लखनऊ। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष प्रतिवेदक उपेन्द्र सिंह बघेल एवं महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पी.सी. मीना के मध्य कारागारों में निरुद्ध बंदियों के मानवाधिकारों के संरक्षण एवं उनके कल्याण के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप महानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश की कारागारों में बंदियों के स्वास्थ्य, कौशल विकास, मानसिक स्वास्थ्य, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

प्रस्तुतीकरण में महिला बंदियों, उनके साथ रह रहे बच्चों, वृद्ध एवं दिव्यांग बंदियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही व्यवस्थाओं तथा उनके समुचित संरक्षण एवं देखभाल पर विशेष प्रकाश डाला गया।
साथ ही, कारागारों में बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, सम्मानजनक जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं पुनर्वासोन्मुखी गतिविधियों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि कारागारों में निरुद्ध बंदियों के साथ गरिमा, सम्मान एवं मानवीय संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की कारागारों में बंदियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किए जाने के प्रयासों की सराहना की। इसके अतिरिक्त, कारागारों की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सीसीटीवी प्रणाली की भूमिका की भी प्रशंसा की।
बैठक में बंदियों के मानवाधिकारों के संरक्षण, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति तथा कारागारों को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील एवं सुधारोन्मुख बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक कारागार रंग बहादुर पटेल सहित कारागार विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।













