राष्ट्रपति मुर्मु ने किया 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप की ट्रॉफियों का अनावरण

0
40

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में आयोजित ट्रॉफी अनावरण एवं फ्लैग ऑफ समारोह के दौरान 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप की प्रतिष्ठित ट्रॉफियों का अनावरण किया।

इसके साथ ही 25 जुलाई, 2026 को कोलकाता के प्रतिष्ठित विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (वीवाईबीके) में शुरू होने वाले टूर्नामेंट की तैयारियों का आधिकारिक आगाज़ हो गया।

देश के सर्वोच्च पद और डूरंड कप से जुड़ी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माननीय राष्ट्रपति ने एक बार फिर एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट की गरिमा बढ़ाई।

इस अवसर ने भारत के राष्ट्रपति के पद और एक सदी से भी अधिक पुराने इस टूर्नामेंट के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंधों की पुनः पुष्टि की,

जिसकी विरासत भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के कार्यकाल से जुड़ी है। विजेता टीम को प्रदान की जाने वाली तीन विशिष्ट ट्रॉफियों में से एक ‘प्रेसिडेंट्स कप’ की शुरुआत डॉ. राजेंद्र प्रसाद की इच्छा से हुई थी और इसे पहली बार उन्होंने ही प्रदान किया था।

इस गरिमामय अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा, “डूरंड कप ने अनेक फुटबॉल प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है।

कोलकाता डर्बी से होगा डूरंड कप का आगाज़, 24 टीमें करेंगी खिताब की दावेदारी

मुझे बताया गया है कि इस वर्ष कुछ नई टीमें भी डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी की विजेता बनने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि इस वर्ष श्रीलंका की एक टीम भी टूर्नामेंट में भाग ले रही है। मुझे विश्वास है कि नई टीमों के शामिल होने से यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता और अधिक लोकप्रिय होगी।”

फुटबॉल और खेल भावना के महत्व पर उन्होंने कहा, “फुटबॉल लोगों को एक साथ जोड़ता है। खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन हर जगह खेल प्रेमियों को प्रेरित और उत्साहित करता है।

खेल भावना का महत्व केवल खेलों तक सीमित नहीं है। यह जीवन का एक महत्वपूर्ण मूल्य है, जो हमें समानता, सहयोग और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ बने रहने की क्षमता सिखाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इस टूर्नामेंट से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों तथा खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देती हूं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों और खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए मेरी शुभकामनाएं। आप उत्कृष्ट प्रदर्शन और सच्ची खेल भावना के साथ खेलें तथा खेल की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएं।”

समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी एवं अध्यक्ष, डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम; थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम;

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम; एयर ऑफिसर इन चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन एयर मार्शल एस. शिवकुमार, वीएसएम; जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी कमान एवं संरक्षक, डूरंड कप आयोजन समिति लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम. भुवना कृष्णन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम;

तथा जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दिल्ली क्षेत्र, सदस्य एवं अध्यक्ष, स्थायी कार्य समिति, डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम सहित तीनों सशस्त्र सेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के स्टार लल्लियांजुआला छांगते और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे के साथ सभी 24 भाग लेने वाली टीमों के प्रतिनिधि, प्रायोजक, साझेदार और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।

सभी ने दुनिया की सबसे लंबे समय से आयोजित की जा रही फुटबॉल कप प्रतियोगिताओं में से एक के नए संस्करण के शुभारंभ का उत्सव मनाया।

इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी एवं अध्यक्ष, डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने कहा, “डूरंड कप की लोकप्रियता वर्षों से लगातार बढ़ी है

और इस संस्करण में खिलाड़ियों तथा प्रशंसकों के उत्साह के साथ फुटबॉल और भाग लेने वाली टीमों की लोकप्रियता और बढ़ेगी। फीफा विश्व कप को दुनिया भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

मुझे उम्मीद है कि डूरंड कप भी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं की भावना के साथ-साथ एकता और खेल उत्कृष्टता के मूल्यों को आगे बढ़ाएगा तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

मैं भारत की माननीय राष्ट्रपति का उनकी उपस्थिति से हमारा उत्साह बढ़ाने और हमें प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए आभारी हूं। मैं सभी खिलाड़ियों, प्रायोजकों और आयोजन से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को डूरंड कप के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दिल्ली क्षेत्र, सदस्य एवं अध्यक्ष, स्थायी कार्य समिति, डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने अपने स्वागत संबोधन में कहा, “डूरंड कप केवल एक फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं है;

यह सहयोग और एकता का एक सशक्त प्रतीक है, जिसकी गूंज न केवल हमारे देश में बल्कि हमारी सीमाओं से परे भी सुनाई देती है। राष्ट्रीय स्तर पर यह टूर्नामेंट देश के विभिन्न हिस्सों की टीमों को एक मंच पर लाता है। इस वर्ष 23 भारतीय टीमें भाग ले रही हैं,

जिनमें भारतीय रक्षा बलों—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तथा कई प्रतिष्ठित और उभरते फुटबॉल क्लब शामिल हैं। इन टीमों का एक साथ आना हमारी राष्ट्रीय एकता, पारस्परिक सम्मान और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस वर्ष डूरंड कप में पहली बार श्रीलंका की डिफेंडर्स एफसी भाग ले रही है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की भावना का उदाहरण है।

