कोलकाता: अब तक अजेय रही पंजाब एफसी 126वें आईएफए शील्ड के सेमीफाइनल में स्थानीय दिग्गज मोहन बागान सुपर जायंट का सामना करने जा रही है। यह इस सीजन में पंजाब एफसी की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। नॉकआउट मुकाबला रविवार, 4 अक्टूबर को शाम 5 बजे कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा।
दोनों टीमों ने अपने अंतिम ग्रुप मुकाबलों से पहले ही नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली थी, जिससे शानदार फॉर्म में चल रहे दो आक्रामक पक्षों के बीच रोमांचक मुकाबले का मंच तैयार हो गया है।
आईएफए शील्ड सेमीफाइनल मुकाबले में रविवार को होगी भिड़ंत
‘द शेर्स’ जबरदस्त लय और आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल में पहुंचे हैं और उन्होंने ग्रुप II में शानदार अंदाज में शीर्ष स्थान हासिल किया।
अपने पहले आईएफए शील्ड अभियान में कलकत्ता कस्टम्स को 7-0 से करारी शिकस्त देने के बाद, उन्होंने नए ब्राजीलियाई खिलाड़ी डिएगो रापोसो के 41वें मिनट में किए गए शानदार लॉन्ग-रेंज गोल की बदौलत स्थानीय दिग्गज ईस्ट बंगाल एफसी को 1-0 से मात दी।
अब उनका सामना खिताब की प्रबल दावेदार मोहन बागान सुपर जायंट से होगा। मोहन बागान ने ग्रुप I में श्रीनिदी डेक्कन को 6-0 से करारी शिकस्त देने के बाद नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के खिलाफ 1-1 से कड़ा ड्रॉ खेलकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए, ‘द मेरिनर्स’ घरेलू मैदान के फायदे और आक्रमण में मौजूद विकल्पों की गहराई का इस्तेमाल करते हुए मैच की गति को नियंत्रित करने की कोशिश करेंगे। इस मुकाबले में टूर्नामेंट के मौजूदा संयुक्त शीर्ष गोलस्कोरर्स के बीच भी रोमांचक टक्कर देखने को मिलेगी।
पंजाब के राफेल मेसी बाउली और मोहन बागान के लालियानजुआला चांग्ते ने अब तक तीन-तीन गोल किए हैं, जिसमें टूर्नामेंट के शुरुआती सप्ताह में लगाई गई शानदार हैट्रिक भी शामिल है। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी दोनों टीमों की रक्षापंक्ति के लिए कड़ी परीक्षा होगी।
जहां अंतरराष्ट्रीय फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने अंतिम तिहाई में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं पंजाब एफसी की सफलता काफी हद तक उसकी मजबूत रक्षात्मक क्षमता और राउंडग्लास फुटबॉल अकादमी से आए खिलाड़ियों के सीनियर टीम में सहज समावेश पर टिकी रही है।
ईस्ट बंगाल के खिलाफ मुकाबले में दबाव के बावजूद पंजाब की बैकलाइन बेहद मजबूत रही। गोलकीपर अर्शदीप सिंह ने स्टॉपेज टाइम के अंतिम पलों में अहम और मैच का रुख बदलने वाले बचाव करते हुए टीम की जीत सुनिश्चित की।
हालांकि, पंजाब एफसी के लिए एक बड़ा नुकसान उसकी रक्षापंक्ति के अहम स्तंभ निखिल प्रभु की अनुपस्थिति होगी।
ईस्ट बंगाल के खिलाफ मुकाबले के दौरान देर से रेड कार्ड मिलने के कारण प्रभु सेमीफाइनल में निलंबन के चलते नहीं खेल पाएंगे।
इससे केंद्रीय रक्षात्मक ढांचे में एक अहम कमजोरी पैदा होगी, जिसका फायदा मोहन बागान की आक्रामक पंक्ति उठाना चाहेगी। इस अनुपस्थिति के कारण खैमिन्थांग लुंगडिम और क्लब के युवा भारतीय खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। यह टूर्नामेंट राउंडग्लास फुटबॉल अकादमी के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ है,
जहां मांगलेंथांग किपगेन जैसे अकादमी से आए खिलाड़ियों ने अनुभवी आईएसएल प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मिडफील्ड में शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल की गति को नियंत्रित किया है।
किपगेन के साथ-साथ मुहम्मद सुहैल, अर्शवीर सिंह और आयुष देशवाल जैसी युवा प्रतिभाओं को टीम में शामिल करना और उनका विकास क्लब की युवा प्रतिभाओं के विकास तथा हाई-परफॉर्मेंस ग्रासरूट इकोसिस्टम के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूती से दर्शाता है।
इस महत्वपूर्ण नॉकआउट मुकाबले से पहले पंजाब एफसी के हेड कोच पावलोस डर्मिट्ज़ाकिस ने कहा, “इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए हमने शानदार जज्बा दिखाया है।
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ईस्ट बंगाल के खिलाफ हमारी जीत ने यह साबित कर दिया कि हम न केवल खुला और आक्रामक फुटबॉल खेल सकते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेहतरीन अनुशासन और दृढ़ता के साथ बचाव भी कर सकते हैं। मोहन बागान एक बहुत मजबूत टीम वाला बड़ा क्लब है और कोलकाता में उनके खिलाफ खेलना हमेशा एक मुश्किल चुनौती होती है।
हालांकि हमें मिडफील्ड में निखिल की कमी खलेगी, लेकिन मुझे टीम में उपलब्ध विकल्पों की गहराई पर पूरा भरोसा है। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि राउंडग्लास अकादमी के हमारे युवा खिलाड़ियों ने अब तक इस चुनौती का जिस तरह डटकर सामना किया है।
इस मुकाबले में उनके पास बड़े मंच पर अपनी गुणवत्ता दिखाने का एक और शानदार अवसर है।” 126वें आईएफए शील्ड के फाइनल में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ ‘द शेर्स’ डर्मिट्ज़ाकिस युग की अपनी अजेय शुरुआत को बरकरार रखते हुए ‘द मेरिनर्स’ को मात देने की कोशिश करेंगे।












