लखनऊ। लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा, एवीएसएम ने गुरुवार को लखनऊ में भारतीय सेना की सूर्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) का पदभार संभाल लिया।
कमान संभालने के बाद उन्होंने स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इसके बाद उन्होंने औपचारिक परेड में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
ऑपरेशनल तैयारी और मल्टी-डोमेन क्षमता पर जोर
आर्मी कमांडर ने ऑपरेशनल तैयारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने, रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने और पूरे थिएटर में मल्टी-डोमेन क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सूर्य कमान के सभी रैंकों के सैनिकों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
तीन दशक से अधिक का सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को 10 जून 1989 को भारतीय सैन्य अकादमी से ग्रेनेडियर्स में कमीशन मिला था। तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने इन्फैंट्री बटालियन, इन्फैंट्री ब्रिगेड और इन्फैंट्री डिवीजन की कमान भी संभाली।
उन्होंने कमांडो स्कूल, बेलगाम में इंस्ट्रक्टर और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वे नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में स्क्वाड्रन कमांडर और आर्मी वॉर कॉलेज की फैकल्टी ऑफ स्टडीज में कर्नल जनरल स्टाफ के पद पर भी रहे।
1 कोर की कमान भी संभाल चुके हैं
लेफ्टिनेंट जनरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने 9 जून 2023 को 1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) का पदभार संभाला और 17 जून 2025 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। इसके बाद उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट के रूप में सेवाएं दीं।
सूर्य कमान की कमान संभालने के साथ लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा के व्यापक सैन्य अनुभव का लाभ कमान की परिचालन तैयारियों और रणनीतिक क्षमताओं को और मजबूत करने में मिलेगा।
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