श्री सीमेंट ने प्रोजेक्ट नमन के ज़रिए शहीद परिवारों के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया

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भारत की प्रमुख सीमेंट निर्माता और देश की सस्टेनेबल सीमेंट कंपनियों में से एक, श्री सीमेंट लिमिटेड ने आज भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर अपनी प्रोजेक्ट नमन पहल को आगे बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही, कंपनी ने देश की सेवा में जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों का समर्थन करने के अपने संकल्प को दोहराया।

इस विस्तार के तहत, श्री सीमेंट ने रक्षा मंत्रालय के केंद्रीय सैनिक बोर्ड (केएसबी) और गृह मंत्रालय के केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ पहले से किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) में पूरक समझौते शामिल किए हैं। इन पूरक समझौतों से प्रोजेक्ट नमन के तहत पात्रता की अवधि बढ़ गई है।

अब इसमें वे पात्र जवान भी शामिल हैं जिन्होंने 1 जनवरी, 1999 और 1 जनवरी, 2026 के बीच अपनी जान गंवाई थी। इससे पहले की कट-ऑफ तारीख 1 जनवरी, 2019 थी, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा शहीद परिवारों को इस पहल का लाभ मिल सके।

ये दोनों पूरक समझौते अलग-अलग कार्यक्रमों में किए गए। केएसबी के साथ हुए समझौते पर केंद्रीय सैनिक बोर्ड के सचिव एयर कमोडोर वी. पी. सिंह और श्री सीमेंट लिमिटेड के सीएसआर प्रमुख श्री विशाल भारद्वाज ने हस्ताक्षर किए, जबकि सीआरपीएफ के साथ हुए समझौते पर सीआरपीएफ के डीआईजी (वैलफेयर) विनय कुमार सिंह और विशाल भारद्वाज ने हस्ताक्षर किए।

प्रोजेक्ट नमन की शुरुआत सशस्त्र बलों के शहीदों के परिवारों को व्यावहारिक और स्थायी सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। इस पहल के तहत, शहीदों के पात्र निकटतम परिजनों को नया घर बनाने के लिए मुफ़्त में सीमेंट उपलब्ध कराया जाता है।

केंद्रीय सैनिक बोर्ड के साथ मिलकर, यह पहल भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के योग्य कर्मियों को कवर करती है, जबकि सीआरपीएफ के साथ मिलकर यह योग्य सीआरपीएफ कर्मियों को कवर करती है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और असम राइफल्स के लिए संशोधित पात्रता अवधि के विस्तार को भी औपचारिक रूप दिया जा रहा है, और आने वाले दिनों में संबंधित अनुबंधों को लागू किए जाने की उम्मीद है।

इस समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए, श्री सीमेंट लिमिटेड के सीएसआर हैड श्री विशाल भारद्वाज ने कहा, “देश की सेवा में दिए गए हर बलिदान के पीछे एक परिवार होता है जो हर दिन उस नुकसान को सहता है। हालांकि हम दिल से उम्मीद करते हैं कि किसी भी परिवार को कभी भी ऐसे नुकसान का सामना न करना पड़े।

प्रोजेक्ट नमन उन परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का हमारा विनम्र प्रयास है, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम अपने शहीदों के परिवारों को यह समर्थन देने और उनके प्रियजनों की विरासत का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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