रायबरेली, उत्तर प्रदेश: सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (CSIR-CIMAP), लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के सतांव विकासखंड स्थित अहमदपुर गांव में एक दिवसीय सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की स्थापना में नागरिकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।
इस कार्यक्रम में लगभग 200 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिनमें 50 महिलाएं भी शामिल थीं। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को शासन-प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. विक्रांत गुप्ता, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीमैप ने सुशासन की स्थापना में आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, ईमानदारी, नैतिक मूल्यों तथा जनभागीदारी के माध्यम से ही एक जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
उत्तम कुमार झा, प्रशासन नियंत्रक, सीएसआईआर-सीमैप ने ई-गवर्नेंस एवं सरकारी सेवाओं में जवाबदेही के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, कार्यकुशलता एवं सुगमता को बढ़ावा मिलता है। साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के दायित्वों, कार्यप्रणाली में ईमानदारी तथा आम जनता के प्रति जवाबदेही के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

आई. बी . दीक्षित ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है तथा सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत बनाता है।
कार्यक्रम की समस्त गतिविधियों का समन्वय डॉ. ऋषिकेश भिसे एवं राहुल सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन एवं विभिन्न गतिविधियों के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में डॉ. अनिल मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ के अधिकारी एवं कर्मचारी जितेंद्र गुप्ता, विकास वर्मा, नीलांबुज प्रसाद, शशिकेल यादव तथा कौशल किशोर सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं सुनियोजित ढंग से किया गया। इस पहल ने ग्रामीण समुदाय और वैज्ञानिक एवं प्रशासनिक संस्थान के बीच सार्थक संवाद का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुशासन केवल सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसकी सफलता में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी, जागरूकता, ईमानदारी एवं जवाबदेही भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।