आज अनावरण की जा रही ट्रॉफियां केवल जीत का प्रतीक नहीं हैं; वे उत्कृष्टता, टीमवर्क, अनुशासन और समन्वय के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। खेल की सीमाओं से परे डूरंड कप राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी कमान एवं अध्यक्ष, डूरंड कप आयोजन समिति लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम. भुवना कृष्णन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “वर्षों से पूर्वी कमान ने इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर गर्व महसूस किया है।

हमारा क्षेत्र फुटबॉल संस्कृति से समृद्ध है। कोलकाता के ऐतिहासिक क्लबों से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के उभरते फुटबॉल केंद्रों तक, यह क्षेत्र खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए एक जीवंत केंद्र बन चुका है।

पूर्वी कमान ने बुनियादी ढांचे, युवा सहभागिता और प्रतिस्पर्धी मंचों को समर्थन दिया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिली है। ग्रासरूट कार्यक्रमों और सैन्य-नागरिक साझेदारियों के माध्यम से फुटबॉल उन शहरों और जिलों के हजारों बच्चों तक पहुंचा है, जहां पहले संरचित प्रशिक्षण की सीमित सुविधाएं थीं।”

उन्होंने आगे कहा, “डूरंड कप अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित रखते हुए लगातार विकसित हुआ है और पीढ़ियों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक प्रतिष्ठित मंच प्रदान करता रहा है।

135वें संस्करण की शुरुआत के साथ हम इस विरासत को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि डूरंड कप आने वाले कई वर्षों तक भारत के फुटबॉल इकोसिस्टम की आधारशिला बना रहे।”

ट्रॉफी टूर 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक है। टूर्नामेंट 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक कोलकाता, रांची, इम्फाल, शिलांग और गुवाहाटी सहित पांच मेज़बान शहरों में आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट के 138 वर्षों के इतिहास में रांची पहली बार मेज़बान शहर के रूप में डूरंड कप का आयोजन करेगा।

डूरंड कप से अपने जुड़ाव के बारे में लल्लियांजुआला छांगते ने कहा, “डूरंड कप मेरे दिल में बेहद खास स्थान रखता है। यह केवल दुनिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा टूर्नामेंट है जिसने मेरी जिंदगी बदल दी।

मुझे इसमें कई बार खेलने का सौभाग्य मिला है और मैं ईमानदारी से कह सकता हूं कि इस टूर्नामेंट ने मुझे जो अवसर दिए, उनके बिना शायद मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता। यह मेरे करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने मुझे आगे बढ़ने और यह विश्वास करने का अवसर दिया कि मैं और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता हूं।”

फ्लैग ऑफ समारोह के बाद ट्रॉफी टूर सभी पांच मेज़बान शहरों का दौरा करेगा, जिससे फुटबॉल प्रशंसकों को टूर्नामेंट से पहले प्रतिष्ठित ट्रॉफियों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

ये भी पढ़ें : रोमांचक कोलकाता डर्बी के साथ 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप की शुरुआत

ट्रॉफियां 11 से 14 जुलाई तक शिलांग में प्रदर्शित की जाएंगी, जिसके बाद 15 जुलाई को इम्फाल, 16 और 17 जुलाई को गुवाहाटी, 18 और 19 जुलाई को रांची पहुंचेंगी। ट्रॉफी टूर का समापन 21 जुलाई को कोलकाता में आधिकारिक प्री-टूर्नामेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ होगा।

तीनों सेनाओं की ओर से भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा आयोजित डूरंड कप दुनिया की तीसरी सबसे पुरानी सक्रिय फुटबॉल प्रतियोगिता है। वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक बना हुआ है और स्थापित खिलाड़ियों, उभरती प्रतिभाओं तथा सर्विसेज़ टीमों को महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

135वें संस्करण में 24 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें श्रीलंका के सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक विदेशी टीम भी शामिल है। यह भारत के प्रमुख क्लबों, सर्विसेज़ टीमों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों को एक मंच पर लाने की टूर्नामेंट की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।

पांच शहरों के छह स्टेडियमों में कुल 43 मुकाबले खेले जाएंगे। कोलकाता में विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन के अलावा किशोर भारती क्रीड़ांगन दूसरा आयोजन स्थल होगा।

इसके अलावा रांची का बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, गुवाहाटी का इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम, इम्फाल का खुमान लंपक स्टेडियम और शिलांग का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम अन्य आयोजन स्थल होंगे।

25 जुलाई को टूर्नामेंट का पहला मुकाबला रिकॉर्ड 17 बार के चैंपियन मोहुन बागान सुपर जायंट और 16 बार के विजेता तथा मौजूदा इंडियन सुपर लीग चैंपियन ईस्ट बंगाल एफसी के बीच प्रतिष्ठित कोलकाता डर्बी के रूप में खेला जाएगा। प्रतियोगिता का समापन 23 अगस्त, 2026 को इसी विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में होने वाले फाइनल के साथ होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here