जुनयी (चीन)। भारत ने जिम्नास्टिक्स के इतिहास में बड़ा मुकाम हासिल करते हुए 19वीं जूनियर एवं 13वीं सीनियर MAG एशियन जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप 2026 में पहली बार टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है।
यह उपलब्धि भारतीय जिम्नास्टिक्स के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार देश ने इस प्रतिष्ठित एशियन मंच पर टीम स्पर्धा में पोडियम फिनिश दर्ज किया है।
भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने शानदार समन्वय और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम में हर्षित दामोदरन, निशाद नरवणे, एस.के. नबिघ अली, अक्षत बजाज और मोहम्मद ज़ैद अंसारी शामिल रहे, जिन्होंने हर रोटेशन में मजबूत प्रदर्शन कर भारत को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
टीम के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे कोच राजा बाबू और यिन अल्वारेज़ का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा, जिनकी रणनीति और प्रशिक्षण ने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए तैयार किया।
इसी चैंपियनशिप में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारत ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। जूनियर पुरुष वॉल्ट फाइनल में हर्षित दामोदरन ने 13.649 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि अक्षत बजाज ने 13.433 अंक के साथ रजत पदक जीतकर भारत को ऐतिहासिक 1-2 फिनिश दिलाई।
प्रतियोगिता के बाद भारत लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर कोच, खेल संगठनों के पदाधिकारी और युवा खिलाड़ियों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।
स्वागत समारोह में कोच प्रवीण शर्मा, मनोहर रावत, लखन शर्मा सहित कई प्रशिक्षक उपस्थित रहे, जबकि अकादमी के युवा खिलाड़ियों ने भी अपने आदर्शों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
कोच प्रवीण शर्मा ने इस सफलता को वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय जिम्नास्टिक्स के लिए नए युग की शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक और विश्व स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगे।
इस ऐतिहासिक सफलता ने भारतीय खेल जगत में नई ऊर्जा भर दी है और पूरे देश में खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर गर्व और खुशी का माहौल है।
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