लखनऊ। लखनऊ की तनीषा सिंह भारतीय बैडमिंटन का अब जाना-पहचाना नाम बन चुका है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह यूपी और भारत का परचम लगातार फहरा रही हैं।
साल 2025 की अंतिम निशा जब अलविदा कह रही थी तब तनीषा लंबे समय तक अपने कोच रहे देवेन्द्र कौशल से आशीर्वाद लेने और शुक्रिया कहने परिवार समेत एक्सीलिया बैडमिंटन एकेडमी में आयीं।
इन दौरान तनीषा ने प्रशिक्षुओं से बात की, अपने संघर्ष और शुरुआती दिनों को याद किया और एकेडमी के बच्चों की बैडमिंटन से जुड़ी अनेक चुनौतियों और जिज्ञासाओं को साझा किया। श्री देवेन्द्र कौशल ने तनीषा की सफलता को उसके जज्बे और जुनून का परिणाम बताया।
एक्सीलिया बैडमिंटन एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय शटलर ने प्रशिक्षुओं से साझा किए अनुभव
भारतीय बैडमिंटन जूनियर टीम के कोच रहे देवेन्द्र कौशल स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से सेवानिवृत्त होने के पश्चात अब एक्सीलिया बैडमिंटन एकेडमी में प्रशिक्षुओं के हुनर को निखार रहे हैं।
देवेन्द्र कौशल ने कहा कि अनुशासन, लगन, बैडमिंटन की प्रति पूरी गंभीरता और न हार मानने का जज्बा ही तनीषा को औरों से अलग करता है, जब अन्य खिलाड़ी कुछ समय पश्चात प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने लगते थे, वहीं तनीषा पूरी शिद्दत से उनके निर्देशों का पालन करती थी।
इसमें चाहे केडी सिंह बाबू स्टेडियम के मैदान के 20 चक्कर लगाने हों या प्रशिक्षण व उससे जुड़े अन्य निर्देश। तनीषा ने मन लगाकर सीखा, जिसका फल यह है कि उसको अपने बीच पाकर और अन्य लोगो से उसको मिलवाकर मेरा सीना गर्व से फूल गया है।
देवेन्द्र ने इस दौरान तनीषा के माता-पिता पूनम सिंह और योगेश सिंह और विशेष रूप से जिक्र किया, जिन्होंने तनीषा के खेल को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव समझौते किए, बस्ती से लखनऊ आए और यही नहीं उसके जुनून को आगे बढ़ाने के लिए अपनी नौकरी तक की तिलांजलि दे दी।
तनीषा ने भी कहा कि वह आज जो कुछ भी हैं वह उनके माता-पिता के त्याग और सहयोग की वजह से हैं। एक्सीलिया स्कूल और बैडमिंटन एकेडमी के निदेशक आशीष पाठक ने कहा कि माता-पिता की मेहनत तभी साकार होती है जब तनीषा जैसी खिलाड़ी अपने सपने को साकार करने के लिए अपना सर्वस्य झोंकते हैं।
इस दौरान एकेडमी के प्रशिक्षुओं ने खेल और पढ़ाई के साथ सामंजस्य, स्कूल जाने, प्रशिक्षण के तौर तरीके संबंधित अनेक रोचक प्रश्न पूछे, जिसके उत्तर तनीषा ने दिल खोलकर दिए।
इस दौरान एक्सीलिया स्कूल की प्रधानाचार्या मीनू श्रीवास्तव, शालिनी पाठक, प्रवीण पाण्डे आदि मौजूद रहे और उन्होंने तनीषा को सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उससे भारत के लिए लगातार मेडल जीतने की बात कही।
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