जयपुर। गणपति उत्सव को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए जयपुर में एक अनूठी पहल की जा रही है। गणपति की मूर्तियों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग जरूरतमंद बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए किया जा रहा है। यह राशि सुरमन संस्था के माध्यम से बच्चों की देखभाल और उनकी जरूरतों को पूरा करने में खर्च की जा रही है।
सुरमन संस्था की संस्थापक मनन चतुर्वेदी बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। संस्था के सुरमन होम में वर्तमान में करीब 110 बच्चे रह रहे हैं, जहां उनके पालन-पोषण के साथ शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाता है।
मनन चतुर्वेदी स्वयं पेंटिंग के माध्यम से भी बाल अधिकारों और बच्चों की मदद के प्रति लोगों को जागरूक करती हैं। उनका प्रयास है कि जरूरतमंद बच्चों को केवल आश्रय तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर भी मिलें, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
गणपति उत्सव से जुड़ी इस पहल के माध्यम से धार्मिक आस्था को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गणपति की आराधना से जुड़ी राशि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और देखभाल में लगाकर उनके जीवन में खुशियां और उम्मीद लाने की कोशिश की जा रही है। यह पहल सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन रही है।
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