बेंगलुरु ओपन 2026 पावर्ड बाय इंडियनऑयल में खलिन जोशी ने पांच शॉट से जीतकर लगातार दूसरा और सत्र का चौथा खिताब जीता

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बेंगलुरु: खलिन जोशी ने कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन (केजीए) में अंतिम राउंड में दो- अंडर 70 का स्कोर बनाकर एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले बेंगलुरु ओपन 2026 पावर्ड बाय इंडियनऑयल में शुरू से अंत तक बढ़त कायम रखते हुए खिताब अपने नाम किया।

अपने घरेलू कोर्स पर तीन शॉट की बढ़त के साथ अंतिम राउंड शुरू करने वाले बेंगलुरु के 34 वर्षीय खलिन (61-68-69-70) ने पांच बर्डी और तीन बोगी बनाईं। उन्होंने 20-अंडर 268 के कुल स्कोर के साथ पांच शॉट से जीत दर्ज की। यह डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर उनका 10वां और इस सत्र का चौथा खिताब रहा।

वर्ष 2018 में एशियन टूर का खिताब जीत चुके खलिन ने 15 लाख रुपये की विजेता राशि हासिल की। पिछले सप्ताह एसईसीएल प्रेजेंट्स नवा रायपुर ओपन जीतने के बाद यह उनका लगातार दूसरा खिताब रहा। इस जीत से वह 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट में सातवें से दूसरे स्थान पर पहुंच गए और उनकी सत्र की कुल कमाई बढ़कर 67,34,225 रुपये हो गई।

गुरुग्राम के मनु गंडास (69-68-64-72) ने अंतिम राउंड में एक बर्डी और एक बोगी की मदद से इवन-पार 72 का स्कोर बनाया। वर्ष 2023 के डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग चैंपियन मनु 15-अंडर 273 के कुल स्कोर के साथ उपविजेता रहे।

मनु ने 10 लाख रुपये अर्जित किए और सत्र की रैंकिंग में 20वें से 12वें स्थान पर पहुंच गए। उनकी कुल कमाई अब 40,56,383 रुपये हो गई है। वर्ष 2024 के रैंकिंग चैंपियन गुरुग्राम के वीर अहलावत (68-69-69-70) ने दो बर्डी की मदद से बोगी-मुक्त 70 का स्कोर बनाया। वह ग्रेटर नोएडा के सप्तक तलवार (67-70-68-71) के साथ 12-अंडर 276 पर संयुक्त तीसरे स्थान पर रहे।

सप्तक के एक-अंडर 71 के राउंड में छह बर्डी, दो बोगी और एक ट्रिपल बोगी शामिल रही। रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में शीर्ष पर चल रहे सप्तक ने 5,49,800 रुपये अर्जित किए और सत्र की अपनी कुल कमाई को 96,82,284 रुपये तक पहुंचाया। वीर 62,87,000 रुपये की कमाई के साथ रैंकिंग में तीसरे स्थान पर बने रहे।

खलिन ने अपनी हालिया सफलता का श्रेय बढ़ती मानसिक दृढ़ता और खिताबी मुकाबले के दबाव में संयम बनाए रखने की बेहतर क्षमता को दिया। खलिन ने कहा, “मैंने हमेशा स्वयं को एक अच्छा खिलाड़ी माना है, लेकिन पिछले कुछ महीनों की तरह पहले कभी इतने सहज तरीके से टूर्नामेंटों को जीत में नहीं बदल पाया था।

पहले कोर्स पर मेरे दिमाग में लगातार कई बातें चलती रहती थीं, जिसके कारण मानसिक गलतियां होती थीं और अवसर हाथ से निकल जाते थे। अब मैं मानसिक रूप से अधिक मजबूत महसूस करता हूं और जानता हूं कि जब मैं अपना सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खेलता हूं तो मुझे हराना आसान नहीं होता।”

पूरे सप्ताह बढ़त बनाए रखने के बावजूद खलिन ने स्वीकार किया कि अपने घरेलू कोर्स पर पहली पेशेवर जीत के लिए उतरते समय वह घबराए हुए थे। पहले होल पर 35 फुट का बर्डी पट सफल करने से उन्हें राहत मिली, लेकिन दूसरे होल की तीन-पट बोगी ने तुरंत उनके संयम की परीक्षा ली।

