बार प्रतिस्पर्धी भारतीय आइस हॉकी देखने का अवसर मिला और यह भी साबित हुआ कि आधुनिक खेल अवसंरचना के माध्यम से इस खेल को अब केवल सर्दियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
क्षेत्रीय लीगों के साथ मिलकर यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के विकास की राह को और मजबूत करता है तथा लद्दाख आइस हॉकी संघ और लाहौल एवं स्पीति आइस हॉकी संघ के सहयोग से पूरे हिमालयी क्षेत्र में एक टिकाऊ, समुदाय-आधारित खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की रॉयल एनफील्ड की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।











