सीडीआरआई में रक्तदान शिविर, 32 यूनिट रक्तदान और 102 ने लिया संकल्प

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लखनऊ। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीडीआरआई) में गुरुवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के समन्वय से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। “मानवता की एक बूंद। रक्त दें। जीवन बचाएं।”

थीम के तहत आयोजित शिविर में संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शिविर का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के साथ इसके महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और अधिक से अधिक लोगों को इस जीवनरक्षक कार्य से जोड़ना था। कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों ने सहभागिता की।

200 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, 32 यूनिट रक्तदान

शिविर के दौरान पात्र रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से 32 यूनिट रक्तदान किया। इसके अलावा 102 लोगों ने भविष्य में रक्तदान करने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार, यह स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति समुदाय में बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक सहभागिता को दर्शाता है।

कार्यक्रम के जागरूकता सत्र के तहत लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) शालिनी गुप्ता ने जानकारीपरक व्याख्यान और परामर्श सत्र आयोजित किए। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व, नियमित एवं सुरक्षित रक्तदान की आवश्यकता तथा रक्तदान से जुड़ी सामान्य भ्रांतियों और चिंताओं पर चर्चा की।

रक्तदान की भ्रांतियों और सुरक्षा पर दी जानकारी

प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त और समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रक्तदान शिविर ने सीएसआईआर-सीडीआरआई समुदाय को एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य से जुड़ने का अवसर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश

सीएसआईआर-सीडीआरआई समुदाय की सहभागिता, केजीएमयू के सहयोग तथा रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका से शिविर का आयोजन सफल रहा। इस पहल से समुदाय के बीच स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित रक्तदान की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में मदद मिली।

रक्तदान शिविर सीएसआईआर-सीडीआरआई की सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है तथा राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान अभियान 2026 के उद्देश्यों में योगदान देता है।

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