लेह: राजस्थान के सूरज मीणा ने 13वें लद्दाख मैराथन में गैर-लद्दाखी धावकों के लिहाज़ से नया मानक स्थापित किया। उन्होंने 122 किलोमीटर की सिल्क रूट अल्ट्रा रेस 12:35:00 की अवधि में पूरी की। वह लद्दाख के नवांग त्सेरिंग के बाद दूसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 12:12:18 का नया कोर्स रिकॉर्ड बनाते हुए रेस जीती।
तेनज़िन डोलमा ने 14:26:29 की अवधि में महिलाओं का खिताब जीता, जो भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण अल्ट्रा रेस में से एक में उनके शानदार प्रदर्शन की एक और मिसाल है।
सिल्क रूट अल्ट्रा नुब्रा घाटी के क्यागर गांव से लगभग 10,700 फुट की ऊंचाई से शुरू होती है और खारदुंग ला की 17,618 फुट तक चढ़ाई पार करते हुए लेह में खत्म होती है।
नवांग त्सेरिंग ने तोड़ा कोर्स रिकॉर्ड, तेनज़िन डोलमा और जिग्मेत स्तोबदान ने जीते खिताब
नवांग अपनी रिकॉर्ड-तोड़ दौड़ के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले धावकों में सबसे आगे रहे, जबकि सूरज उनके ठीक पीछे रहे और रिग्ज़िन ग्युरमेथ 12:51:21 की अवधि में दौड़ पूरी कर तीसरे स्थान पर रहे।
लद्दाख फुल मैराथन के तीन बार के विजेता नवांग ने खुद को भारत के ऊंचाई पर लंबी दूरी तक दौड़ने वाले प्रमुख धावकों (हाई-एल्टीट्यूड एंड्योरेंस रनर्स) में से एक के रूप में स्थापित किया है और इंटरनेशनल ट्रेल-रनिंग सर्किट में भी अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने 2025 में सीसीसी एचओकेए यूटीएमबी मों-ब्लां में हिस्सा लिया था और लंबी दूरी की पर्वतीय दौड़ (माउंटेन रेसिंग) में पहले से बने रिकॉर्ड के साथ इस साल की सिल्क रूट अल्ट्रा में उतरे थे।
तेनज़िन डोलमा ने 14:26:29 में महिलाओं की रेस में बढ़त बनाई, जबकि सूफिया सूफी रनर 17:42:08 और अदिति चौधरी 19:21:18 की अवधि के साथ उनके पीछे रहीं। पांच गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकीं और कश्मीर से कन्याकुमारी तक दौड़ लगा चुकीं सूफिया ने उपलब्धियों भरे अपने करियर में एक और बड़ी एंड्योरेंस चुनौती को जोड़ा।
72 किलोमीटरकी खारदुंग ला चैलेंज में एक और कोर्स रिकॉर्ड बना, जिसमें जिग्मेत स्तोबदान ने पुरुषों की रेस 6:00:03 में जीती। उनके बाद शब्बीर हुसैन ने 6:26:24 और सिंगे अंगचोक ने 6:34:12 का समय लिया।
महिलाओं की दौड़ में डिस्केट डोलमा 7:03:26 के समय के साथ सबसे आगे रहीं, जबकि जिग्मेत डोलमा ने दौड़ पूरी करने में 8:33:16 और नेहा देवी ने 8:56:15 का समय लिया।
यह जोश शेष प्रतिभागियों में भी दिखा। 2026 लद्दाख मैराथन के लिए 7,800 से अधिक धावकों ने पंजीकरण कराया और 7,200 से अधिक धावकों ने इस आयोजना की कड़ी शर्तों को पूरा कर इसमें जगह बनाई।
ये शर्तें धावकों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। 5,300 से ज़्यादा धावकों ने तय समय-सीमा के अंदर दौड़ पूरी की, जिसमें 72 किलोमीटर खारदुंग ला चैलेंज में रिकॉर्ड 291 और 122 किलोमीटर सिल्क रूट अल्ट्रा में 82 धावक शामिल थे।
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रविवार को आयोजित 13वें लद्दाख मैराथन में निखिल सिंह ने पुरुष और स्टैनज़िन डोलकर ने महिला वर्ग के 42 किलोमीटर ओपन मैराथन का खिताब जीता।
