सूझोउ, चीन : भारतीय महिला फुटबॉल के लिए शनिवार एक और ऐतिहासिक पल लेकर आएगा, जब भारत की अंडर-17 महिला टीम 2 मई को एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप चीन 2026 में अपने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17:00 बजे (आईएसटी) करेगी।
मुकाबले का सीधा प्रसारण एएफसी एशियन कप के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। यह 2005 के बाद इस स्तर पर भारत की पहली उपस्थिति होगी, जिससे 21 साल का लंबा इंतजार समाप्त होगा। इससे भी अहम बात यह है कि 2026 में यह भारत की तीसरी महिला एशियन कप उपस्थिति होगी, इससे पहले सीनियर और अंडर-20 टीमें भी महाद्वीपीय मंच पर उतर चुकी हैं।
मुख्य कोच पामेलाकॉन्टी ने मैच से पहले टीम के माहौल पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मुझे लगता है कि हर कोई उत्साहित है और टूर्नामेंट शुरू होने का इंतजार कर रहा है। हमने कई महीनों तक कड़ी मेहनत की है। भारत जैसे बड़े देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलना हमेशा खास होता है। हम पूरी तरह तैयार हैं।”

भारत की इस यात्रा के पीछे एक लंबी और सुनियोजित तैयारी रही है। जनवरी से यंगटाइग्रेस तीन महीने से अधिक समय तक कैंप में रहीं, जहां बेंगलुरु में शारीरिक, तकनीकी और सामरिक पहलुओं पर गहन काम किया गया।
टीम चीन पहुंचने से पहले प्रतिस्पर्धी दौर से भी गुजरी—फरवरी में सैफ अंडर-19 महिला चैंपियनशिप का खिताब, मार्च में म्यांमार के खिलाफ दो जीत, और अप्रैल में रूस के खिलाफ तीन अभ्यास मैच, जहां कठिन प्रतिद्वंद्विता के बीच महत्वपूर्ण अनुभव मिला।
सूझोउ पहुंचने के बाद अंतिम तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। कॉन्टी ने कहा, “शुरुआती कुछ दिनों में बारिश और ठंड थी, लेकिन अब मौसम बेहतर है। खिलाड़ियों को केवल कुछ अंतिम सामरिक समायोजन करने थे, क्योंकि अधिकांश का महमभारत और रूस में पहले ही कर चुके हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि टीम ने अंतिम दिनों में शारीरिक मेहनत कम रखते हुए रणनीतिक पहलुओं पर अधिक काम किया, ताकि खिलाड़ी मैच के लिए तरोता जा रहें। इस टूर्नामेंट में सभी 12 टीमें एक ही परिसर में ठहरी हैं और सूझोउताइहू फुटबॉल स्पोर्ट्स सेंटर में अभ्यास और मुकाबले खेले जा रहे हैं,
जहां आधुनिक सुविधाएं टीमों को बेहतरीन तैयारी का अवसर दे रही हैं। डिफेंडर अभिस्ताबस ने टने टीम के आत्मविश्वास को दर्शाते हुए कहा, “हम इतने महीनों की तैयारी के बाद यहां पहुंचे हैं और अपने पहले मैच से सिर्फ एक दिन दूर हैं। हम बेहद उत्साहित हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।”
ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “वे शारीरिक रूप से मजबूत टीम हैं, लेकिन हम भी किसी से कम नहीं हैं। हम पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे।” रूस के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैचों ने टीम को मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने का अनुभव दिया, जो इस टूर्नामेंट में काम आएगा।
मिडफील्डरजूलननोंगमैतहेम नेभी टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा, “हम लंबे समय से इस टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रहे हैं और अब समय आ गया है कि हम मैदान पर इसे साबित करें। यह हमारे लिए बड़ा मौका है और हम दिखाना चाहते हैं कि हम इस स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा,“ऑस्ट्रेलिया एक कठिन टीम है, लेकिन हम भी आक्रामक और निडर फुटबॉल खेलना चाहते हैं। कोच ने हमें बिना डर के खेलने और हर मुकाबले में पूरी ताकत झोंकने के लिए कहा है।” यंगटाइग्रेस के लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ एक वापसी नहीं, बल्कि एक अवसर है—अपनी मेहनत, साहस और क्षमता को एशियाई मंच पर साबित करने का।













