नया रायपुर। बेंगलुरु के खलिन जोशी ने बारिश के कारण बदले प्रारूप और अंतिम दौर में लंबे व्यवधान के बीच शानदार संयम दिखाते हुए एसईसीएल प्रेजेंट्स नवा रायपुर ओपन 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।
फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में आयोजित एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले टूर्नामेंट में जोशी ने अंतिम राउंड में तीन-अंडर 31 का स्कोर किया और कुल 13-अंडर 123 के स्कोर के साथ एक शॉट के अंतर से जीत दर्ज की। 34 वर्षीय जोशी (29-30-33-31) अंतिम राउंड में एक शॉट की बढ़त के साथ उतरे थे।
नवा रायपुर ओपन
उन्होंने तीसरे से पांचवें होल तक लगातार तीन बर्डी लगाकर अपनी स्थिति मजबूत की। अप्रैल में आंध्र ओपन और अगस्त में जम्मू-कश्मीर ओपन जीतने के बाद यह इस सत्र में उनका तीसरा खिताब है। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर यह उनकी कुल नौवीं जीत है।
खिताब जीतने वाले जोशी को 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। इसके साथ ही वह 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट में 12वें से सातवें स्थान पर पहुंच गए। उनकी सत्र की कुल कमाई 52,34,225 रुपये हो गई।
लगातार बारिश के कारण फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट का कोर्स पूरे 18 होल के राउंड के लिए उपयुक्त नहीं था। इसके चलते टूर्नामेंट समिति ने चारों राउंड को बैक नाइन पर नौ-नौ होल के प्रारूप में कराने का फैसला किया।
अंतिम राउंड भी कई घंटे तक रुका रहा और इस दौरान खिलाड़ियों को यह स्पष्ट नहीं था कि मुकाबला दोबारा शुरू हो पाएगा या नहीं। जोशी ने इस दौरान धैर्य बनाए रखा और खेल शुरू होने पर अपना ध्यान प्रदर्शन पर केंद्रित किया।
महू के ओम प्रकाश चौहान (34-29-32-29) ने दिन का संयुक्त सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। 2023 में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट चैंपियन रहे चौहान ने पांच-अंडर 29 का राउंड खेला, जिसमें पार-5 चौथे होल पर ईगल और तीन बर्डी शामिल थीं। वह 12-अंडर 124 के स्कोर के साथ संयुक्त दूसरे स्थान पर रहे।
पंचकूला के रौनिल कुकर (31-30-33-30) और अहमदाबाद के अंशुल पटेल (32-31-31-30) भी 12-अंडर 124 के स्कोर के साथ चौहान के साथ संयुक्त उपविजेता रहे। खेल रोके जाने से पहले कुकर कुछ समय के लिए बढ़त पर भी रहे थे।
तीनों संयुक्त उपविजेताओं को 6,99,867 रुपये की पुरस्कार राशि मिली। चौहान ने रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में अपना आठवां स्थान मजबूत किया और उनकी सत्र की कमाई 51,88,201 रुपये हो गई। कुकर 8,93,660 रुपये की कमाई के साथ 102वें से 54वें स्थान पर पहुंचे,
जबकि पटेल 10,24,442 रुपये की कमाई के साथ 84वें से 47वें स्थान पर आ गए। दोनों ने शीर्ष 60 में जगह बनाकर अगले सत्र के लिए अपना खेलने का अधिकार सुरक्षित कर लिया और अब उन्हें अगले महीने क्वालिफाइंग स्कूल में हिस्सा नहीं लेना पड़ेगा।
कोलकाता के दिव्यांशु बजाज (33-32-30-30), दिल्ली के प्रितिश सिंह करायत (34-31-29-31) और चंडीगढ़ के अंगद चीमा (34-29-30-32) ने 11-अंडर 125 के स्कोर के साथ संयुक्त पांचवां स्थान हासिल किया।
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इस सत्र में तीसरा खिताब जीतने वाले जोशी ने अपनी सफलता का श्रेय बेहतर आत्मविश्वास और वर्तमान पर ध्यान केंद्रित रखने की रणनीति को दिया।
उन्होंने बताया कि 14 पेशेवर सत्रों के दौरान उनकी मानसिकता में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन अब वह पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वासी हो गए हैं। खासकर अंतिम समूह में खेलते समय पहले उनके दिमाग में कई बातें चलती रहती थीं, जबकि अब वह शांत रहकर हर पल पर ध्यान देने को प्राथमिकता देते हैं।
जोशी अब अपना अगला टूर्नामेंट बेंगलुरु के कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन के अपने घरेलू कोर्स पर खेलेंगे। सात सप्ताह से घर से दूर रहने के बाद वह बेंगलुरु लौटने को लेकर उत्साहित हैं। वह चार वर्ष की उम्र से केजीए से जुड़े हैं और अगले सप्ताह उनकी गर्लफ्रेंड भी उनकी कैडी होंगी।
नवा रायपुर में मिली जीत से जोशी की दिल्ली गोल्फ क्लब में होने वाली डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप से पहले स्थिति भी मजबूत हुई है। 2018 में इसी प्रतियोगिता के स्थल पर अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय जीत दर्ज करने वाले जोशी के लिए यह कोर्स खास है और वह आगामी टूर्नामेंट में भी खिताब की दौड़ में बने रहने की कोशिश करेंगे।
रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप के जरिए डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के नंबर एक खिलाड़ी का फैसला होगा। साथ ही यह प्रतियोगिता डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 24 खिलाड़ियों का निर्धारण करेगी, जिन्हें सत्र के अंतिम टूर्नामेंट डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिलेगा।








