मैंगलोर की लहरों पर सजेगा इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग का रोमांच

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मैंगलोर, कर्नाटक: भारतीय सर्फिंग जगत की नजरें एक बार फिर कर्नाटक की लहरों पर टिकने जा रही हैं, जहां एनएमपीए इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग 2026 का सातवां संस्करण 29 से 31 मई तक मैंगलोर के ब्लू बे तन्नीरभावी ईको बीच पर आयोजित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय सर्फिंग सीरीज का एक महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है।

इस वर्ष का इंडियन ओपन ऐसे समय में हो रहा है जब सर्फिंग पहली बार आइची-नागोया एशियन गेम्स में शामिल होने जा रही है। ऐसे में यह प्रतियोगिता भारत की एशियन गेम्स चयन प्रक्रिया के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, जहां देश के कई शीर्ष सर्फर राष्ट्रीय रैंकिंग और चयन मूल्यांकन में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

भारत को एशियन गेम्स के लिए पुरुष ओपन शॉर्टबोर्ड और महिला ओपन शॉर्टबोर्ड वर्ग में दो-दो कोटा स्थान मिले हैं, जिससे इस साल के घरेलू सर्फिंग सत्र का महत्व और बढ़ गया है। एशियन गेम्स से पहले राष्ट्रीय चैंपियनशिप कैलेंडर की अंतिम बड़ी प्रतियोगिताओं में शामिल यह टूर्नामेंट टीम इंडिया चयन को लेकर निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

भारत के शीर्ष सर्फर एनएमपीए इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग के लिए तैयार

मंत्रा सर्फ क्लब और सर्फिंग स्वामी फाउंडेशन द्वारा सर्फिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के तत्वावधान में आयोजित यह चैंपियनशिप लगातार राष्ट्रीय कैलेंडर की प्रमुख प्रतियोगिताओं में अपनी जगह मजबूत करती रही है।

कर्नाटक सरकार लगातार सातवें वर्ष इस आयोजन को समर्थन दे रही है, जबकि न्यू मैंगलोर पोर्ट अथॉरिटी (एनएमपीए) लगातार तीसरे वर्ष टाइटल स्पॉन्सर के रूप में जुड़ी हुई है। इसके अलावा साइकिल प्योर अगरबत्ती और डिकंस्ट्रक्ट गोल्ड स्पॉन्सर हैं।

एनएमपीए इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग 2026 इस वर्ष की नेशनल चैंपियनशिप सीरीज का दूसरा चरण होगा। पहला चरण अप्रैल में आयोजित लिटिल अंडमान प्रो 2026 था। इस प्रतियोगिता में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गोवा से लगभग 80 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

प्रतियोगिता में सर्फिंग और स्टैंड-अप पैडलिंग (एसयूपी) की स्पर्धाएं होंगी, जिनमें पुरुष और महिला ओपन तथा अंडर-18 वर्ग शामिल हैं। इसके अलावा इस वर्ष पहली बार अंडर-14 वर्ग भी जोड़ा गया है ताकि जमीनी स्तर पर खेल को बढ़ावा दिया जा सके।

वर्षों से इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग ने दक्षिण कन्नड़ को सर्फिंग और ओशन स्पोर्ट्स के उभरते केंद्र के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ब्लू बे तन्नीरभावी ईको बीच अब भारत के प्रमुख सर्फिंग वेन्यू में गिना जाने लगा है।

एशियन गेम्स चयन की दौड़ तेज होने के साथ इस बार मैंगलोर में खास नजरें उन सर्फरों पर रहेंगी, जो टीम इंडिया चयन के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

रमेश बुधिहाल
रमेश बुधिहाल हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद देश के सबसे सफल सर्फरों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप 2025, महाबलीपुरम में भारतीय सर्फिंग इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक हासिल की थी,

जब वे ओपन मेन्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय सर्फर बने और अंततः देश के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सर्फिंग को नई पहचान दिलाई।

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दबाव भरे मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रमेश घरेलू सर्किट में भी कई सफलताएं हासिल कर चुके हैं और इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग के पिछले संस्करणों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं।

शांत स्वभाव, शानदार वेव कंट्रोल और दबाव में बेहतरीन खेल उनके सबसे बड़े गुण माने जाते हैं। मैंगलोर में वे एशियन गेम्स चयन के सबसे मजबूत दावेदारों में गिने जा रहे हैं।

सिवाराज बाबू
सिवाराज बाबू इस प्रतियोगिता में शानदार फॉर्म के साथ उतर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में लिटिल अंडमान प्रो 2026 में मेन्स ओपन खिताब जीतकर खुद को भारत के शीर्ष सर्फरों में और मजबूत तरीके से स्थापित किया है। तमिलनाडु के उभरते सर्फिंग सर्किट से निकले सिवाराज पिछले कुछ वर्षों में लगातार घरेलू प्रतियोगिताओं के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में रहे हैं।

