मेजबान भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन, विश्व योगासन चैंपियनशिप में 100 पदक पूरे

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हाईलाइट्स

  • जापान तीन स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ दूसरे पायदान पर
  • अर्जेंटीना की नाबिला बर्राजा सबसे सफल एथलीट, जीते दो स्वर्ण और तीन रजत पदको
  • नेपाल दूसरा सबसे सफल दल- जीते 52 पदक, उज्बेकिस्तान ने 25 पदक अपने नाम किए

अहमदाबाद: मेजबान भारत ने सोमवार को यहां ईकेए एरिना में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 पदकों का आंकड़ा छू लिया और अपने दबदबे को पूरी तरह स्थापित किया।

भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में वर्चस्व बनाए रखा और स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाते हुए कुल 114 पदकों के साथ प्रतियोगिता का समापन यादगार अंदाज में किया। इसमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

पदक तालिका में जापान तीन स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं अर्जेंटीना ने तीसरा स्थान हासिल किया, जिसका श्रेय काफी हद तक उसकी एकमात्र प्रतिनिधि नाबिला बर्राजा को जाता है। बर्राजा ने अकेले ही दो स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर अपनी टीम को शीर्ष तीन में पहुंचाया।

हालांकि पदक तालिका में नेपाल पांचवें स्थान पर रहा, लेकिन कुल पदकों की संख्या के लिहाज से वह भारत के बाद दूसरा सबसे सफल दल साबित हुआ। नेपाल ने एक स्वर्ण, 36 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 52 पदक अपने नाम किए।

उज्बेकिस्तान ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, 13 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 25 पदक जीते और प्रतियोगिता के सबसे सफल देशों में शामिल रहा।

पहली बार आयोजित इस विश्व योगासन चैंपियनशिप में दुनिया भर के देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया और योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विश्व योगासन चैंपियनशिप में कुल 79 देशों के 522 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें से 31 देशों के खिलाड़ियों ने कम से कम एक पदक जीता। इनमें से 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप एक ऐतिहासिक आयोजन साबित हुई। वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने वाले इस शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता ने योगासन के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव स्थापित किया।

इसने भारत की प्राचीन योग परंपरा को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल विधा के रूप में स्थापित करने की दिशा में नया आयाम जोड़ा और ओलंपिक आंदोलन के अंतर्गत इसकी मान्यता के मार्ग को भी सशक्त बनाया।

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात, गुजरात पर्यटन तथा गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन का सहयोग प्राप्त था। इस आयोजन ने योगासन को वैश्विक खेल विधा के रूप में स्थापित करने तथा भविष्य में इसे ओलंपिक मान्यता दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया।

मेजबान भारत ने प्रतियोगिता में 122 सदस्यीय दल उतारा था। खिलाड़ियों ने छह आयु वर्गों में प्रतिस्पर्धा की, जिनमें सब-जूनियर पुरुष एवं महिला (10-14 वर्ष), जूनियर पुरुष एवं महिला (14-18 वर्ष), सीनियर (18-28 वर्ष), सीनियर-ए (28-35 वर्ष), सीनियर-बी (35-45 वर्ष) तथा सीनियर-सी (45-55 वर्ष) शामिल थे।

विश्व योगासन के अध्यक्ष योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने अपने वीडियो संदेश में विश्व योगासन चैंपियनशिप को एक वैश्विक आंदोलन की शुरुआत बताया।

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उन्होंने कहा, “विश्व योगासन चैंपियनशिप कोई मंजिल नहीं है, बल्कि एक वैश्विक आंदोलन का प्रारंभ है। योग केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। यह स्वास्थ्य, सामंजस्य, शांति और मानव एकता का मार्ग है। यहां उपस्थित प्रत्येक खिलाड़ी केवल चैंपियन नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में योग का दूत है।

आज हम पदकों और विजेताओं का उत्सव मना रहे हैं, लेकिन कल हमें योग के माध्यम से जुड़े हुए विश्व का निर्माण करना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां से शुरू हुई यह यात्रा एक दिन योगासन को ओलंपिक मंच तक पहुंचाएगी और दुनिया भर की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।”

पांच दिनों तक चली इस चैंपियनशिप ने विभिन्न संस्कृतियों के संगम का भी शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। दुनिया के अलग-अलग देशों से आए खिलाड़ियों ने भारत की मेहमाननवाजी का आनंद लिया और योगासन के इतिहास तथा उसकी विकास यात्रा को भी करीब से जाना।

आर्मेनिया की सोना सोघायन, जिन्होंने तीन वर्ष पहले अपनी दूसरी गर्भावस्था के दौरान योग को अपनाया था, भारत में योगासन को मिले इतने बड़े मंच को देखकर अभिभूत थीं।

उन्होंने कहा, “भारत की अपनी पहली यात्रा से मैं बहुत-सी सुखद यादें साथ लेकर जा रही हूं। आर्मेनिया लौटने के बाद मैं अपने मित्रों के बीच योग की अवधारणा को और अधिक फैलाने का प्रयास करूंगी, क्योंकि यह हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में अत्यंत सहायक है।”

