लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने कर्नाटक में आयोजित 7वीं राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 36 पदक अपने नाम किए।
चैंपियनशिप में देश के 16 राज्यों के करीब 700 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिसके बीच कड़ी चुनौती से पार पाते हुए यूपी के खिलाड़ियों ने आठ स्वर्ण, 15 रजत और 13 कांस्य पदक अपने नाम किए जिसकी बदौलत प्रदेश टीम तीसरे स्थान पर रही।
गत 29 से 31 अक्टूबर तक कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित इस चैंपियनशिप में शिवराज बिंद ने सुपर सीनियर वर्ग में दो स्वर्ण पदक, जबकि अनिल ने मास्टर वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीते।
अर्चना ने सीनियर वर्ग में एक स्वर्ण और एक कांस्य तथा चंदन ने एक स्वर्ण पदक हासिल किया। सुपर सीनियर वर्ग में आरती ने दो कांस्य और अर्जुन ने एक कांस्य पदक अपने नाम किया। गर्ल्स ग्रुप ने भी कांस्य पदक जीता।
सीनियर गर्ल्स ग्रुप में दिव्याना कुकरेजा, सीरत गोयल, काश्वी सारस्वत, वर्तिका अनेजा और हिया खन्ना की टीम ने रजत पदक जीता। जूनियर गर्ल्स ग्रुप में खुशी मित्तल, रेने भास्कर, आहना, नित्या सिंघल और अलंकृता शर्मा की टीम दूसरे स्थान पर रही।
खुशी मित्तल ने जूनियर गर्ल्स आर्टिस्टिक सोलो में भी रजत पदक जीता। वहीं जूनियर बॉयज ग्रुप में अकुल कक्कड़, आदित्य राय, आश्रित सिंह, आदित्य राज और विराज गोयल की टीम ने कांस्य पदक जीता।
युगल स्पर्धाओं में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। जूनियर गर्ल्स आर्टिस्टिक पेयर में रेने भास्कर और अलंकृता शर्मा ने स्वर्ण पदक जीता।
जूनियर गर्ल्स रिदमिक पेयर में खुशी मित्तल व आहना और सब जूनियर गर्ल्स आर्टिस्टिक पेयर में जेनिशा चोपड़ा व वान्या वालिया ने रजत पदक अपने नाम किए। सब जूनियर गर्ल्स रिदमिक पेयर में वान्या वालिया और आरना मिगलानी तथा सीनियर गर्ल्स रिदमिक पेयर में वर्तिका अनेजा और काश्वी सारस्वत ने कांस्य पदक जीते।
दिव्य योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ यूपी की महासचिव डॉ. रुबी श्रीवास्तव ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन, प्रशिक्षकों के समर्पण और टीम की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
एसोसिएशन की टेक्निकल डायरेक्टर राखी सरकार ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे तकनीकी अनुशासन, सही प्रशिक्षण पद्धति और निरंतर मेहनत की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के प्रयास जारी रहेंगे।
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