शांत स्वभाव, समझदारी से वेव चयन और बदलती परिस्थितियों में निरंतरता बनाए रखने की उनकी क्षमता उन्हें बेहद कठिन प्रतिद्वंद्वी बनाती है। एशियन गेम्स के लिए केवल दो स्थान उपलब्ध होने के कारण मैंगलोर में उनका प्रदर्शन चयन की दौड़ में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

किशोर कुमार
भारतीय सर्फिंग के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में गिने जाने वाले किशोर कुमार ने घरेलू सर्किट में लगातार शानदार प्रदर्शन से अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी तेज प्रगति में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन शामिल है, जिसमें इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग के पिछले संस्करण भी शामिल हैं।

किशोर ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व भी किया है और 2024 में मालदीव में आयोजित अंडर-18 एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय सर्फर बने थे।

हाल के वर्षों में उनकी निरंतर प्रगति ने उन्हें देश के सबसे चर्चित युवा सर्फरों में शामिल कर दिया है। इंडियन ओपन उनके करियर की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक साबित हो सकती है।

श्रीकांत डी
श्रीकांत डी भारतीय सर्फिंग सर्किट के सबसे तकनीकी रूप से मजबूत खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, जो दबाव भरे मुकाबलों में गति और नियंत्रण के शानदार संतुलन के लिए जाने जाते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय सर्किट पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले श्रीकांत ने अनुशासित अप्रोच, साफ तकनीक और करीबी मुकाबलों में शांत रहने की क्षमता से खास पहचान बनाई है।

उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 6वें इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग में आया खिताब रहा, जहां उन्होंने पिछले वर्ष रनर-अप रहने के बाद मेन्स ओपन चैंपियनशिप जीती थी

। इस जीत ने उन्हें देश के शीर्ष सर्फरों में स्थापित कर दिया। श्रीकांत ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिनिधित्व किया है और एशियन सर्फिंग चैंपियनशिप 2025 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे।

जहां कई सर्फर आक्रामक मूव्स पर निर्भर रहते हैं, वहीं श्रीकांत की ताकत उनकी लय, सटीकता और रणनीतिक समझ मानी जाती है। एशियन गेम्स चयन की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मैंगलोर उनके लिए अपनी दावेदारी और मजबूत करने का अहम मौका होगा।

कमाली पी

महिला वर्ग में कमाली पी एक बार फिर सबसे चर्चित नामों में शामिल रहेंगी। महाबलीपुरम के मजबूत सर्फिंग इकोसिस्टम से निकलकर आई कमाली ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय महिला सर्फिंग की सबसे बड़ी हस्तियों में शामिल कर दिया है।

उनके करियर का सबसे बड़ा क्षण तब आया जब उन्होंने 6वें इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग में अपना महिला ओपन खिताब सफलतापूर्वक बचाया था। वर्षों से लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें देश की सबसे मजबूत महिला सर्फरों में शामिल किया है।

अपनी शानदार वेव राइडिंग और रणनीतिक समझ के लिए पहचानी जाने वाली कमाली ने भारत में महिला सर्फिंग की लोकप्रियता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला ओपन शॉर्टबोर्ड में उपलब्ध दो एशियन गेम्स कोटा स्थानों के लिए वे सबसे मजबूत दावेदारों में मानी जा रही हैं।

शुगर शांति बनारसे

गोवा की शुगर शांति बनारसे पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला सर्फिंग की मजबूत दावेदारों में उभरी हैं।

निर्भीक अंदाज और दमदार वेव राइडिंग के लिए मशहूर शुगर बदलती परिस्थितियों में खुद को ढालने की क्षमता रखती हैं, जिसने उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में लगातार प्रतिस्पर्धी बनाए रखा है।

उन्होंने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिनिधित्व किया है और भारतीय महिला सर्फिंग के उभरते परिदृश्य की महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं।उनकी मौजूदगी इस वर्ष महिला वर्ग को और भी प्रतिस्पर्धी बनाती है, खासकर तब जब एशियन गेम्स चयन दांव पर लगा हो।

इंडियन ओपन ऑफ सर्फिंग हमेशा से भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट के सर्फरों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता रहा है। हाल के वर्षों में तमिलनाडु के सर्फरों ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दबदबा बनाया है, जबकि कर्नाटक के खिलाड़ी इस बार घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।

सर्फिंग के एशियन गेम्स में ऐतिहासिक पदार्पण से पहले 2026 का इंडियन ओपन केवल राष्ट्रीय खिताबों या रैंकिंग अंकों तक सीमित नहीं है।

कर्नाटक के तट पर तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में भारत के सर्वश्रेष्ठ सर्फर न केवल खिताब के लिए, बल्कि एशिया के सबसे बड़े खेल मंचों में से एक पर देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर के लिए भी मुकाबला करेंगे।

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