लखनऊ। जिस मैदान पर नन्हे क्रिकेटरों के बल्ले से चौके-छक्के निकलते थे, जहां बेहतर खिलाड़ी बनने के सपने आकार लेते थे, वहां अब दूर-दूर तक पानी भरा है।
लखनऊ क्रिकेट अकादमी की टर्फ, नेट और कवर्ड पिच जलमग्न, दूसरे मैदानों पर अभ्यास करने को मजबूर बच्चे
हुसैनाबाद स्थित कुड़ियाघाट की लखनऊ क्रिकेट अकादमी का पूरा मैदान बाढ़ की चपेट में है। टर्फ पिच, नेट और बारिश में भी अभ्यास जारी रखने के लिए बनाई गई कवर्ड पिच तक पानी में डूब गई हैं।

अपने मैदान की इस हालत को देखकर बच्चे मायूस हैं। रोजाना यहां अभ्यास करने वाले नन्हे खिलाड़ियों को अब दूसरे मैदानों का रुख करना पड़ रहा है। वहीं, अपने मैदान पर वापसी के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
मैदान जलमग्न, अभ्यास प्रभावित
रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे संवाददाता ने अकादमी का मैदान पानी में डूबा पाया। जिन पिचों पर बच्चे बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग का अभ्यास करते थे, वे पानी में डूबी थीं।

अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों के लिए यह मैदान सिर्फ क्रिकेट सीखने की जगह नहीं, बल्कि उनकी रोजाना की मेहनत और खेल में आगे बढ़ने की उम्मीदों से भी जुड़ा है। बाढ़ के कारण उन्हें अब दूसरे मैदानों पर अभ्यास करना पड़ रहा है, जहां अपने मैदान जैसी सुविधाएं मिलना आसान नहीं है।
मैदान दुरुस्त होने में लग सकते हैं तीन महीने
अकादमी के सचिव अर्शी राजा ने मैदान की स्थिति पर अफसोस जताते हुए कहा कि बच्चों ने जिस मैदान पर मेहनत की, उसे इस हाल में देखना बेहद दुखद है। अकादमी के साथ आसपास के दर्जनों इलाके भी बाढ़ से प्रभावित हैं। पानी उतरने के बाद ही मैदान और पिचों को हुए नुकसान का सही आकलन हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी मैदान को दोबारा खेलने लायक बनाने में करीब तीन महीने लग सकते हैं। फिलहाल प्रशिक्षु दूसरे मैदानों पर अभ्यास कर रहे हैं।
कवर्ड पिच भी नहीं बची
बारिश के दौरान भी बच्चों का अभ्यास जारी रखने के उद्देश्य से अकादमी में कवर्ड पिच बनाई गई थी, ताकि खराब मौसम में उनकी ट्रेनिंग प्रभावित न हो। लेकिन बाढ़ का पानी इस व्यवस्था तक पहुंच गया और कवर्ड पिच भी जलमग्न हो गई। अब मैदान से पानी उतरने के बाद उसे दोबारा अभ्यास के अनुकूल बनाने की चुनौती होगी।
फिलहाल अकादमी के बच्चों को अपने मैदान पर लौटने के लिए इंतजार करना होगा। मैदान को दुरुस्त करने में लगने वाला समय उनकी नियमित ट्रेनिंग को भी प्रभावित कर सकता है।













