लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 12 अक्टूबर को विशेष अभियान के रूप में ‘विशेष रोजगार सृजन दिवस’ का आयोजन किया जाएगा।
इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा। अभियान के लिए प्रदेश में 40 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराना और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों की मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले, ब्लॉक और पंचायत होंगे सम्मानित
अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और फील्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है।
अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन जिलों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 10 विकासखंडों और 25 ग्राम पंचायतों का चयन कर उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
निर्धारित लक्ष्य पूरा करने वाले सभी जिलों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों और ग्राम पंचायतों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेष थीम पर काम कराने वाले जिले को मिलेगा अतिरिक्त पुरस्कार
योजना के तहत अनुमन्य चार कार्य श्रेणियों में से किसी एक विशेष थीम पर काम कराते हुए टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करने और अधिकतम मानव दिवस सृजित करने वाले एक जिले को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
अभियान की होगी सघन निगरानी
विशेष रोजगार सृजन दिवस को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक तथा मुख्य विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में अभियान की सघन निगरानी की जाएगी।
ये भी पढ़ें : 39 सहायक विकास अधिकारी होंगे पदोन्नत, बनेंगे संयुक्त खंड विकास अधिकारी
इसके साथ ही उपायुक्त, श्रम-रोजगार और अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को अभियान के तहत कराए जा रहे कार्यों की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए ग्राम पंचायतों में निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इसका उद्देश्य निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।









