‘अस्तित्व’ की जंग: पंत और रहाणे के लिए साख बचाने की आखिरी चुनौती

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हाईलाइट्स

  • एलएसजी और केकेआर दोनों टीमों का प्रदर्शन निराशाजनक, इकाना में अहम मुकाबला
  • टीम संयोजन और खिलाड़ियों की अस्थिरता बनी सबसे बड़ी समस्या
  • प्लेऑफ की उम्मीदें बचाने के लिए दोनों टीमों के लिए जीत जरूरी

आईपीएल 2026 का रोमांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, कुछ कप्तानों के लिए साख बचाने की चुनौती पहाड़ जैसी होती जा रही है।

रविवार को जब इकाना स्टेडियम पर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीमें आमने-सामने होंगी, तो यह मुकाबला केवल अंक तालिका की लड़ाई नहीं, बल्कि दो फ्लॉप साबित हो रहे कप्तानों—ऋषभ पंत और अजिंक्य रहाणे—के अस्तित्व की जंग भी होगा।

KKR: रहाणे का अनुभव पड़ रहा भारी

कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस सीजन अजिंक्य रहाणे पर जो भरोसा जताया था, वह अब टीम प्रबंधन के लिए जी का जंजाल बनता दिख रहा है।

38 की उम्र में रहाणे न तो बल्ले से वह आक्रामकता दिखा पा रहे हैं और न ही उनकी कप्तानी में वह ‘स्पार्क’ नजर आ रहा है जिसकी टी20 प्रारूप मांग करता है। केकेआर को अपनी पहली जीत के लिए सात मैचों का लंबा इंतजार करना पड़ा, और वह भी किसी रणनीतिक जीत के बजाय रिंकू सिंह के व्यक्तिगत करिश्मे का नतीजा थी।

टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रणनीतिक अस्थिरता रही है। रचिन रविंद्र जैसे वर्ल्ड क्लास प्लेयर को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना और फिन एलन व टिम सीफर्ट के बीच लगातार फेरबदल करना यह बताता है कि टीम मैनेजमेंट खुद स्पष्ट नहीं है।

गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती का फीका प्रदर्शन और कमजोर पेस अटैक ने रहाणे की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। अब मथीशा पथिराना की वापसी पर सारी उम्मीदें टिकी हैं।

LSG: घरेलू मैदान पर ‘नवाबी’ रसूख गायब

दूसरी तरफ, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स का हाल भी कुछ बेहतर नहीं है। लगातार चार हार ने टीम के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया है। कप्तान पंत खुद भी ‘रन के सूखे’ से जूझ रहे हैं। सनराइजर्स के खिलाफ एक पारी को छोड़ दें, तो अगली पांच पारियों में उनके बल्ले से निकले महज 72 रन टीम की बल्लेबाजी की पोल खोल रहे हैं।

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सबसे ज्यादा चिंता की बात लखनऊ का अपने ही घर (इकाना) में खराब रिकॉर्ड है। इस मैदान पर खेले गए 24 मैचों में से टीम को 15 में हार का सामना करना पड़ा है। निकोलस पूरन और एडन मार्क्रम जैसे विदेशी सितारों की खामोशी ने लखनऊ के मध्यक्रम को बेहद कमजोर बना दिया है।

आंकड़ों की जुबानी: दोनों कप्तान फिसड्डी
  • अजिंक्य रहाणे: 20 मैचों में कप्तानी की, जिनमें से 12 में हार का सामना करना पड़ा और जीत केवल 6 में मिली।
  • ऋषभ पंत: 21 मैचों में नेतृत्व किया, जिसमें 13 हार और महज 8 जीत उनके खाते में आईं।
चमत्कार की उम्मीद में कोलकाता

केकेआर के लिए प्लेऑफ की डगर अब लगभग नामुमकिन नजर आती है। अगले 7 मैचों में से 6 जीतना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। वहीं, लखनऊ के लिए भी यह ‘डू और डाई’ की स्थिति है। क्या पंत अपने घरेलू मैदान का श्राप तोड़ पाएंगे या रहाणे का अनुभव अंततः टीम को डूबने से बचाएगा? इसका फैसला रविवार को इकाना की पिच करेगी।

एलएसजी: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिचेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नोर्किया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान

केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, कैमरन ग्रीन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, फिन एलन, दक्ष कामरा, कार्तिक त्यागी, सार्थक रंजन, सौरभ दुबे

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