लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रथम ‘विकसित भारत–जी राम जी’ पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्राम विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित चार राज्यों के लगभग 500 ग्राम प्रधानों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 350 प्रधान उत्तर प्रदेश से थे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें यदि दूरदृष्टि के साथ योजनाएं तैयार करें तो केवल आधारभूत सुविधाओं का ही विकास नहीं होता, बल्कि पूरे गांव का भविष्य भी संवरता है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि जिस प्रकार शहरों के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाता है, उसी प्रकार प्रत्येक गांव के समग्र विकास के लिए भी सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांवों का विकास रोडमैप तैयार करने तथा उन्हें अधिक सुविधाजनक, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं तथा वर्तमान समय ग्रामीण विकास के लिए स्वर्णिम अवसर है।
उन्होंने कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति’ पोर्टल के माध्यम से विकास परियोजनाओं में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में दोहराव की संभावना समाप्त हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आवास के साथ शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आयुष्मान भारत योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के कारण आर्थिक अभाव अब किसी गरीब के उपचार में बाधा नहीं बन रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को नई गति दी है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गांवों में समूह आधारित लघु इकाइयों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी से मुक्त, पारदर्शी व्यवस्था के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है तथा प्रदेश में आधारभूत संरचना और कानून-व्यवस्था दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 300 रुपये से अधिक किए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रति आवास सहायता राशि 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये किए जाने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया है।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र के समापन से पूर्व ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने ग्राम प्रधानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया गया। इस अवसर पर आयुक्त, ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी अतिथियों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) उत्पाद भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में उप मुख्यमंत्री ने सभी ग्राम प्रधानों से अपने गांवों के समग्र विकास का संकल्प लेकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।











