लखनऊ: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 का पेपर इस वर्ष कुल मिलाकर मध्यम स्तर का रहा, हालांकि फिजिक्स सेक्शन ने अभ्यर्थियों की परीक्षा को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
SKD ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह ने बताया, “इस वर्ष का पेपर संतुलित रहा और NCERT आधारित तैयारी करने वाले छात्रों को स्पष्ट बढ़त मिली। खासतौर पर फिजिक्स सेक्शन ने छात्रों की अवधारणात्मक समझ और समय प्रबंधन दोनों की परीक्षा ली। सही रणनीति और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, बायोलॉजी सेक्शन अपेक्षाकृत संतुलित और स्कोरिंग रहा। इसमें बॉटनी से 50 प्रश्न (सामान्य 45 के स्थान पर) और जूलॉजी से 40 प्रश्न पूछे गए। केमिस्ट्री का स्तर भी मध्यम रहा, हालांकि फिजिकल केमिस्ट्री के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन माने गए।
वहीं फिजिक्स सेक्शन छात्रों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। इस भाग में रोटेशनल मोशन, मैग्नेटिज्म और मॉडर्न फिजिक्स से जुड़े करीब 10 प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की अवधारणात्मक समझ और समय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा ली।
प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, इस वर्ष जनरल कैटेगरी के लिए सरकारी MBBS सीट का कट-ऑफ लगभग 630 अंक तक जा सकता है, जो पिछले वर्ष के करीब 540 अंक के मुकाबले काफी अधिक है।
देशभर में MBBS की कुल लगभग 1.30 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें करीब 60 हजार सरकारी सीटें शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में लगभग 12,500 MBBS सीटें हैं, जिनमें करीब 5,400 सरकारी सीटें आती हैं।
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