लखनऊ। ग्राम्य विकास विभाग ने वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया।
मंगलवार को बख्शी का तालाब स्थित दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में आयोजित एक दिवसीय राज्यस्तरीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में मजदूरी भुगतान में देरी और एनएमएमएस के माध्यम से होने वाली फर्जी हाजिरी पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने विभिन्न जनपदों में श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान लंबित रहने पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वीबी-जी राम जी अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर राज्यस्तरीय प्रशिक्षण
प्रमुख सचिव ने एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) के माध्यम से फर्जी हाजिरी पर प्रभावी निगरानी रखने और ऐसी अनियमितताओं को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कुछ जनपदों में विकासखंड स्तर पर फर्जी हाजिरी की व्यवस्था को पूरी तरह प्रतिबंधित करने को भी कहा।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने भी एनएमएमएस पर फर्जी हाजिरी रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कुछ जनपदों में विभिन्न विभागीय योजनाओं के कन्वर्जन के माध्यम से कार्य कराए जाने पर जोर दिया। साथ ही आगामी 23 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाले विशेष रोजगार सप्ताह की तैयारियां समय से पूरी करने और इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
आयुक्त ने मानव दिवस सृजन और परिसंपत्तियों के निर्माण से जुड़े कार्यों के साथ अन्य विकास कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय से आईं परियोजना अधिकारी विशाखा साहू ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सिक्योर सॉफ्टवेयर के उपयोग और उसकी तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में वीबी-जी राम जी अधिनियम के तहत वीजीपीपी पोर्टल, उन्नत ई-एमबी 2.0, सिक्योर 2.0 और एनएमएमएस 2.0 के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
इसमें ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय, ग्रामीण विकास मंत्रालय की परियोजना अधिकारी विशाखा साहू के अलावा सभी जनपदों के उपायुक्त और श्रम रोजगार अधिकारी शामिल हुए।
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