वीबी-जी राम जी योजना पर वाराणसी में होगा राष्ट्रीय मंथन

0
38

लखनऊ। सशक्त पंचायतों के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में कल एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भव्य ‘पंच सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है।

यह आयोजन ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जी राम जी) अधिनियम, 2025’ के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास करना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है।

वाराणसी में गुरुवार को होगा ‘पंच सम्मेलन’, पंचायतों के सशक्तिकरण पर होगी चर्चा

वीबी-जी राम जी योजना के लागू होने से ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए पूर्ण स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय ले सकेंगे। इसमें जल सुरक्षा, संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

वहीं मनरेगा श्रमिकों और कर्मचारियों को नयी योजना में समायोजित किया जाएगा और उनके मानदेय में भी वृद्धि की जाएगी। वीबी-जी राम जी योजना में उत्तर प्रदेश में श्रमिकों की मजदूरी का दर 252 रुपए से बढ़ाकर 300 रूपए कर दिया गया है।

इस भव्य सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य विशेष रूप से शामिल होंगे।

इसके अलावा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव सहित भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और गणमान्य अतिथि भी इस मंच पर अपने विचार साझा करेंगे।

दोनों ही अतिथि बुधवार को ही वाराणसी पहुंच चुके हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने काशी आगमन पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद भी लिया।

“पंच सम्मेलन” में देशभर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 300 ग्राम प्रधान, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

ग्राम्य विकास विभाग उप्र के आयुक्त श्री जीएस प्रियदर्शी, प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े विशेषज्ञ और पंचायत प्रतिनिधि भी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।

इस एक दिवसीय पंच सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर सार्थक चर्चा की जाएगी।

ये भी पढ़ें : नई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट जल्द हों चालू, डीजी जेल पीसी मीना के निर्देश

इसमें ग्रामीण विकास की नई पहलें: गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, जनभागीदारी और सुशासन: शासन में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना, समावेशी एवं आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण: हर वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना एवं आजीविका संवर्धन:

ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर पैदा करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह आयोजन ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने और पंचायतों को विकास का सबसे सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here