साथ ही त्सेतान नामग्याल और गार्गी शर्मा ने क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग की हाफ मैराथन जीता। निखिल ने 42 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने में 2:44:36 और स्टैनज़िन ने 3:32:58 का समय लिया।
इधर त्सेतान ने 21 किलोमीटर की दौड़ 1:14:13 में और गार्गी ने 1:42:04 की अवधि में पूरी की। 11.2 किलोमीटर की दौड़ के साथ ये दोनों दौड़ें, इस आयोजन के आखिरी दिन का मुख्य आकर्षण रहीं। गौरतलब है कि पूरी प्रतियोगिता में कुल की इनामी राशि ₹1 करोड़ थी।
निखिल पुरुषों की दौड़ में सबसे आगे रहे। उन्होंने विपुल कुमार (2:50:37) और हंस राज (2:53:03) को पीछे छोड़ा। वहीं, स्टैनज़िन डोलकर ने सरस्वती राय (3:33:41) और डिस्केट डोलमा (3:37:57) को पीछे छोड़ा। डिस्केट डोलमा ने कुछ दिन पहले ही खारदुंग ला चैलेंज में महिलाओं का ओपन खिताब जीता था।
हाफ मैराथन में, ढोला राम 1:20:32 में दौड़ पूरी कर दूसरे स्थान पर और सरफराज़ हुसैन 1:23:25 की अवधि के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि महिलाओं की श्रेणी में गार्गी के बाद स्टैनज़िन यांगडोल और सिमता शर्मा ने क्रमशः 1:52:57 और 1:54:51 की अवधि के साथ शीर्ष तीन स्थानों में अपनी जगह बनाई।
2026 लद्दाख मैराथन में भारत के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 35 के अलावा 28 से अधिक देशों और सभी छह आबाद महाद्वीपों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
‘हाई एल्टीट्यूड स्पोर्ट्स फाउंडेशन लद्दाख’ द्वारा आयोजित और ‘रिमो एक्सपेडिशंस’ से आयोजन संबंधी सहयोग (लॉजिस्टिकल सपोर्ट) प्राप्त इस चार दिवसीय कार्यक्रम में छह दौड़ें -122 किलोमीटर सिल्क रूट अल्ट्रा, 72 किलोमीटर खारदुंग ला चैलेंज, फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 11.2 किलोमीटर दौड़ और 5 किलोमीटर ‘रन फॉर फन’ – शामिल थीं।
लद्दाख मैराथन दुनिया की सबसे ऊंची एम्स-प्रमाणित मैराथन और ‘एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स वांडा एज ग्रुप क्वालिफायर’ है। 2012 में अपनी शुरुआत के बाद से, यह भारत के सबसे विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की दौड़ वाले आयोजनों में से एक बन गया है।
यह मैराथन आयोजन दौड़ के अनुभव और लद्दाख के नाज़ुक ट्रांस-हिमालयी पर्यावरण में इसके आयोजन की ज़िम्मेदारी, दोनों पर समान रूप से जोर देता है।
2019 से दौड़ स्थल पर एक बार उपयोग कर फेंक दिए जाने वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि जूनियर रेस प्रोग्राम स्कूली बच्चों को अपनी भागीदारी के हिस्से के रूप में पीईटी बोतलें इकट्ठा करने के लिए प्रोत्साहित कर पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है।
इस कार्यक्रम को लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, भारतीय सेना, लद्दाख पुलिस, सीमा सड़क संगठन (बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और लद्दाख पर्यटन विभाग का भी सहयोग मिला।
भारतीय वायु सेना ने 5 किलोमीटर ‘रन फॉर फन’ के लिए हाइड्रेशन सहायता प्रदान की, जबकि विभिन्न दौड़ मार्गों पर कई ग्राम परिषदों और महिला समूहों ने सहयोग दिया।
लद्दाख मैराथन – विजेताओं की संपूर्ण सूची
- सिल्क रूट अल्ट्रा
- पुरुष ओपन
- नवांग त्सेरिंग; 12:12:18
सूरज मीणा; 12:35:00
रिगज़िन ग्युरमेथ; 12:51:21 - महिला ओपन
