पहले बल्ले से खेला शॉट, फिर बैट छोड़कर भागे- युवी का दिलचस्प किस्सा

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लखनऊ। डीपी वर्ल्ड ने उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर क्रिकेट को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ में अपनी ‘बियॉन्ड बाउंड्रीज’ पहल का विस्तार किया। इस पहल के तहत एक रीपर्पज्ड शिपिंग कंटेनर को मल्टी-पर्पज पैवेलियन में बदलकर समर्पित किया गया और 250 क्रिकेट किट्स उपलब्ध कराई गईं।

डीपी वर्ल्ड की ओर से तैयार यह पैवेलियन युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, तैयारी और आराम के लिए समर्पित स्थान प्रदान करेगा। इसका अनावरण क्रिकेट दिग्गज और तीन बार के विश्व कप विजेता युवराज सिंह की मौजूदगी में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में किया गया।

प्रदेश के युवा क्रिकेटर्स को डीपी वर्ल्ड की ओर से मिली पैवेलियन और 250 किट्स

यह पैवेलियन स्थायी रूप से सेज क्रिकेट एकेडमी में स्थापित किया जाएगा। युवराज सिंह ने इस दौरान कहा कि भारत के हर कोने में प्रतिभाएं हैं, लेकिन सही सुविधाओं और उपकरणों तक पहुंच से असली अंतर आता है।

‘बियॉन्ड बाउंड्रीज’ जैसी पहल इस अंतर को पाटने में मदद करती है, जिससे युवा क्रिकेटर्स को वह इन्फ्रास्ट्रक्चर और आत्मविश्वास मिलता है, जिसकी जरूरत उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए है।”

इसी के साथ युवराज सिंह ने भावुक अंदाज में बताया कि उनका पहला बल्ला उनके पिता ने दिया था और कहा था कि ‘आज से इसी से खेलो।’ उसी बल्ले से उन्होंने छक्का लगाया था, जो जाकर एक व्यक्ति को लग गया। “वह मुझे दौड़ाने लगा और मैं बैट छोड़कर भाग गया था, हालांकि बाद में उस आदमी ने बैट वापस किया था।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज जम्मू-कश्मीर की टीम रणजी ट्रॉफी विजेता है जबकि उनके खेलने के दौर में वहां कई खिलाड़ियों के पास किट और बुनियादी सामान तक का भी अभाव था। इसके बावजूद वहां के क्रिकेटर आगे बढ़ते रहे और इतिहास रचा।

उन्होंने शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन एक-दो मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता।

वहीं आपके पास कोई ऐसा होना चाहिए जो आपको सुधार की राह दिखाए। जब मुझे दिक्कत हुई तो मैंने सचिन तेंदुलकर से बात की थी, तब चीजें समझ में आईं।

रीपर्पज्ड शिपिंग कंटेनर को मल्टी-पर्पज पैवेलियन का कलेवर 

युवराज ने वर्ल्ड कप के जिक्र पर कहते हुए कहा कि सबसे पहले तो मैं तीन बार का वर्ल्ड कप विजेता हूं। और अगर हम यूपी में हैं तो हिंदी में ही बात करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज भी कई बच्चे किट के अभाव में खेल छोड़ देते हैं, जबकि एक बच्चे का सपना सच होना बहुत बड़ी बात है। बच्चे सहयोग से आगे बढ़ते हैं। सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो प्रतिभा खुद रास्ता बना लेती है।

डीपी वर्ल्ड, सबकॉन्टिनेंट (इंडिया) के कंट्री मैनेजर हेमंत कुमार रुइया ने कहा कि उभरते क्रिकेटर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही सुविधाओं तक पहुंच की होती है।

डीपी वर्ल्ड में हमारा मानना है कि सुविधाएं सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हम युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद के लिए मजबूत स्थानीय साझेदारी के माध्यम से रास्ता बना रहे हैं। हमें आईसीसी के साथ मिलकर लखनऊ में बियॉन्ड बाउंड्रीज को लॉन्च करते हुए गर्व का अनुभव है।

वहीं, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा कि राज्य में प्रतिभाओं का बड़ा आधार है और इस तरह की साझेदारियां जमीनी स्तर पर क्रिकेट विकास को मजबूती देती हैं। इस तरह की साझेदारियां युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने और खेल के लगातार विकास को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।’

बताते चले कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के साथ मिलकर की गई ‘बियॉन्ड बाउंड्रीज’ पहल ने आईसीसी टूर्नामेंट्स में बनने वाले प्रत्येक 100 रन पर 10 किट डोनेट करने के डीपी वर्ल्ड के लक्ष्य को और मजबूत किया है।

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