  • परिणाम
  • आर्टिस्टिक पेयर
  • सब-जूनियर महिला
  • • स्वर्ण — ईशिका गुच्छैत एवं ईशानवी (भारत) — 90.89
    • रजत — निया विजयवर्गीय एवं आरोही लोखंडे (जाम्बिया) — 82.38
    • कांस्य — रेंका आओकी एवं इचिका शिमिजु (जापान) — 60.34
  • जूनियर महिला
  • • स्वर्ण — दीपा लोढ़ी एवं सीमा नियोपाने (भारत) — 90.42
    • रजत — स्वेक्ष्या थापा एवं प्रज्ञा गौतम (नेपाल) — 56.39
    • कांस्य — तसिला ब्लेसिंग्स फिरी एवं डेबोरा (जाम्बिया) — 41.30
  • जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — आयुष भौमिक एवं ओम देहंकर (भारत) — 91.03
    • रजत — मुखेशकर राजन एवं प्रतीश संजीव कुमार (श्रीलंका) — 33.08
    • कांस्य — कन्ना सिंह खड़का एवं संदेश धिताल (नेपाल) — 20.27
  • रिदमिक पेयर
  • सीनियर महिला
  • • स्वर्ण — इंदु माठुरिया एवं देवी (भारत) — 71.77
    • रजत — जुमानोवा आलिया अबुबाकिर एवं अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान) — 68.84
    • कांस्य (संयुक्त) — चारुनी निकेशला कीरिपिटिया गमेथिगे एवं सौम्या सेवमिनी गुरुगामगे (श्रीलंका) व मनार मोहम्मद अल मस्करी एवं श्रेया नागासुब्रमणियन (ओमान) — 23.05
  • लेग बैलेंस इंडिविजुअल
  • सब-जूनियर महिला
  • • स्वर्ण — शालिनी डे (भारत) — 45.00
    • रजत — सुमन्ता (नेपाल) — 33.33
    • कांस्य — आरोही लोखंडे (जाम्बिया) — 32.84
  • हैंड बैलेंस इंडिविजुअल
  • सब-जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — अर्थव सिंह नेगी (भारत) — 48.08
    • रजत — प्रयास जंग चौहान (नेपाल) — 40.05
    • कांस्य — प्रणद रत्नकुमार (श्रीलंका) — 33.39
  • सीनियर महिला
  • • स्वर्ण — शिल्पा दास (भारत) — 45.79
    • रजत — ऐझान कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान) — 39.69
    • कांस्य — छादियन परियार (नेपाल) — 35.05
  • बैक बेंड इंडिविजुअल
  • सब-जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — गोकर्ण शर्मा (भारत) — 48.25
    • रजत — यातीश कृष्णंथन (श्रीलंका) — 35.90
    • कांस्य — टिमोथी जेम्स (रोमानिया) — 32.18
  • सब-जूनियर महिला
  • • स्वर्ण — रिशा शेट्टी (भारत) — 46.75
    • रजत — यश्वी बाबरिया (ओमान) — 43.39
    • कांस्य — सोनम वांग्मो तामांग (नेपाल) — 40.38
  • जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — राज काजोल (भारत) — 46.50
    • रजत — निबिसुन तामांग (नेपाल) — 36.83
    • कांस्य — जय राजेश सोनजा (ओमान) — 31.76
  • जूनियर महिला
  • • स्वर्ण — अनिका राणा (भारत) — 45.33
    • रजत — प्रिया घर्ती क्षेत्री (नेपाल) — 36.79
    • कांस्य — थुवेशा रमेश (श्रीलंका) — 36.23
  • ट्विस्टिंग बॉडी इंडिविजुअल
  • जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — आदर्श (भारत) — 47.83
    • रजत — अलिखोन रखमानो (उज्बेकिस्तान) — 37.76
    • कांस्य — परांजय संजीव व्यास (ओमान) — 35.39
  • सीनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — सुभाजीत कर्मकार (भारत) — 45.42
    • रजत — एलन (उज्बेकिस्तान) — 39.73
    • कांस्य — अर्कान फौज़ान रियांतो (इंडोनेशिया) — 38.09
  • सीनियर महिला
  • • स्वर्ण — मधु वर्मा (भारत) — 44.08
    • रजत — अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान) — 37.39
    • कांस्य — श्रेया नागासुब्रमणियम (ओमान) — 36.79
  • सुपाइन इंडिविजुअल
  • जूनियर पुरुष
  • • स्वर्ण — द्रोण (भारत) — 37.91
    • रजत — बाबिन श्रेष्ठ (नेपाल) — 35.44
    • कांस्य — जय राजेश सोनेजी (ओमान) — 33.64
  • सीनियर महिला
  • • स्वर्ण — रिया (भारत) — 42.48
    • रजत — एशियन कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान) — 41.30
    • कांस्य — जुमानोवा अकीया अबुबाकिर किज़ी (उज्बेकिस्तान) — 39.84।

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