कोलकाता : पंजाब एफसी का आईएफए शील्ड 2026 अभियान रविवार को किशोर भारती क्रीड़ांगन में डिफेंडिंग चैंपियन मोहन बागान सुपर जायंट के खिलाफ गोलरहित सेमीफाइनल के बाद पेनल्टीशूटआउट में 3-4 की करीबी हार के साथ समाप्त हो गया।
द शेरर्स ने पूरे 120 मिनट तक मुकाबले में मजबूती से चुनौती पेश की और कई मौकों पर बढ़त हासिल करने के करीब पहुंचे, लेकिन शूटआउट में मोहन बागान ने बाजी मार ली।
मोहन बागान सुपर जायंट – 0 (4) पंजाब एफसी – 0 (3)
डिफेंडिंग चैंपियन अब फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी और नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा। शुरुआती मिनटों में पंजाब एफसी को मोहन बागान के तेज दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने अपनी रक्षात्मक संरचना को मजबूत और व्यवस्थित बनाए रखा।

तीसरे मिनट में पहला मौका आया, जब ललियांजुआलाछांग्ते के प्रयास से गेंद थोड़ी डिफ्लेक्ट हुई, लेकिन अरशदीप सिंह ने संयम बनाए रखते हुए गेंद को सुरक्षित पकड़ लिया। पांच मिनट बाद मोहन बागान ने फिर खतरा पैदा किया। आशीष राय एक एरियलथ्रूबॉल तक पहुंचे और अरशदीप के अपनी लाइन से बाहर आने के बाद लीएर्विन को फर्स्ट-टाइम पास दिया।
हालांकि, पंजाबएफसी के डिफेंस ने तेजी से वापसी करते हुए एर्विन के प्रयास को ब्लॉक कर खतरा टाल दिया। इसके बाद एर्विन ने फ्री-किक से अरशदीप की परीक्षा ली, लेकिन पंजाब के गोलकीपर ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को रोक दिया। शुरुआती दबाव को झेलने के बाद पंजाबएफसी ने 15 मिनट के बाद मुकाबले में अपनी पकड़ बनानी शुरू की।
टीम ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा रखा और फाइनलथर्ड में अधिक मौके बनाए। बाएं फ्लैंक पर मंगलेनथांगकिपगेन ने आक्रमण में अहम भूमिका निभाई, जबकि 21वें मिनट में पैट्रिक बहानाक ने फ्री-किक पर हेडर लगाया, लेकिन गेंद लक्ष्य से ऊपर चली गई। 27वें मिनट में बिशुशर्मा ने शानदार रन बनाते हुए बॉक्स के दाईं ओर अल्फ्रेडमोया को गेंद दी, लेकिन मोया का ग्राउंडेड प्रयास मामूली अंतर से बाहर चला गया।
10 मिनट बाद मोया और शर्मा ने फिर मिलकर मौका बनाया, लेकिन शर्मा के लोशॉट ने डिफ्लेक्शन लिया और गेंद विशाल कैथ के हाथों में चली गई। मोहन बागान लगातार खतरा बना रहा। 39वें मिनट में समीरजुल्कोविक के क्रॉस पर छांग्ते ने जोरदार फर्स्ट-टाइम वॉली लगाई, लेकिन अरशदीप सही जगह पर मौजूद थे और उन्होंने गेंद को सुरक्षित पकड़ लिया।
दूसरे हाफ में भी पंजाब एफसी ने अपना संयम बनाए रखा। ब्रेक के बाद मैदान पर उतरे मुहम्मदसुहैल ने 48वें मिनट में तुरंत प्रभाव डाला। उन्होंने बॉक्स के अंदर दो डिफेंडरों को छकाने के बाद टर्न लेते हुए शॉट लगाया, लेकिन गेंद मामूली अंतर से लक्ष्य से बाहर चली गई। द शेरर्स ने रक्षात्मक रूप से अनुशासित प्रदर्शन जारी रखा, जबकि मोहनबागान बीच से आक्रमण बनाने की कोशिश कर रहा था।
61वें मिनट में पंजाब बढ़त लेने से बस कुछ इंच दूर रह गया, जब दाईंओर से आए क्रॉस पर मोयानेग्लांसिंग हेडर लगाया, लेकिन गेंद क्रॉस बार के ऊपर जाकर छत से टकराई। इसके चार मिनट बाद मोहनबागान को एक दुर्लभ आक्रामक मौका मिला। जुल्कोविक ने बॉक्स के बाहर से फर्स्ट-टाइम शॉट लगाया, लेकिन गेंद क्रॉसबार के ऊपर चली गई। 79वें मिनट में एर्विन की खतरनाक फ्री-किक को पंजाब की डिफेंसिव वॉल ने रोक दिया।
मैच खत्म होने से पांच मिनट पहले मोहनबागान को लगा कि उसने बढ़त बना ली है, जब मिगुएलफरेरा की फ्री-किक पर सुब्हाशीष बोस ने हेडर के जरिए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। हालांकि, असिस्टेंट रेफरी ने ऑफसाइड के लिए फ्लैग उठा दिया और गोल को मान्यता नहीं मिली। इस तरह 90 मिनट के बाद पंजाबएफसी बराबरी पर रहा।
एक्स्ट्रा टाइम में भी द शेरर्स ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। 91वें मिनट में एर्विननेड्राजिच को सेट किया, लेकिन उनका प्रयास लक्ष्य से बाहर चला गया। 104वें मिनट में ड्राजिच ने बॉक्स के अंदर सुहैलअहमद भट को गेंद दी, लेकिन मुहीत शबीर तेजी से अपनी लाइन से बाहर आए और पैरों से शानदार बचाव करते हुए उन्हें रोक दिया। एक्स्ट्रा टाइम के बाकी हिस्से में दोनों टीमें निर्णायक मौका नहीं बना सकीं।
पेनल्टी शूटआउट में राफेलमेसीबोली और अर्शवीरसिंह ने पंजाब एफसी के लिए गोल किए, जबकि विशाल कैथ ने नगरी नशाइजा की पेनल्टी बचाई और बाद में विशाल यादव के प्रयास को भी रोक दिया। मुहीतशबीर ने भी डेजानड्राजिच की पेनल्टी बचाकर पंजाब की उम्मीदें बरकरार रखीं।
रिषिकांतामीतेई ने गोलकर स्कोर 3-3 कर दिया। हालांकि, अल्बर्टोरोड्रिगेज के मोहन बागान को बढ़त दिलाने के बाद मिगुएलफरेरा ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदल दिया और डिफेंडिंग चैंपियन ने 4-3 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बना ली।












