लखनऊ। गोमती नदी में हाल में आई बाढ़ ने लखनऊ में महिला क्रिकेट के अहम सेंटर सेज क्रिकेट ग्राउंड को भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 15 दिनों तक पानी में डूबे रहने से मैदान की पूरी घास खराब हो गई है, जबकि क्रिकेट पिचों और विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है।
अब ग्राउंड को दोबारा खेलने योग्य बनाने के लिए सेज स्पोर्ट्स मैनेजमेंट मरम्मत और पुनर्निर्माण की तैयारी में जुटा है। हालांकि इसे फिर से तैयार करने में एक से दो महीने का समय लग सकता है।
सेज क्रिकेट ग्राउंड पर लखनऊ विमेंस प्रीमियर लीग का आयोजन हो चुका है और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की विभिन्न आयु वर्गों की महिला खिलाड़ियों के शिविर भी यहां आयोजित किए जाते रहे हैं।
यह मैदान लखनऊ में महिला क्रिकेट गतिविधियों के लिए अहम भूमिका निभाता है। बाढ़ से हुए नुकसान के बाद अब यहां क्रिकेट गतिविधियों को दोबारा सुचारु करने के लिए मैदान की सुविधाओं को बहाल करना जरूरी है।
यहां आयोजित लखनऊ विमेंस प्रीमियर लीग के दौरान सीएएएल अध्यक्ष डॉ. नवनीत सहगल (सेवानिवृत्त आईएएस) ने भी मैदान की सुविधाओं की सराहना की थी। वहीं यूपी टी-20 लीग की टीम कानपुर सुपरस्टार्स ने भी इसे अपने घरेलू मैदान के रूप में इस्तेमाल किया था।
आठ साल से बंद मैदान को दो साल की मेहनत से संवारा
सेज स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के प्रबंध निदेशक बृजेंद्र यादव ने बताया कि हमने इस मैदान को वर्ष 2024 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से इस मैदान को लीज पर लिया था।
उस समय मैदान करीब आठ साल से बंद पड़ा था और वहां क्रिकेट की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। इसके बाद सेज स्पोर्ट्स ने लगभग दो करोड़ रुपये के निवेश से दो साल तक मेहनत कर मैदान को क्रिकेट गतिविधियों के लिए तैयार किया।
मैदान में सेलेक्शन-1 किस्म की घास लगाई गई और पुरानी पिचों को खोदकर लाल मिट्टी से दोबारा तैयार किया गया। इसके अलावा काली मिट्टी की दो नई पिचें बनाई गईं। खिलाड़ियों के लिए वातानुकूलित ड्रेसिंग रूम, पोर्टेबल साइड स्क्रीन, डे-नाइट मैचों के लिए फ्लडलाइट और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी की गई।
मैदान और पिचों की सिंचाई के लिए पाइपलाइन सिस्टम, नया ट्यूबवेल और बूस्टर पंप लगाया गया। अभ्यास सुविधाओं के तहत मुख्य मैदान के बाहर 10 अभ्यास पिचें और एक इनडोर अभ्यास पिच बनाई गई। इसके साथ ही कैंटीन, ग्राउंड स्टाफ के लिए आवास, कार्यालय और स्टोर रूम की व्यवस्था की गई।
घास और पिचों को फिर करना होगा तैयार
बृजेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ के पानी में करीब 15 दिनों तक डूबे रहने के कारण मैदान की घास नष्ट हो गई है, जिसे दोबारा लगाना होगा।
पिचों को भी फिर से तैयार करना पड़ेगा। इसके अलावा डीजी सेट और विद्युत पैनल जैसे उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है। इनकी मरम्मत और मैदान की अन्य सुविधाओं को बहाल करने के पुनर्निर्माण का काम किया जाएगा।
सेज स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के अनुसार मैदान को दोबारा तैयार करने में एक से दो महीने लग सकते हैं। प्रबंधन का कहना है कि मैदान को जल्द से जल्द खिलाड़ियों के लिए फिर से उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
मैदान को फिर शुरू करने का संकल्प
बृजेंद्र यादव के अनुसार हमने मैदान को दो साल की मेहनत के बाद तैयार किया था, उसे गोमती नदी की बाढ़ से काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे।
मैदान को दोबारा तैयार करने के लिए प्रयास जारी हैं और हमारा लक्ष्य इसे जल्द से जल्द खिलाड़ियों के लिए फिर से शुरू करना है। पुनर्निर्माण के बाद सेज क्रिकेट ग्राउंड एक बार फिर अभ्यास और क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
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