डूरंड कप की तीनों ट्रॉफियों का शिलांग में भव्य स्वागत, 25 जुलाई से होगा टूर्नामेंट

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शिलांग: मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री वेलादमिकीशायला ने शनिवार को 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के ट्रॉफी टूर का शिलांग में स्वागत किया।

फुटबॉल प्रेमी राज्य मेघालय में टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियां उस औपचारिक फ्लैग ऑफ समारोह के बाद पहुंचीं, जिसे इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में भारत की  राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने हरी झंडी दिखाई थी।

समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल मोहितवाधवा, एसएम, जनरलऑफिसरकमांडिंग, 101 एरिया; एयरमार्शल देवेंद्रपी. हिरानी, वाईएसएम, वीएसएम, सीनियरएयरस्टाफऑफिसर, पूर्वीवायुकमान; मेजरजनरल डी.के. सिंह, एसएम, वीएसएम, जनरलऑफिसरकमांडिंग, बंगाल सब एरिया एवं उपाध्यक्ष, डूरंड कप आयोजन समिति

मेजरजनरल जयसिंहबैंसला, एसएम, अतिरिक्तमहानिदेशक, असमराइफल्स; इसावांडालालू, आईएएस, सचिव, खेल एवं युवा मामले विभाग, मेघालयसरकार; इदाशिशानोंगरांग, आईपीएस, पुलिसमहानिदेशक, मेघालय; श्रीजॉनएफ. खारशीइंग, कार्यकारीअध्यक्ष, मेघालयराज्यओलंपिकसंघ; औरश्रीहैमलेटसनडोहलिंग, अध्यक्ष, मेघालय फुटबॉल एसोसिएशन सहित वरिष्ठ नागरिक एवं सैन्य अधिकारी, भाग लेने वाले क्लबों के प्रतिनिधि और फुटबॉल जगत के सदस्य उपस्थित रहे।

समारोह में मेघालय की समृद्ध फुटबॉल विरासत का उत्सव मनाया गया और साथ ही टूर्नामेंट के पांच मेज़बान शहरों में से पहले शहर के रूप में शिलांग से ट्रॉफी टूर की यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में डूरंड कप की गौरवशाली विरासत पर एकप्रस्तुति, इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राष्ट्रपति के ट्रॉफी अनावरण एवं फ्लैग ऑफ समारोह की विशेष स्क्रीनिंग, 15 सदस्यीय खमिहक्रिएटिवसोसाइटी द्वारा गायनप्रस्तुति, टूर्नामेंट की तीन प्रतिष्ठित ट्रॉफियों—डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी—का औपचारिक प्रदर्शन तथा गणमान्य व्यक्तियों के बीच स्मृति चिह्नों का आदान-प्रदान शामिल रहा। इसके बाद ट्रॉफी काफिले को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मेघालय सरकार के  खेल एवं युवा मामलों के मंत्री वेलादमिकीशायला ने कहा, “मेघालय में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान का हिस्सा है। यह समुदायों को एकजुट करता है, हमारे युवाओं को प्रेरित करता है और हमारे राज्य को अपार गौरव प्रदान करता है।

हम भारतीय सशस्त्र बलों के आभारी हैं कि उन्होंने मेघालय को लगातार तीसरे वर्ष डूरंड कप की मेज़बानी का अवसर दिया है और हमें उम्मीद है कि एक दिन शिलांग को डूरंड कप फाइनल की मेज़बानी करने का गौरव  भी प्राप्त होगा।”

इसके बाद मंत्री ने ट्रॉफीटूर के मेघालय चरण को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप से पहले राज्य में टूर्नामेंट के जनसंपर्क एवं प्रशंसक सहभागिता कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। औपचारिक फ्लैग ऑफ के बाद ट्रॉफी काफिले ने शिलांग के कई प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए शहर व्यापी यात्रा शुरू की, जिससे फुटबॉल प्रशंसकों को तीनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों को करीब से देखने का अवसर मिला।

ट्रॉफी काफिला कैमलबैकरोड, सिविलहॉस्पिटल, उमशिरपीब्रिज, शिलांगपीक, नोंगथिम्मई, लैतुमखराह, धनखेतीपॉइंट, बारिक पॉइंट और खिंडैलाड से गुजरते हुए पोलो स्थित एसआरजीटी ग्राउंड के चीफ मिनिस्टर फुटबॉल फैन पार्क में समाप्त होगा। ट्रॉफीटूर के माध्यम से 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का उत्साह शहर के केंद्र तक पहुंचेगा और मेघालय में टूर्नामेंट की वापसी को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्सुकता और बढ़ेगी।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल मोहितवाधवा, एसएम, जनरलऑफिसरकमांडिंग, 101 एरिया ने कहा, “कुछ शहर फुटबॉल की मेज़बानी करते हैं और कुछ शहर फुटबॉल को जीते हैं। शिलांग गर्व से दूसरी श्रेणी में आता है। यहां के फुटबॉल प्रशंसकों का जुनून, खेल की समझ और अटूट समर्थन ऐसा वातावरण तैयार करता है, जिसकी प्रशंसा पूरे भारतीय फुटबॉल जगत में की जाती है।

मेघालय डूरंडकप की यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है और हमें एक बार फिर शिलांग लौटकर खुशी हो रही है। यह टूर्नामेंट के प्रमुख केंद्रों में से एक के रूप में शहर की महत्वपूर्ण भूमिका की पुनःपुष्टि करता है।” शिलांग एक बार फिर टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और ग्रुप ई के मुकाबलों की मेज़बानी करेगा, जिसमें मुम्बेएफसी, शिलांगलाजोंगएफसी, लैंगस्निंगएफसी और नोंगक से हएसएसएंडसीसी शामिल हैं।

शहर में क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल सहित कुल आठ मुकाबले खेले जाएंगे, जो टूर्नामेंट के प्रमुख मेज़बान केंद्रों और भारत के सबसे मजबूत फुटबॉल क्षेत्रों में से एक के रूप में शिलांग की स्थिति को और मजबूत करेगा। शिलांग, जोवाई और तुरा में सफल ट्रॉफी टूर के बाद ट्रॉफियों का अगला पड़ाव इम्फाल होगा, जहां उन्हें 15 जुलाई को प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके बाद ट्रॉफियां 25 जुलाई को 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के आगाज़ से पहले टूर्नामेंट के अन्य मेज़बान शहरों की यात्रा जारी रखेंगी। 135वां इंडियनऑयल डूरंड कप 25 जुलाई से 23 अगस्त, 2026 तक पांच मेज़बान शहरों—कोलकाता, शिलांग, इम्फाल, गुवाहाटी और रांची—में खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 138 वर्षों के इतिहास में झारखंड की राजधानी रांची पहली बार मेज़बान शहर के रूप में शामिल होगी।

तीनों सेनाओं की ओर से भारतीय सेना की पूर्वी कमान द्वारा और मेज़बान राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित डूरंड कप दुनिया की तीसरी सबसे पुरानी सक्रिय फुटबॉल प्रतियोगिता है। वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट भारत की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक बना हुआ है और स्थापित सितारों, उभरती प्रतिभाओं तथा सर्विसेज़ टीमों को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

135वें संस्करण में श्रीलंकाई सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक विदेशी टीम सहित कुल 24 टीमें हिस्सा लेंगी और छह आयोजन स्थलों पर कुल 43 मुकाबले खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का आगाज़ 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में मोहुन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल एफसी के बीच कोलकाता डर्बी से होगा, जबकि फाइनल 23 अगस्त, 2026 को इसी मैदान पर खेला जाएगा।

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