उन्होंने कहा, “पहले होल की बर्डी ने मेरी घबराहट कुछ कम की, लेकिन दूसरे होल की बोगी के बाद लगा कि मुझे फिर से शुरुआत करनी होगी। पूरे दिन भावनाओं में उतार-चढ़ाव रहा। कभी मैं घबराया हुआ महसूस कर रहा था और कभी आत्मविश्वास से भरा हुआ।”

इसके बाद दो और बोगी के बावजूद खलिन ने रक्षात्मक रवैया नहीं अपनाया। उन्होंने अपनी बढ़त बचाते हुए आक्रामक खेल जारी रखा और बर्डी के अवसर बनाए। खलिन ने कहा, “मुझे पता था कि मेरे पास अच्छी बढ़त है, लेकिन मुझे आक्रामक बने रहना था। मैंने बैक नाइन पर भी यही रणनीति जारी रखी और अंतिम होल में कुछ अच्छे शॉट लगाए।”

जिस कोर्स पर उन्होंने बचपन में खेलना शुरू किया था, वहीं खिताब जीतने से यह उपलब्धि उनके लिए और भी खास बन गई। उन्होंने कहा, “मेरे पास इसे व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं, क्योंकि यहां जीतना हमेशा से मेरा सपना रहा है। मैंने वर्षों से केजीए में अच्छा गोल्फ खेला, लेकिन कभी टूर्नामेंट को जीत में नहीं बदल पाया। आखिरकार अपने घरेलू कोर्स पर जीत दर्ज करना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।”

खलिन ने नवा रायपुर और बेंगलुरु में लगातार दो वायर-टू-वायर जीत के दौरान सभी आठ राउंड में बढ़त बनाए रखी। अब उनका ध्यान 15 से 18 अक्टूबर तक दिल्ली गोल्फ क्लब में होने वाली डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप पर होगा। संयोग से खलिन ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब भी वर्ष 2018 में दिल्ली गोल्फ क्लब में ही जीता था।

उन्होंने कहा, “दिल्ली गोल्फ क्लब से मेरी शानदार यादें जुड़ी हैं। मैं अच्छी लय में हूं और वहां लौटकर इस प्रदर्शन को जारी रखने के लिए उत्सुक हूं।” अगस्त में श्रीनगर में मिली खलिन की जीत भी शुरू से अंत तक बढ़त बनाए रखते हुए आई थी।

वीर अहलावत और सप्तक तलवार अब युवराज संधू के साथ जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। एशियाई खेलों की गोल्फ स्पर्धा 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक कासुगाई कंट्री क्लब के ईस्ट कोर्स पर खेली जाएगी।

बेंगलुरु ओपन के साथ 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 60 खिलाड़ियों की दौड़ भी
पूरी हो गई। शीर्ष 60 में जगह बनाने वाले खिलाड़ियों ने 2026-27 सत्र के लिए अपने खेलने के अधिकार
सुरक्षित कर लिए।

बेंगलुरु ओपन 2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष 60 खिलाड़ियों के तय होने से पहले
आखिरी टूर्नामेंट है। इस प्रतियोगिता के बाद शीर्ष 60 में रहने वाले खिलाड़ी 2026-27 सत्र के लिए अपने
खेलने का अधिकार बरकरार रखेंगे।

पांचवें संस्करण के लिए लौट रहे बेंगलुरु ओपन को पावर्ड बाय पार्टनर इंडियनऑयल तथा इवेंट पार्टनर्स हिल्टन बेंगलुरु एम्बेसी गोल्फलिंक्स और हिमालयन का सहयोग प्राप्त है।

टूर्नामेंट को डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अम्ब्रेला पार्टनर डीपी वर्ल्ड के साथ टूर पार्टनर्स एचसीएल, अमूल, एक्सिस बैंक, अमृतांजन एनरलाइट, एयर इंडिया महाराजा क्लब, कल्याणी, गोल्फ प्लस मंथली और गोल्फ डिजाइन इंडिया का भी
समर्थन प्राप्त है।

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