- तेनज़िंग डोल्मा; 14:26:29
सूफिया सूफी धावक; 17:42:08
अदिति चौधरी; 19:21:18 - अनुभवी धावक – पुरुष
- पवन ढाका; 16:10:17
माईक बेकर; 18:15:37
शिवानंद डंगवाल; 18:30:22 - अनुभवी धावक – महिला
- आशा सिंह; 21:15:45
खारदुंग ला चैलेंज - पुरुष ओपन
- जिग्मेत स्तोबदान; 6:00:03
शब्बीर हुसैन; 6:26:24
सिंगे अंगचोक; 6:34:12 - महिला ओपन
- डिस्केट डोल्मा; 7:03:26
जिग्मेत डोल्मा; 8:33:16
नेहा देवी; 8:56:15 - अनुभवी धावक – पुरुष
- कोनराड वॉन ऑलमेन; 7:44:09
राजिंदर सिंह भारज; 10:19:45
शिवेंद्र सिंह बिष्ट; 10:32:24 - अनुभवी धावक – महिला
- पूजा वर्मा; 11:19:03
रीता सैटिच पाटकर; 12:26:58
ऋचिका गोयल; 12:41:52 - मैराथन – 42 किलोमीटर
- पुरुष ओपन
- 1)निखिल सिंह; 2:44:36
- विपुल कुमार; 2:50:37
हंस राज; 2:53:03 - पुरुष – 18-35 वर्ष
- अनिल जिंदल; 3:03:06
विशाल कौशल; 3:05:14
अनुराग कोंकर; 3:07:13 - पुरुष – 36-51 वर्ष
- रोहिताश्व कुमार; 3:16:36
2)संदीप कुमार; 3:17:13 - 3)योगेश सनप; 3:21:08
- अनुभवी धावक- पुरुष
- मही पाल सिंह; 3:51:59
राल्फ कर्ट श्वेइगर; 3:58:09
शिवानंद डंगवाल; 4:18:06 - महिला ओपन
- स्टैनज़िन डोलकर; 3:32:58
2)सरस्वती राय; 3:33:41 - डिस्केट डोल्मा; 3:37:57
- महिला – 18-35 वर्ष
- अन्विता वर्मा; 4:05:34
नेहा देवी; 4:08:48
तन्वी लाड; 4:16:10 - महिला – 36-51 वर्ष
- दीपिका प्रकाश; 4:28:29
ऐश्वर्या दुबे; 4:42:29
जेसिका पॉलराज; 5:06:55 - अनुभवी धावक- महिला
- रीता सतीश पाटकर; 4:49:39
क्षीरसागर रामअस्मिता; 5:16:41
अंजलि भालिंगे; 5:18:32 - हाफ मैराथन
- पुरुष ओपन
- त्सेतन नामग्याल; 1:14:13
ढोला राम; 1:20:32
सरफराज हुसैन; 1:23:25 - पुरुष- 18-35 वर्ष
- रिगज़िन चोस्फिल; 1:24:46
थिनले ग्यालत्सेन; 1:25:28
स्कर्मा शराफ थार्चेन; 1:25:30 - पुरुष -36-51 वर्ष
- दोरजे गेलसन; 1:36:26
उधम सिंह; 1:44:55
जिग्मेत एंगचुक; 1:47:24
अनुभवी धावक – पुरुष - रेजी कुमार अरविंदाक्षन; 1:51:45
छिमेत नामग्याल; 1:53:48
अकीरा नकाडा; 1:54:46 - महिला ओपन
- गार्गी शर्मा; 1:42:04
स्टैनज़िन यांगडोल; 1:52:57
3)सिमता शर्मा; 1:54:51 - महिला -18-35
- पद्मा चोरोल; 2:03:54
सुस्मिता दास; 2:07:53
अलीशा कौर; 2:09:08
महिला – 36-51 - प्रीति पोनिया; 2:10:44
पूजा द्रुबरा; 2:17:24
इविता तनेजा; 2:21:18 - अनुभवी धावक – महिला
- सरबरी देबनाथ; 2:44:00
राजलक्ष्मी मणि; 2:53:06
निमिषा नाडकर्णी; 2:53:06
11.2 किलोमीटर दौड़ - पुरुष ओपन
- सोनम स्टैनज़िन; 00:42:22
फुरबू टुंडुप; 00:43:04
3)महबूब अली; 00:43:46 - पुरुष-18-35
- मोहम्मद बाकिर; 00:44:29
कुंजंग नामगल; 00:44:44
पुंचोक ताशी; 00:45:07
पुरुष – 36-51 वर्ष - गोपा कुमार जी; 1:02:07
विक्रम गौड़; 1:02:34
थुपस्तान त्सेफेल; 1:02:54 - अनुभवी धावक-पुरुष
- भक्त राज गुरुंग; 00:53:50
बिमल थापा; 1:05:34
मोहम्मद सादिक; 1:11:28 - महिला ओपन
- स्टैनज़िन डिस्किट; 00:58:22
ताशी डोलकर; 1:01:57
देवांशी सक्सैना; 1:03:07 - महिला -18-35 वर्ष
- त्सेवांग ल्हाडोल; 1:05:05
सोनम चोदन; 1:06:09
नीमा डोल्मा; 1:09:41
महिला – 36-51 वर्ष - फुंस्टोग एंग्मो; 1:14:42
सुचित्रा सी; 1:16:34
पार्वती कंवर; 1:18:43
अनुभवी धावक – महिला - कृष्णा चौहान; 1:31:41
मंजू कौर खुराना; 1:35:24
डॉ. रिनचेन चॉसडोल; 1:35:35












